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Meerut News: ऑनलाइन गेम खेलकर बना कर्जदार तो गढ़ी बेटे के झूठे अपहरण की कहानी
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मेरठ..कंवलजीत..अपने ही पुत्र की झूठी अपहरण फिरौती की कंकरखेड़ा पुलिस को सुचना देने वाले दीपक को
- फोटो : credit
कंकरखेड़ा के अशोक नगर निवासी दीपक ने ऑनलाइन गेम खेलकर कर्जदार बन गया। उसने कर्जा उतारने के लिए अपने नाबालिग बेटे के अपहरण झूठी कहानी गढ़ दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज आदि के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो 24 घंटे में पूरे मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने नाबालिग बेटे को सकुशल ढूंढकर आरोपी दीपक को गिरफ्तार किया है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि दीपक ने मंगलवार को पुलिस को तहरीर दी कि उसका 15 वर्षीय बेटा कोचिंग के लिए गया था और वापस नहीं लौटा। दीपक ने पुलिस को यह भी बताया कि अज्ञात लोगों ने उसके बेटे को छोड़ने के बदले छह लाख रुपये की मांग की है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और दीपक के बयानों का मिलान किया। पुलिस को दीपक की बातों पर संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी दीपक टूट गया और उसने सच उगल दिया। उसने पुलिस को बताया कि उसने ऑनलाइन दो लाख रुपये का लोन लेकर गेम खेला। वह यह रुपये भी हार गया। इससे वह लगभग सात लाख रुपये का कर्जदार बन गया था। वह फिरौती की रकम के नाम पर रिश्तेदारों से पैसा लेकर कर्ज उतारना चाहता था।
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कम्यूनिटी गेमिंग एप में लगाए पैसे
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी एक मोबाइल ऐप में पैसे खर्च करता था। इसमें आरोपी ऑनलाइन गेम खेलता था। इसके अंतर्गत ग्रुप वॉयस रूम में शामिल होकर गेम खेलता था। लाइव जाकर फॉलोअर्स को अपनी बातें शेयर कर सकता था। इसके अलावा उन्हें गिफ्ट भी भेज सकता था। गेम के हर टास्क में पैसे खर्च होते थे और गिफ्ट भी एप से ही ऑनलाइन खरीदने होते थे।
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एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि दीपक ने मंगलवार को पुलिस को तहरीर दी कि उसका 15 वर्षीय बेटा कोचिंग के लिए गया था और वापस नहीं लौटा। दीपक ने पुलिस को यह भी बताया कि अज्ञात लोगों ने उसके बेटे को छोड़ने के बदले छह लाख रुपये की मांग की है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और दीपक के बयानों का मिलान किया। पुलिस को दीपक की बातों पर संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी दीपक टूट गया और उसने सच उगल दिया। उसने पुलिस को बताया कि उसने ऑनलाइन दो लाख रुपये का लोन लेकर गेम खेला। वह यह रुपये भी हार गया। इससे वह लगभग सात लाख रुपये का कर्जदार बन गया था। वह फिरौती की रकम के नाम पर रिश्तेदारों से पैसा लेकर कर्ज उतारना चाहता था।
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कम्यूनिटी गेमिंग एप में लगाए पैसे
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी एक मोबाइल ऐप में पैसे खर्च करता था। इसमें आरोपी ऑनलाइन गेम खेलता था। इसके अंतर्गत ग्रुप वॉयस रूम में शामिल होकर गेम खेलता था। लाइव जाकर फॉलोअर्स को अपनी बातें शेयर कर सकता था। इसके अलावा उन्हें गिफ्ट भी भेज सकता था। गेम के हर टास्क में पैसे खर्च होते थे और गिफ्ट भी एप से ही ऑनलाइन खरीदने होते थे।
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