सदमे से किसान की मौत, परिजनों ने डीएम ऑफिस के सामने शव रखकर किया हंगामा
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बागपत जनपद के ढोडरा गांव में उधार में दिए सात लाख रुपये न मिलने पर सदमे से किसान की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि एक युवक ने रुपये उधार लेने के बाद देने से इनकार कर दिया और उनके पैसे हड़प लिए। परिजनों ने कलक्ट्रेट में डीएम दफ्तर के सामने शव रखकर हंगामा किया। कलक्ट्रेट प्रभारी और पुलिस ने उनसे वार्ता की। कलक्ट्रेट प्रभारी के आश्वासन पर एक घंटे बाद शव लेकर परिजन चले गए।
ढोडरा गांव निवासी अमित ने बताया कि उसके ताऊ राजवीर ने अपनी तीन बीघा जमीन वर्ष 2010 में गांव के तीन लोगों को 7.15 लाख रुपये में बेची थी। पूरा पैसा एक युवक ने अपने पास रख लिया था और कहा था कि दो रुपये प्रतिशत के हिसाब से पांच महीने में पूरे पैसे लौटा देगा। लेकिन उसने रुपये नहीं लौटाए। 15 जुलाई 2015 को उसने छह लाख रुपये का चेक दिया, जो बैंक में बाउंस हो गया। अमित के मुताबिक राजवीर हृदय रोगी था। उसने भी ताऊ के ऑपरेशन के लिए युवक से रुपये मांगे। लेकिन इनकार करने पर सदमे से ताऊ की मौत हो गई।
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परिजनों ने किसान की मौत के लिए इस युवक को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने गुरुवार दोपहर कलक्ट्रेट में डीएम शकुंतला गौतम के ऑफिस के सामने किसान का शव रखकर प्रदर्शन किया। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराने और ब्याज सहित रुपये वापस दिलाने की मांग की। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन वे नहीं माने।
इसके बाद कलक्ट्रेट प्रभारी गुलशन कुमार ग्रामीणों के बीच पहुंचे। ग्रामीणों से उनकी वार्ता हुई। उन्होंने निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। एक घंटे बाद परिजन शव लेकर वापस चले गए। हंगामा करने वालों में दीपक, पूर्व प्रधान यशपाल, चंद्रपाल, राकेश, राजेंद्र, मनीष, देवेंद्र, आकाश, मोहित आदि उपस्थित रहे।
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