योगी की अपेक्षा पर खरा नहीं उतर रही पुलिस, सांसद ने उठाए ये तीन सवाल
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छेड़छाड़ से परेशान छात्रा की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में पुलिस निष्क्रिय और संवेदनहीन रही। यह चिंताजनक है। इससे बड़ी बात यह है कि खुद एसएसपी इस मामले में निरंकुश और लापरवाह अधीनस्थों को बचाने के लिए आगे आ रही हैं। इससे साफ है कि मेरठ का पुलिस-प्रशासन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर रहा है।
बाउंड्री रोड स्थित एक होटल में सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने अपने कार्यकाल को लेकर शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत की। जिसमें उनके प्रयासों से शुरू एवं पूर्ण हुए विकास कार्यों के साथ इस वर्ष प्रस्तावित कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया। इस वार्ता में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर छह जनवरी को छेड़छाड़ से त्रस्त युवती द्वारा खुद को आग लगाने और बृहस्पतिवार को उसकी मेडिकल कॉलेज में मृत्यु हो जाने पर दुख जताने के साथ पुलिस की कार्यप्रणाली पर आक्रोश जताया।
सांसद ने कहा कि इस मामले में वह पीड़ित परिवार के साथ हैं, घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में वह स्वयं एसएसपी से वार्ता करेंगे तथा पीड़ित परिवार से मिलने भी जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है। निश्चित ही सीएम योगी द्वारा इसमें कार्रवाई की जा सकती है। भाजपा सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस को छूट दे रखी है। उसके परिणाम भी काफी अच्छे आए हैं। हालांकि मेरठ में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है।
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पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उठाए सवाल
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने शुक्रवार दोपहर बाद पंचगांव पट्टी अमरसिंहपुर पहुंचकर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों से भी बात की। सांसद ने बताया कि पुलिस जो कहानी बयां कर रही है, वह पूरी तरह झूठी है। इसके बाद भी तीन सवाल हैं। इनके जवाब यदि पुलिस के पास हैं तो वह दे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने छह जनवरी की घटना की 11 जनवरी तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की। हालांकि मेडिकल कॉलेज से लगातार खबर जाती रही कि झुलसी किशोरी भर्ती हुई है। एसओ भावनपुर का कहना है कि तहरीर नहीं आई। यह उनकी कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है। महिला उत्पीड़न पर योगी सरकार का रवैया जीरो टॉलरेंस है। इसके बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके साथ ही पीड़ित युवती 10 जनवरी तक बातचीत करती रही इसके बावजूद पुलिस ने उसके मृत्यु पूर्व बयान दर्ज नहीं किए। उन्होंने कहा कि एसएसपी को ऐसी क्या जल्दी थी कि युवकों को पकड़ते ही निर्दोष करार दे दिया।
प्रकरण मुख्यमंत्री तक ले जाऊंगा
सांसद ने कहा कि वह इस मामले में एडीजी पुलिस समेत डीजीपी से बात कर चुके हैं और मुख्यमंत्री से भी करेंगे। पुलिस आरोपी युवकों को बचाने के लिए झूठी कहानी बयां कर रही है।
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