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जानिए, किसके इशारे पर अवैध पार्किंग में दी जा रही निगम की पर्ची

Sat, 08 Apr 2017 03:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Sat, 08 Apr 2017 03:19 PM IST
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nigam quite for recovery game
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

अवैध पार्किंग को वैध दिखाने के लिए पार्किंग स्लिप नगर निगम की दी जा रही है। निगम पहले ही कह चुका है कि निगम की तरफ से शहर में कहीं भी पार्किंग नहीं चल रही है। ऐसे में किसके इशारे पर अवैध पार्किंग में निगम की पर्ची दी जा रही हैं। अवैध पार्किंग में आम लोगों से प्रतिदिन हजारों रुपये की वसूली होती है। वसूली के खेल में पुलिस के आला अधिकारी निगम की शिकायत का इंतजार कर रहे हैं। जबकि निगम के अफसरों के पास इस अवैध धंधे को रोकने के लिए ठोस प्लानिंग ही नहीं है। अमर उजाला की पहल पर निगम के चीफ इंजीनियर ने अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ एफआईआर कराने की बात कही है।

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 अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को शहर में विभिन्न स्थानों पर चल रही अवैध वाहन पार्किंग में वसूली की जांच पड़ताल की। 

केस नं. एक, अमर उजाला की टीम सबसे पहले दिल्ली रोड स्थित शाप्रिक्स मॉल पहुंची। वैसे तो मॉल के बेसमेन्ट में अपनी वाहन पार्किंग है। लेकिन बाहर भी सड़क किनारे एक प्राइवेट व्यक्ति ने वाहन पार्किँग का संचालन किया हुआ है। ग्रीन बेल्ट पर एक रस्सी बांध कर पार्किंग बना ली। यहां पर नगर निगम की कोई पार्किँग नहीं है। उसके बाद भी इस प्राइवेट व्यक्ति के पास नगर निगम लिखी पर्ची है। जिसके माध्यम से दो पहिया वाहनों से 10 रुपये प्रति वाहन वसूली होती मिली। 
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केस नं. दो,
दिल्ली रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के बाहर बैंक में आने जाने वाले ग्राहकों से प्रति वाहन दस रुपये वसूली होती है। इसकी वसूली का तरीका थोड़ा अलग है। यह पर्ची नहीं बल्कि टॉकन रखता है। चॉक से वाहन की सीट पर नंबर लिख देता है। पार्किंग सड़क तक कराई जाती है। इससे दिल्ली रोड पर अक्सर यहां जाम के हालात बने रहते हैं। अमर उजाला ने इस व्यक्ति का फोटो लेने की कोशिश की तो भाग निकला।   
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 कंस न. तीन, मूलचंद शर्बती देवी अस्पताल, यहां पर सड़क किनारे नगर निगम की पार्किंग चलती थी। जो 31 मार्च को खत्म हो गई। उसके बाद भी यहां पर एक व्यक्ति जनता से अवैध वसूली करता मिला। इसी प्रकार सूरजकुंड पार्क पर भी प्राइवेट लोग ही वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूली कर रहे हैं। 

शहर में सभी वाहन पार्किंग अवैध 
मेरठ। शहर में संचालित सभी वाहन पार्किँग अवैध हैं। दो दिन पहले ही नगर निगम के संपत्ति अधिकारी दिनेश कुमार यादव यह स्पष्ट कर चुके हैं। जब तक नगर निगम वाहन पार्किंग के ठेके न छोड़े तब तक किसी भी पार्किँग पर वाहन खड़ा करने का शुल्क न दें। अगर कोई व्यक्ति वाहन पार्किंग के नाम पर वसूली करता है तो उसकी शिकायत लिखित में नगर निगम और संबंधित थाना पुलिस को दें। 

कार्रवाई कीजिए कप्तान साहब
पुलिस कप्तान अवैध पार्किंग को लेकर शिकायत न मिलने की बात कर रहे हैं, लेकिन सड़क पर पार्किंग कराकर ट्रैफिक मे अवरोध करने के लिए पुलिस को किसकी शिकायत की जरूरत है। पुलिस चाहे तो खुद ही इसमें एक्शन ले सकती है। पुलिस के आला अधिकारी क्यों चुप हैं, समझ से परे है।


नगरायुक्त साहब! लोगों को लुटने से बचाइए
निगम इस मामले में क्यों चुप्पी साधे हुए है। अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ निगम रंगदारी का मामला दर्ज कराए। मगर मामला संज्ञान में आने के बाद भी निगम अफसरों के बस बयान ही सामने आ रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर हो कुछ नहीं रहा। अपनी जिम्मेदारी से क्यों भाग रहे हैं निगम अफसर।

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