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यूपी: साइबर अपराध पर शिकंजा कसने में पुलिस नाकाम, यहां रोजाना सामने आ रहे आधा दर्जन केस
Tue, 24 Aug 2021 07:38 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 24 Aug 2021 07:38 PM IST
सार
मेरठ दौरे के समय डीजीपी मुकुल गोयल ने भी कहा था कि साइबर अपराध पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। उन्होंने जिले के कप्तानों को निर्देश दिए कि पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगे।
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एसएसपी प्रभाकर चौधरी।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मेरठ में तमाम दावों के बावजूद पुलिस साइबर अपराध पर शिकंजा कसने में नाकाम साबित हो रही है। रोजाना पांच से छह लोगों से साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस का मानना है कि साइबर ठगी के मामलों में लोगों को जागरूक रहने की जरूरत ज्यादा है। इसलिए पुलिस जागरूकता अभियान चलाएगी।
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साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। मेरठ दौरे के समय डीजीपी मुकुल गोयल ने भी कहा था कि साइबर अपराध पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। उन्होंने जिले के कप्तानों को निर्देश दिए कि पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगे। मेरठ पुलिस ने जिले का रिकॉर्ड खंगाला तो रोजाना पांच-छह लोगों से साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं।
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साइबर अपराधी नए तरीके से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इसलिए साइबर अपराधियों को पकड़ने में पुलिस नाकाम हो रही है। हालांकि पुलिस अधिकारी दावा करते है कि रोजाना ठगी के कुछ रुपयों को साइबर सेल वापस कराती है, लेकिन अधिकतर साइबर अपराधी हत्थे नहीं चढ़ते।
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जागरूकता से रुकेगा 80 फीसदी साइबर अपराध
एसएसपी प्रभाकर चौधरी के मुताबिक साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिये आम लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। इससे 80 फीसदी साइबर अपराध रुक सकता है। इसलिए लोगों को जागरूक करने के लिये पुलिस द्वारा अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए शहर के लोगों को साइबर अपराध की घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक दिशा निर्देशों के पोस्टर और पंफलेट दिए जाएंगे। विशेषज्ञों को बुलाकर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।