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पुलिस बताए, कब ध्वस्त करना है अलकरीम
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 23 Sep 2016 02:07 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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घंटाघर स्थित होटल अलकरीम प्रकरण में इस बार सख्त और पूरी कार्रवाई करने की पुख्ता तैयारी की जा रही है। आधी-अधूरी कार्रवाई करने के बाद अदालत की अवमानना में चार बड़े अधिकारियों के फंस जाने से हड़कंप की स्थिति है। इस बाबत बृहस्पतिवार को एमडीए वीसी योगेंद्र यादव के साथ एसपी सिटी ओमप्रकाश की वार्ता हुई और ध्वस्तीकरण का प्लान तैयार किया गया।
होटल अलकरीम का एमडीए और नगर निगम से पुराना विवाद है। दरअसल निगम ने केवल इसके भूतल का आवंटन किया था और होटल स्वामी ने अनाधिकृत रूप से ऊपरी मंजिल तैयार करा दी। मामला हाईकोर्ट गया तो वहां से ध्वस्तीकरण का आदेश आ गया। कार्रवाई शुरू की गई, तो होटल स्वामी ने अपने ही लोगों को लगाकर खुद ही हथोड़े से होटल की ऊपरी मंजिल तोड़नी शुरू कर दी थी। पूरी तरह ध्वस्तीकरण नहीं किया गया, इसके बावजूद एमडीए अधिकारियों ने इसी पर संतुष्टि जता दी। इधर वादी नूर इलाही, वीरेंद्र सिंह ने अदालत में गुहार लगाई। कहा कि अदालत के आदेश का पालन नहीं किया गया। नतीजा अदालत की अवमानना का मामला बना और इस पर नोटिस जारी किया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि नौ नवंबर तक इसका ध्वस्तीकरण कर सूचित करें।
कई बार तय तारीख पर नहीं मिली फोर्स
एमडीए अधिकारियों ने इस बाबत जिलाधिकारी, एसएसपी और नगरायुक्त को पत्र लिखा है। कहा है कि इस बार तारीख वे मुकर्रर करें। दरअसल, एमडीए ने पहले जब तारीख तय की, तो कई बार फोर्स ही नहीं मिली। ऐसे में इस बार गेंद दूसरे पाले में रखी गई है।
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होटल अलकरीम का एमडीए और नगर निगम से पुराना विवाद है। दरअसल निगम ने केवल इसके भूतल का आवंटन किया था और होटल स्वामी ने अनाधिकृत रूप से ऊपरी मंजिल तैयार करा दी। मामला हाईकोर्ट गया तो वहां से ध्वस्तीकरण का आदेश आ गया। कार्रवाई शुरू की गई, तो होटल स्वामी ने अपने ही लोगों को लगाकर खुद ही हथोड़े से होटल की ऊपरी मंजिल तोड़नी शुरू कर दी थी। पूरी तरह ध्वस्तीकरण नहीं किया गया, इसके बावजूद एमडीए अधिकारियों ने इसी पर संतुष्टि जता दी। इधर वादी नूर इलाही, वीरेंद्र सिंह ने अदालत में गुहार लगाई। कहा कि अदालत के आदेश का पालन नहीं किया गया। नतीजा अदालत की अवमानना का मामला बना और इस पर नोटिस जारी किया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि नौ नवंबर तक इसका ध्वस्तीकरण कर सूचित करें।
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कई बार तय तारीख पर नहीं मिली फोर्स
एमडीए अधिकारियों ने इस बाबत जिलाधिकारी, एसएसपी और नगरायुक्त को पत्र लिखा है। कहा है कि इस बार तारीख वे मुकर्रर करें। दरअसल, एमडीए ने पहले जब तारीख तय की, तो कई बार फोर्स ही नहीं मिली। ऐसे में इस बार गेंद दूसरे पाले में रखी गई है।
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