यूपी का इकलौता ऐसा कॉलेज, जहां से पढ़कर निकले 150 से ज्यादा छात्र बन गए जज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की तमाम अदालतों में आज जो जज ऑर्डर...ऑर्डर करते हैं। वे कभी मेरठ कॉलेज में यस सर...यस सर करते थे। जी हां, मेरठ कॉलेज उत्तर प्रदेश का शायद इकलौता ऐसा कॉलेज है जहां से पढ़कर निकले डेढ़ सौ से ज्यादा छात्र-छात्राएं अब जज बनकर देश की तमाम अदालतों में सुनवाई कर रहे हैं। कॉलेज के पुरातन छात्रों ने अब इन सभी को एक मंच पर लाने का प्रयास शुरू कर दिया है।
मेरठ कॉलेज में एलएलबी की 840 सीटें हैं। लॉ के विभागाध्यक्ष रहे रिटायर प्रो. एनपी सिंह बताते हैं कि मेरठ कालेज से पढ़कर निकले 150 से ज्यादा जज सुनवाई कर रहे हैं। वहीं बिहार के राज्यपाल सतपाल मलिक भी कालेज में लॉ के छात्र रहे हैं।
124 साल पहले शुरुआत
सन 1892 में बने मेरठ कॉलेज में सन 1893 से ही एलएलबी की शुरुआत हो गई। उस वक्त तमाम छात्र दूसरे राज्यों से यहां पढ़ने आते थे। सन 1948 में यहां एलएलएम कोर्स की शुरुआत हो गई। सन 1977 में यहां के छात्र नेता रहे मदन गोदारा ने मुख्यमंत्री से मिलकर यहां के लॉ विभाग के बारे में बताया तो सेक्शन 14 हो गए थे। एलएलबी में 1120 छात्र-छात्राओं का एडमिशन पूरे यूपी में उस वक्त कहीं नहीं था। एलएलएम में 120 सीटें प्रदेश के किसी कॉलेज में नहीं हैं।
बहुत लंबी है फेहरिस्त
यहां से पढ़ने वाले न्यायमूर्ति एचएम बेग सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई रहे हैं। हाईकोर्ट में न्यायाधीश जस्टिस पंकज मित्तल, जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस विवेक चौधरी हैं। लखनऊ जेटीआरआई के डिप्टी डायरेक्टर बब्बू नारंग, सुलतानपुर के डीजे प्रमोद कुमार, मथुरा के डीजे अजीत सिंह मेरठ कालेज से हैं। बुलंदशहर में विकास बालियान, झांसी में संजय मलिक, अलीगढ़ में संजयवीर व संजय यादव, बागपत में शक्तिपुत्र, बदायूं में कपिला राघव, सोनिका सिंह, हाथरस में आशीष जैन और शाहजहांपुर में भानू गौड़ एडीजे हैं। पीसीएस-जे में लीलू भलसौना सहारनपुर, नरेंद्र और अंकिता बिजनौर, निशांत मान बागपत, अमरजीत सिंह बदायूं और बलराम पंवार गढ़, सलोनी मथुरा में हैं।
हर राज्य में मेरठ कॉलेज की प्रतिभा
दिल्ली में एडीजे चंद्रबोस, मध्यप्रदेश के शिवपुरी में फैमिली जज पवन शर्मा, उत्तराखंड के रानीखेत में एडीजे अमित सिरोही और टिहरी में न्यायिक मजिस्ट्रेट कपिल त्यागी और नैनीताल में अनामिका। बिहार के कटिहार में एसीजेएम उमेश शर्मा या फिर बक्सर में तैनात कपिला श्रीवास्तव और मधेपुरा में विनय कुमार, नीरज त्यागी एवं मध्यप्रदेश में दानिश, झारखंड में कुलदीप मान। ये सभी मेरठ कालेज से हैं। जज उमेश शर्मा और कपिल त्यागी बताते हैं कि यहां जब एलएलबी में एडमिशन लिया तो सीनियर्स यहां से पढ़कर निकले जजों की बातें करते थे। वहीं 60 हजार से ज्यादा वकील हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीमकोर्ट तक में प्रेक्टिस कर रहे हैं।
एडीजे डॉ. विजय तालियान ने शुरू की पहल
मेरठ से एचजेएस चुने जा चुके डॉ. विजय तालियान, रेखा शर्मा और पारुल जैन एक ही बैच के हैं। मंगलवार को मेरठ कालेज पहुंचे एडीजे डॉ. तालियान ने बताया कि उन्होंने विभाग से सीनियर्स का डाटा जुटा लिया है। वे कोशिश करेंगे कि कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन हो ताकि देशभर से सीनियर्स को आमंत्रित किए जा सके। तीन हजार रुपये फीस में इस कालेज से लॉ करने के कारण ग्रामीण परिवेश छात्र-छात्राओं ने भी मुकाम पा लिए। अकेले हॉस्टल के एल्युमिनी की ही संख्या 50 से ज्यादा है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/