{"_id":"6a8d8bca4161de515c01bf8e","slug":"permission-not-granted-for-the-chhari-fair-meerut-news-c-14-1-mrt1002-1282777-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: छड़ियों के मेले को लेकर नहीं मिली अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: छड़ियों के मेले को लेकर नहीं मिली अनुमति
Tue, 25 Aug 2026 06:04 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 25 Aug 2026 06:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सदर थाने में दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष में दिए तर्क
-मेला संचालन को लेकर दो पक्षों में चल रहा विवाद
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। ऐतिहासिक छड़ियों के मेले को लेकर मंगलवार को सदर थाने में दोनों पक्षों की बैठक हुई। बैठक में मेले के आयोजन और समिति के अधिकार को लेकर दोनों पक्षों ने अपने अपने दावे और साक्ष्य प्रस्तुत किए। हालांकि विवाद का हवाला देते हुए पुलिस ने मेले की अनुमति देने से इंकार कर दिया।
प्रोफेसर डॉ. संतोष शर्मा ने प्रशासन के सामने ऐतिहासिक परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही विरासत का हवाला देते हुए कहा कि मेले की अनुमति अपने पक्ष को दी दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज लंबे समय से इसका संचालन करते आए हैं और जिनके साथ छड़ी भक्त व सेवादार जुड़े हैं। पंथ की ओर से महंत शेखर गोरखपंथी, संजय भगत पौड़ीवाला, मुंसफ साहब, अमित भगत, राकेश भगत, सुधीर भगत, सुभाष खलीफा और सर्वेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में छड़ी भक्त व सेवादार मौजूद रहे।
उधर दूसरे पक्ष की तरफ से श्री जहावीर गोगा चौहान मेला समिति के संरक्षक विनोद कुमार बेचैन ने बताया कि मेला समिति के अध्यक्ष भारत सिंह आजाद और महामंत्री विरेंद्र उर्फ बिट्टू की मंगलवार सुबह थाना सदर इंस्पेक्टर से बात हुई थी। इस दौरान ने साक्ष्य नहीं देखे। इसके मेले की अनुमति देने से इन्कार कर दिया। अब समिति अपर जिलाधिकारी नगर से मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
-मेला संचालन को लेकर दो पक्षों में चल रहा विवाद
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। ऐतिहासिक छड़ियों के मेले को लेकर मंगलवार को सदर थाने में दोनों पक्षों की बैठक हुई। बैठक में मेले के आयोजन और समिति के अधिकार को लेकर दोनों पक्षों ने अपने अपने दावे और साक्ष्य प्रस्तुत किए। हालांकि विवाद का हवाला देते हुए पुलिस ने मेले की अनुमति देने से इंकार कर दिया।
प्रोफेसर डॉ. संतोष शर्मा ने प्रशासन के सामने ऐतिहासिक परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही विरासत का हवाला देते हुए कहा कि मेले की अनुमति अपने पक्ष को दी दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज लंबे समय से इसका संचालन करते आए हैं और जिनके साथ छड़ी भक्त व सेवादार जुड़े हैं। पंथ की ओर से महंत शेखर गोरखपंथी, संजय भगत पौड़ीवाला, मुंसफ साहब, अमित भगत, राकेश भगत, सुधीर भगत, सुभाष खलीफा और सर्वेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में छड़ी भक्त व सेवादार मौजूद रहे।
विज्ञापन
उधर दूसरे पक्ष की तरफ से श्री जहावीर गोगा चौहान मेला समिति के संरक्षक विनोद कुमार बेचैन ने बताया कि मेला समिति के अध्यक्ष भारत सिंह आजाद और महामंत्री विरेंद्र उर्फ बिट्टू की मंगलवार सुबह थाना सदर इंस्पेक्टर से बात हुई थी। इस दौरान ने साक्ष्य नहीं देखे। इसके मेले की अनुमति देने से इन्कार कर दिया। अब समिति अपर जिलाधिकारी नगर से मिलेगी।
विज्ञापन