UP: मेरठ में पहली बार स्मैक माफिया तस्लीम पर लगा पीआईटीएनडीपीएस
मेरठ जिले में पहली बार जेल में बंद मछेरान रेलवे रोड निवासी स्मैक माफिया तस्लीम पर स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम (पीएनडीपीएस) लगाया है।
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नशीला पदार्थ देकर युवाओं में शरीर में जहर घोलने का काम किया जा रहा है। पुलिस उसे कई बार जेल भेज चुकी है और वह जमानत पर छूटकर बाहर आकर फिर से स्मैक सप्लाई करने लगता है। तसलीम के मुकदमों का हवाला देकर अभियोजन, आबकारी और डीएम-एसएसपी की रिपोर्ट पर शासन ने यह एक्ट लगाने की संस्तुति हुई है।
पुलिस के मुताबिक पीआईटीएनडीपीएस एक्ट लगने के बाद तसलीम करीब एक साल जेल में रहेगा। दावा किया जा रहा है कि मेरठ में स्मैक माफिया पर यह पहली बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले लखनऊ, बरेली और कानपुर में इस एक्ट के तहत नशे का धंधा करने वाले आरोपियों पर इस एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि कोर्ट के माध्यम से इस एक्ट की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
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पुलिस के मुताबिक स्मैक माफिया तसलीम शातिर है। तसलीम और उसका पूरा परिवार स्मैक और चरस की सप्लाई करता है। पुलिस उसे पकड़ने जाती थी, तभी वह पुलिस फोर्स पर हमला करा देता था। सन 2014 में तत्कालीन एएसपी कैंट अभिषेक सिंह ने दबिश देकर तसलीम को गिरफ्तार किया था।
तसलीम ने मछेरान, लिसाड़ीगेट और अन्य जगह पर घर बनाकर उसमें तहखाने बनाए हुए हैं। वहां उसका स्मैक का धंधा चलता था। तसलीम पर पुलिस ने गैंगस्टर तक की कार्रवाई की। वह कई बार जेल जा चुका है। इसके बावजूद उसने धंधा बंद नहीं किया। फिलहाल भी जेल में बंद है।
अब पुलिस ने स्मैक माफिया की पूरी रिपोर्ट तैयार की और एक सप्ताह पहले अभियोजन, आबकारी और डीएम-एसएसपी ने स्मैक माफिया के अपराध की कुंडली शासन को भेजी थी। इसके साथ ही पीआईटीएनडीपीएस लगाने की अनुमति शासन से मांगी गई। यह अनुमति मिलने के बाद शनिवार को तसलीम पर पीआईटीएनडीपीएस एक्ट में निरुद्ध किया गया।