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फतह के साथ शिकस्त की भी रणनीति
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sat, 26 Sep 2015 01:09 AM IST
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जिला पंचायत सदस्य के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में अध्यक्ष पद के दावेदार फतह के साथ शिकस्त की भी रणनीति बनाने में जुटे हैं। विपक्ष अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों को पहले ही पायदान पर मात देने के लिए मंथन में जुटा है। ऐसे में सपा में ही जहां तीन गुट एक-दूसरे को घेरने की तैयारी में हैं, तो भाजपा इन तीनों की चाल पर नजर रखते हुए बिसात बिछानी शुरू कर दी है।
इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनारक्षित होने से कई चर्चित नाम मैदान में आ रहे हैं। इनमें समाजवादी पार्टी से ही तीन दावेदार प्रमुख रूप से सामने हैं। इनमें वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह जहां पूरी तैयारी और पैनल के साथ मैदान में हैं, तो कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के पुत्र नवाजिश मंजूर और एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल के भतीजे अजय अग्रवाल भी अध्यक्ष की कुर्सी पर नजर रखते हुए मैदान में उतर रहे हैं। यदि ये तीनों जीतकर आते हैं तो निश्चित रूप से पार्टी हाईकमान तय करेगा कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कौन लड़ेगा।
सपा सूत्रों की मानें तो इस दौड़ में नवाजिश मंजूर और अजय अग्रवाल के बीच प्रदेश मुख्यालय से जोर आजमाइश होगी। यह देखते हुए मनिंदरपाल सिंह गुट इन दोनों को पहले ही घेरने में जुटा है। वहीं, डॉ. सरोजिनी अग्रवाल गुट नवाजिश मंजूर और शाहिद मंजूर गुट अजय अग्रवाल को घेरने में जुटे हैं। तीनों ही गुट एक-दूसरे को जिला पंचायत सदस्य चुनाव में ही शिकस्त देकर अपनी आगे की राह आसान करने के लिए जोड़-तोड़ में लगे हैं।
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इन सबके बीच भाजपा भी तीनों की रणनीति पर फोकस किये हुए है। लेकिन, भाजपा का मुख्य निशाना नवाजिश मंजूर और अजय अग्रवाल हैं। भाजपा वार्ड-31 में नवाजिश मंजूर और वार्ड-22 में अजय अग्रवाल को घेरने के लिए या किसी मजबूत प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी या फिर किसी कमजोर को चुनाव लड़वाकर दूसरे दमदार उम्मीदवार की राह आसान कर सकती है।
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इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनारक्षित होने से कई चर्चित नाम मैदान में आ रहे हैं। इनमें समाजवादी पार्टी से ही तीन दावेदार प्रमुख रूप से सामने हैं। इनमें वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह जहां पूरी तैयारी और पैनल के साथ मैदान में हैं, तो कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के पुत्र नवाजिश मंजूर और एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल के भतीजे अजय अग्रवाल भी अध्यक्ष की कुर्सी पर नजर रखते हुए मैदान में उतर रहे हैं। यदि ये तीनों जीतकर आते हैं तो निश्चित रूप से पार्टी हाईकमान तय करेगा कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कौन लड़ेगा।
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सपा सूत्रों की मानें तो इस दौड़ में नवाजिश मंजूर और अजय अग्रवाल के बीच प्रदेश मुख्यालय से जोर आजमाइश होगी। यह देखते हुए मनिंदरपाल सिंह गुट इन दोनों को पहले ही घेरने में जुटा है। वहीं, डॉ. सरोजिनी अग्रवाल गुट नवाजिश मंजूर और शाहिद मंजूर गुट अजय अग्रवाल को घेरने में जुटे हैं। तीनों ही गुट एक-दूसरे को जिला पंचायत सदस्य चुनाव में ही शिकस्त देकर अपनी आगे की राह आसान करने के लिए जोड़-तोड़ में लगे हैं।
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इन सबके बीच भाजपा भी तीनों की रणनीति पर फोकस किये हुए है। लेकिन, भाजपा का मुख्य निशाना नवाजिश मंजूर और अजय अग्रवाल हैं। भाजपा वार्ड-31 में नवाजिश मंजूर और वार्ड-22 में अजय अग्रवाल को घेरने के लिए या किसी मजबूत प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी या फिर किसी कमजोर को चुनाव लड़वाकर दूसरे दमदार उम्मीदवार की राह आसान कर सकती है।