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पहले दिया धरना, फिर चली चिकन बिरयानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Feb 2018 01:22 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुनाव स्थगित किए जाने से नाराज बसपा व सपा पार्षदों ने दूसरे दिन शुक्रवार को भी निगम परिसर में धरना दिया। धरने पर बैठे पार्षदों ने नगरायुक्त के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी टिप्पणी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हद तो तब हो गई जब निगम परिसर में ही धरनारत पार्षदों ने चिकन बिरयानी की दावत उड़ाई। इस कारण परिसर में मांस और हड्डियों से गंदगी फैल गयी। इसको लेकर निगम कर्मचारी और भाजपा पार्षदों में नाराजगी जताई।
15 फरवरी को महापौर सुनीता वर्मा ने टाउन हॉल में निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के चुनाव और पुनरीक्षित बजट की बैठक बुलायी थी। इसको नगरायुक्त ने भाजपा पार्षदों की आपत्ति पर स्थगित कर दिया था। इससे नाराज बसपा, सपा और कुछ निर्दलीय पार्षद आंदोलन की राह पर आ गए। शुक्रवार को नगर निगम में जहां महापौर सुनीता वर्मा अपने कार्यालय में बैठी रहीं, वहीं बाहर पार्षद धरने पर रहे। पार्षद गफ्फार, मो. कासिम, सविता गुर्जर, इदरीश, धर्मवीर और पार्षद पति शाहिद अब्बासी भोपाल सिंह चांदना आदि ने कहा कि नगरायुक्त की तानाशाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव स्थगित करके नगरायुक्त ने अपनी विकास विरोधी मानसिकता को दर्शाया है।
पार्षदों ने कहा कि जब तक नगरायुक्त महापौर से अपनी गलती स्वीकार नहीं करते तब तक निगम में पार्षदों का अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा। पार्षद सविता गुर्जर ने कहा कि अगर नगरायुक्त अपना व्यवहार नहीं बदलते हैं तो निगम में तालाबंदी से भी पीछे नहीं हटेंगे। नगरायुक्त ने महापौर और पार्षदों का अपमान किया है। यह हमारी विकास ही नहीं बल्कि सम्मान की लड़ाई है। धरने पर पार्षद राजकुमारी, हाजी सईद, कयूम, सिराज सैफी, नवाब, मोबीन, इकराम सहित काफी पार्षद और पार्षद समर्थक रहे।
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सजा दिया दस्तरखान
नगर निगम में धरना दे रहे पार्षदों ने निगम परिसर में ही चिकन बिरयानी की दावत का दस्तरखान सजा दिया। बाहर से देग में लाई गई चिकन बिरयानी आते ही पार्षद खाने पर टूट पड़े। हालांकि कुछ पार्षदों ने व्यवस्था संभाली। परिसर में पंगत सजाई गई। हिंदू महिला पार्षद हो या फिर मुस्लिम पार्षद सभी ने एक साथ बैठकर चिकन बिरयानी खायी।
नगरायुक्त ने करायी वीडियोग्राफी
नगर निगम में चिकन बिरयानी की दावत करने वाले सभी पार्षद और बाहरी लोगों की नगरायुक्त ने वीडियोग्राफी करायी। धरने में बाहरी लोगों की मौजूदगी पर नगरायुक्त का पारा चढ़ गया है। वीडियो में कुछ पार्षदों द्वारा नगरायुक्त, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को अपशब्द भी सुनने को मिल रहे हैं। नगरायुक्त का कहना है कि वीडियोग्राफी कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। ताकी किसी भी अनहोनी के लिए जिम्मेदारों को चिंहित किया जा सके।
जाकी रही भावना जैसी
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि नगर निगम पार्षदों के लिए एक मंदिर के समान है। जिसको जन सेवा का मंदिर भी कहा जा सकता है। उचित होता कि निगम में मांस और शराब का सेवन किसी भी कीमत पर नहीं होना चाहिए। फिर भी यही कहा जा सकता है कि जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।
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15 फरवरी को महापौर सुनीता वर्मा ने टाउन हॉल में निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के चुनाव और पुनरीक्षित बजट की बैठक बुलायी थी। इसको नगरायुक्त ने भाजपा पार्षदों की आपत्ति पर स्थगित कर दिया था। इससे नाराज बसपा, सपा और कुछ निर्दलीय पार्षद आंदोलन की राह पर आ गए। शुक्रवार को नगर निगम में जहां महापौर सुनीता वर्मा अपने कार्यालय में बैठी रहीं, वहीं बाहर पार्षद धरने पर रहे। पार्षद गफ्फार, मो. कासिम, सविता गुर्जर, इदरीश, धर्मवीर और पार्षद पति शाहिद अब्बासी भोपाल सिंह चांदना आदि ने कहा कि नगरायुक्त की तानाशाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव स्थगित करके नगरायुक्त ने अपनी विकास विरोधी मानसिकता को दर्शाया है।
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पार्षदों ने कहा कि जब तक नगरायुक्त महापौर से अपनी गलती स्वीकार नहीं करते तब तक निगम में पार्षदों का अनिश्चित कालीन धरना जारी रहेगा। पार्षद सविता गुर्जर ने कहा कि अगर नगरायुक्त अपना व्यवहार नहीं बदलते हैं तो निगम में तालाबंदी से भी पीछे नहीं हटेंगे। नगरायुक्त ने महापौर और पार्षदों का अपमान किया है। यह हमारी विकास ही नहीं बल्कि सम्मान की लड़ाई है। धरने पर पार्षद राजकुमारी, हाजी सईद, कयूम, सिराज सैफी, नवाब, मोबीन, इकराम सहित काफी पार्षद और पार्षद समर्थक रहे।
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सजा दिया दस्तरखान
नगर निगम में धरना दे रहे पार्षदों ने निगम परिसर में ही चिकन बिरयानी की दावत का दस्तरखान सजा दिया। बाहर से देग में लाई गई चिकन बिरयानी आते ही पार्षद खाने पर टूट पड़े। हालांकि कुछ पार्षदों ने व्यवस्था संभाली। परिसर में पंगत सजाई गई। हिंदू महिला पार्षद हो या फिर मुस्लिम पार्षद सभी ने एक साथ बैठकर चिकन बिरयानी खायी।
नगरायुक्त ने करायी वीडियोग्राफी
नगर निगम में चिकन बिरयानी की दावत करने वाले सभी पार्षद और बाहरी लोगों की नगरायुक्त ने वीडियोग्राफी करायी। धरने में बाहरी लोगों की मौजूदगी पर नगरायुक्त का पारा चढ़ गया है। वीडियो में कुछ पार्षदों द्वारा नगरायुक्त, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को अपशब्द भी सुनने को मिल रहे हैं। नगरायुक्त का कहना है कि वीडियोग्राफी कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। ताकी किसी भी अनहोनी के लिए जिम्मेदारों को चिंहित किया जा सके।
जाकी रही भावना जैसी
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि नगर निगम पार्षदों के लिए एक मंदिर के समान है। जिसको जन सेवा का मंदिर भी कहा जा सकता है। उचित होता कि निगम में मांस और शराब का सेवन किसी भी कीमत पर नहीं होना चाहिए। फिर भी यही कहा जा सकता है कि जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।