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दिल के मरीजों पर पैकेज का ‘अटैक’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Feb 2017 02:04 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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निजी अस्पताल संचालक दिल के मरीजों को ‘अटैक’ दे रहे हैं। सरकार ने स्टेंट की कीमतों में भारी कटौती की है, लेकिन अस्पताल संचालक पहले जैसी वसूली कर रहे हैं। सरकार की सख्ती के बाद बिल में स्टेंट की कीमत तो सही दिखाई जा रही है, लेकिन अन्य मदों में फीस बढ़ा दी है। इससे मरीजों को कोई रियायत नहीं मिल रही है। यह गोरखधंधा शहर के एक नहीं, अधिकांश सभी अस्पतालों में चल रहा है।
केंद्र सरकार के निर्देश के तहत नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीपीए) ने दिल के मरीजों को स्टेंट डलवाने के लिए भारी छूट दी है। इस आदेश को आए मात्र एक सप्ताह ही हुआ है और अस्पताल संचालकों ने तोड़ निकाल लिया। उन्होंने स्टेंट की कीमतें जरूर घटा दी हैं, लेकिन मरीज को लगाने का खर्च बढ़ा दिया है। इस वजह से स्टेंट लगाने का खर्च आज भी लगभग पहले जैसा है। अस्पतालों ने प्रोसीजर शुल्क, चिकित्सक की फीस से लेकर ओटी तक का चार्ज बढ़ा दिया है। वहीं केंद्र सरकार के आदेश के बाद मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने बृहस्पतिवार को सख्त निर्देश दिये थे। उन्होंने कहा था कि कि अगर ज्यादा कीमतें वसूली जाती हैं तो चिकित्सक और अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी को निगरानी करने का आदेश दिया था। साथ ही खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग को चिकित्सकों व अस्पतालों की सूची मुहैया कराने के निर्देश भी दिए थे।
केस -1 : गढ़ रोड स्थित अस्पताल में वर्तमान में स्टेंट लगाने का खर्च 1.10 से 1.30 लाख रुपये है। यह खर्च कीमतें कम होने से पहले करीब 1.40 लाख रुपये था। यह बात और है कि पहले भी डिस्काउंट होने पर कुल खर्च 1.30 लाख रुपये के आसपास ही रहता था।
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केस - 2 : लालकुर्ती स्थित एक अस्पताल में बृहस्पतिवार को एक मरीज को डिस्चार्ज किया गया। मरीज का लगभग डेढ़ लाख रुपये का बिल बनाया गया। छूट होने के बाद 1.35 लाख रुपये तय हुआ। इससे पहले भी अस्पताल का पैकेज 1.50 लाख रुपये ही था।
केस - 3 : साकेत में संचालित अस्पताल में स्टेंट का पैकेज पहले के डेढ़ लाख रुपये के आसपास ही है। अस्पताल की तरफ से किसी तरह की कीमतें कम नहीं की गई हैं।
ऐसे निकाला नियम का तोड़
पहले का स्टेंट पैकेज - 1.50 लाख
स्टेंट कीमत - 80 हजार से एक लाख रुपये
डॉक्टर फीस - 30 हजार
ओटी व आईसीयू (तीन दिन) - 20 हजार रुपये
वर्तमान पैकेज - 1.50 लाख
स्टेंट की कीमत - 29600 रुपये
चिकित्सक फीस - 40 से 50 हजार
ओटी चार्ज - 20 हजार
आईसीयू (तीन दिन) - 30 हजार रुपये (10 हजार प्रति दिन)
दवाई - 10 से 20 हजार रुपये
सरकार ने ये निर्धारित की हैं स्टेंट की कीमतें
सामान्य तौर पर स्टेंट हार्ट ब्लॉकेज खोलने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ये तीन प्रकार के होते हैं। इनमें मेटल स्टेंट, बायोरेचार्जेबल स्टेंट और ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट हैं। केंद्र सरकार ने मेटल स्टेंट की कीमतें 7260 रुपये, बायोरेचार्जेबल स्टेंट और ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट की कीमत 29600 रुपये फिक्स कर दी है। अभी तक ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट 24 हजार से 1.5 लाख और बायोरेचार्जेबल स्टेंट 1.70 से 2.90 लाख रुपये के बीच बाजार में बेचा जाता था। मेटल स्टेंट की कीमत 50 से 80 हजार रुपये थी। बताया जाता है कि सबसे ज्यादा लाभ अस्पतालों और चिकित्सकों को स्टेंट पर ही होता है। इस पर करीब 650 प्रतिशत तक की कमाई होती थी।
तो 20 से 50 हजार में डाल जाएगा स्टेंट
अगर सरकारी आदेश के मुताबिक स्टेंट की कीमतें लागू कर दी जाएं तो मात्र 20 से 50 हजार में यह डल जाएगा। मेटल स्टेंट का खर्च मात्र 20 हजार होगा। अस्पताल मेटल स्टेंट के 1.10 लाख रुपये वसूलते हैं। ये मरीजों के साथ धोखा किया जा रहा है।
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केंद्र सरकार के निर्देश के तहत नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीपीए) ने दिल के मरीजों को स्टेंट डलवाने के लिए भारी छूट दी है। इस आदेश को आए मात्र एक सप्ताह ही हुआ है और अस्पताल संचालकों ने तोड़ निकाल लिया। उन्होंने स्टेंट की कीमतें जरूर घटा दी हैं, लेकिन मरीज को लगाने का खर्च बढ़ा दिया है। इस वजह से स्टेंट लगाने का खर्च आज भी लगभग पहले जैसा है। अस्पतालों ने प्रोसीजर शुल्क, चिकित्सक की फीस से लेकर ओटी तक का चार्ज बढ़ा दिया है। वहीं केंद्र सरकार के आदेश के बाद मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने बृहस्पतिवार को सख्त निर्देश दिये थे। उन्होंने कहा था कि कि अगर ज्यादा कीमतें वसूली जाती हैं तो चिकित्सक और अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी को निगरानी करने का आदेश दिया था। साथ ही खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग को चिकित्सकों व अस्पतालों की सूची मुहैया कराने के निर्देश भी दिए थे।
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केस -1 : गढ़ रोड स्थित अस्पताल में वर्तमान में स्टेंट लगाने का खर्च 1.10 से 1.30 लाख रुपये है। यह खर्च कीमतें कम होने से पहले करीब 1.40 लाख रुपये था। यह बात और है कि पहले भी डिस्काउंट होने पर कुल खर्च 1.30 लाख रुपये के आसपास ही रहता था।
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केस - 2 : लालकुर्ती स्थित एक अस्पताल में बृहस्पतिवार को एक मरीज को डिस्चार्ज किया गया। मरीज का लगभग डेढ़ लाख रुपये का बिल बनाया गया। छूट होने के बाद 1.35 लाख रुपये तय हुआ। इससे पहले भी अस्पताल का पैकेज 1.50 लाख रुपये ही था।
केस - 3 : साकेत में संचालित अस्पताल में स्टेंट का पैकेज पहले के डेढ़ लाख रुपये के आसपास ही है। अस्पताल की तरफ से किसी तरह की कीमतें कम नहीं की गई हैं।
ऐसे निकाला नियम का तोड़
पहले का स्टेंट पैकेज - 1.50 लाख
स्टेंट कीमत - 80 हजार से एक लाख रुपये
डॉक्टर फीस - 30 हजार
ओटी व आईसीयू (तीन दिन) - 20 हजार रुपये
वर्तमान पैकेज - 1.50 लाख
स्टेंट की कीमत - 29600 रुपये
चिकित्सक फीस - 40 से 50 हजार
ओटी चार्ज - 20 हजार
आईसीयू (तीन दिन) - 30 हजार रुपये (10 हजार प्रति दिन)
दवाई - 10 से 20 हजार रुपये
सरकार ने ये निर्धारित की हैं स्टेंट की कीमतें
सामान्य तौर पर स्टेंट हार्ट ब्लॉकेज खोलने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ये तीन प्रकार के होते हैं। इनमें मेटल स्टेंट, बायोरेचार्जेबल स्टेंट और ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट हैं। केंद्र सरकार ने मेटल स्टेंट की कीमतें 7260 रुपये, बायोरेचार्जेबल स्टेंट और ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट की कीमत 29600 रुपये फिक्स कर दी है। अभी तक ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट 24 हजार से 1.5 लाख और बायोरेचार्जेबल स्टेंट 1.70 से 2.90 लाख रुपये के बीच बाजार में बेचा जाता था। मेटल स्टेंट की कीमत 50 से 80 हजार रुपये थी। बताया जाता है कि सबसे ज्यादा लाभ अस्पतालों और चिकित्सकों को स्टेंट पर ही होता है। इस पर करीब 650 प्रतिशत तक की कमाई होती थी।
तो 20 से 50 हजार में डाल जाएगा स्टेंट
अगर सरकारी आदेश के मुताबिक स्टेंट की कीमतें लागू कर दी जाएं तो मात्र 20 से 50 हजार में यह डल जाएगा। मेटल स्टेंट का खर्च मात्र 20 हजार होगा। अस्पताल मेटल स्टेंट के 1.10 लाख रुपये वसूलते हैं। ये मरीजों के साथ धोखा किया जा रहा है।