बॉडी बिल्डर बनने के लिए भूलकर भी मत अपनाना ये तरीका, वरना लग जाएगी खतरनाक बीमारी
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बॉडी बनाइये, फिट रहिये, मगर सेहत को लेकर सावधानी भी जरूरी है। वरना अच्छे शरीर की ख्वाहिश सेहत खराब कर सकती है। जिम में बॉडी बनाने के लिए अधिकांश युवा इंजेक्शन लेते हैं, जिसे स्टेरॉयड कहते हैं। मेरठ में स्टेरॉयड का करोड़ों का कारोबार है।
स्टेरॉयड में से एक एनाबोलिक स्टेरॉयड एक तरह की ड्रग होती है, जो इंजेक्शन और कैप्सूल के तौर पर ली जाती है। एनाबोलिक स्टेरॉयड का असर जितनी जल्दी दिखाई देता है, उतनी ही जल्दी इसका साइड इफेक्ट भी होता है। इसके लगातार प्रयोग से मेल हार्मोंस पर भी विपरीत असर पड़ता है। शरीर में ज्यादा मात्रा में पहुंचने पर फैट में बदल जाता है और कोलेस्ट्रोल के रूप में हमारे शरीर में जमा हो जाता है, स्ट्रेस लेवल बढ़ता है और दिल की बीमारियां हो सकती हैं। फूड सप्लीमेंट्स के नाम पर स्टेरॉयड ही बेचा जा रहा है।
मोटे कमीशन का खेल
मेरठ में बिकने वाले स्टेरॉयड पर मोटा मुनाफा होता है। जानकार बताते हैं कि स्टेरॉयड पर दो सौ फीसदी तक मुनाफा होता है, इसलिए बिना लाइसेंस ही जिम संचालकों ने इसे बेचना शुरू कर दिया है। मेरठ में कई बार स्टेरॉयड का सैंपल भरा गया और हर बार ही फेल हुआ।
फूड सप्लीमेंट्स लेने में बरतें सावधानी
चिकित्सक कहते हैं कि फूड सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल सिर्फ विशेषज्ञ की सलाह पर ही करना चाहिए। डॉ. विश्वजीत बैंबी का कहना है कि स्टेरॉयड से बनाई गई बॉडी सिर्फ बाहर से देखने में ही सुदृढ़ लगती है, जबकि अंदर से खोखली हो जाती है। चेहरे पर सूजन आ जाती है। सिर के बाल झड़ने लगते हैं और एक्ने की समस्या हो सकती है। शरीर को अगर विटामिन, मिनरल्स, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर सही मात्रा में मिल जाए तो शरीर तंदुरुस्त रह सकता है।
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कमजोर हो जाती हैं हड्डियां
डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि स्टेरॉयड के इस्तेमाल से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। शुगर होने का खतरा रहता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है। अच्छे शरीर के लिए एक्सरसाइज करें, अच्छा खानपान रखें और स्वस्थ रहें। चिकित्सकों के मुताबिक अगर अपनी बॉडी को मेंटेन करना चाहते हैं, तो डाइट में 50 से 60 प्रतिशत तक कार्बोहाइड्रेट, 10 से 15 प्रतिशत प्रोटीन और 25 से 30 प्रतिशत वसा होनी चाहिए। पहले अपना ब्लड टेस्ट, हार्ट टेस्ट और अन्य जरूरी टेस्ट करवाएं, इसके बाद उनकी रिपोर्ट केआधार पर किसी एक्सपर्ट से मिलें और उनके बताए गए सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करें।
4-5 करोड़ रुपये का कारोबार
जानकार बताते हैं कि शहर में स्टेरॉयड का करीब 4-5 करोड़ रुपये का महीने का कारोबार होता है। 100 रुपये का स्टेरॉयड का इंजेक्शन पांच हजार रुपये तक में बिकता है। खैरनगर, सूरजकुंड में फूड सप्लीमेंट्स का डिब्बा 1500 रुपये में ही मिल जाएगा। लेकिन इसमें प्रोटीन के नाम पर स्टेरॉयड मिला होता है। जबकि असली फूड सप्लीमेंट्स की कीमत ही 4-5 हजार रुपये में शुरू होती है। बॉडी बिल्डिंग, जिम में वर्कआउट या फिर स्पोर्ट्स एक्टिविटी में स्टेरॉयड का खूब प्रयोग हो रहा है।
युवक को आया था अटैक
गाजियाबाद केसिहानी गेट थाना क्षेत्र में करीब दो साल पहले स्टेरॉयड ले रहे एक युवक को हार्ट अटैक आया था। पता चलने पर उसके परिवार ने उसका जिम जाना ही बंद करा दिया था। इसके अलावा नगर कोतवाली क्षेत्र के दो युवकों को किडनी की भी समस्या प्रकाश में आई थी। हालांकि स्टेरॉयड के नुकसान का असर कई साल बाद ज्यादा दिखता है।
स्टेरॉयड नहीं ये जहर
कोच अजय जायसवाल कहते हैं कि स्टेरॉयड का दूसरा नाम जहर है। जरूरी नहीं कि वर्कआउट करने वाले हर व्यक्ति को प्रोटीन की जरूरत हो। जिम संचालक गगन अग्रवाल का कहना है कि मेरठ में 800 से ज्यादा छोटे-बड़े जिम हैं, जिनमें से कुछ जिम में ही एक्सपर्ट हैं, जिन्हें फूड सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड की सही जानकारी है।
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