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नए अफसरों के हाथों क्राइम कंट्रोल की कमान  

Tue, 23 May 2017 02:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 23 May 2017 02:58 AM IST
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new officers take charge of crime controll
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 अपराधों से जूझ रहे जिले में क्राइम कंट्रोल की कमान नए अफसरों के हाथों में है। अप्रैल और मई माह में पुलिस बदमाशों के सामने असफल साबित हुई है तो सांप्रदायिक संवेदनशीलता के नाम पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ का नाम सुर्खियों में रहता है। केवल एसएसपी को छोड़ दें तो एसपी सिटी, देहात और क्राइम तीनों अफसर नए हैं। शासन ने जोन और रेंज में फेरबदल कर यहां एडीजी की तैनाती भी की है। रेंज की कमान भी नए आईजी के हवाले हैं। ऐसे में अपराधों और कानून व्यवस्था पर नियंत्रण रखना चुनौती ही है।
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एसपी सिटी, एसपी देहात और एसपी क्राइम नए हैं। अपराध नियंत्रण में एसपी क्राइम की अहम भूमिका रहती है। क्राइम के बदलते ट्रेंड पर नजर रखने के साथ क्रिमिनल गैंगों का नेटवर्क तोड़ना उनके टारगेट पर होता है। खुफिया तंत्र की मजबूती के लिए एएसपी क्षेत्रीय अभिसूचना को बदला गया जबकि नए एसपी ट्रैफिक की तैनाती कर यहां की यातायात व्यवस्था मजबूत बनाने का भी प्रयास होगा। कुल मिलाकर इस नई टीम से जनता को बड़ी उम्मीदें हैं। 
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क्राइम रिकॉर्ड
अप्रैल और मई माह की ही बात करें तो जिले में कई संगीन वारदातें हुई। अप्रैल में जहां 13 लोगों की हत्याएं हुई तो लूट की भी छह वारदातें हुई। अपहरण के 26 मामले दर्ज हुए। रेप की 11 घटनाएं हुई। चोरी की 240 घटनाएं हुईं। जिनमें 125 मामले वाहन चोरी के हैं। मई माह में अभी तक 30 से ज्यादा लूट की वारदात हो चुकी हैं। इनमें तीन ज्वैलरी शॉप में लूट के अलावा शहर की सड़कों पर रोजाना महिलाओं से पर्स, चेन और मोबाइल फोन लूटना शामिल है। महिलाओं से छेड़छाड़ और छींटाकशी के मामले अलग हैं। 
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तबादलों के इंतजार में निष्क्रिय हुए अधिकारी
मेरठ। आईएएस, आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी होने के बाद अब पीसीएस अधिकारियों का ध्यान भी पूरी तरह अपने ट्रांसफर पर लग गया है। अधिकांश को उम्मीद है कि उनका जाना तय है। ऐसे में मनचाही पोस्टिंग के जुगाड़ और चिंता में अधिकारी निष्क्रिय नजर आ रहे हैं। इन अधिकारियों ने शासन में बैठे अपने खास अधिकारियों के साथ ही भाजपा और संघ के नेताओं से भी संपर्क साधते हुए मनचाही पोस्टिंग के प्रयास तेज कर दिए हैं। अधिकारियों की इस ट्रांसफर पोस्टिंग की चिंता में कहीं न कहीं प्रशासनिक काम अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते नजर आ रहे हैं। हर कोई अपने को अस्थिर मानते हुए अनमने ढंग से काम करता नजर आ रहा है। 
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