फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   neher se khanan kar rahe maafia

बड़ी नहरों से खनन कर रहे हैं माफिया 

Wed, 11 Oct 2017 11:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 11 Oct 2017 11:32 AM IST
विज्ञापन
neher se khanan kar rahe maafia
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

नहर सफाई के नाम पर जहां सरकारी खजाने की सफाई हो रही है। वहीं विभागीय अधिकारी, ठेकेदार और माफियाओं की चांदी हो रही है। नहरों से रेत खनन का खेल रात के अंधेरे में नहीं बल्कि दिन के उजाले में हो रहा है। एक सप्ताह के भीतर लाखों के बालू और मिट्टी का खनन हो चुका है। इसको लेकर न तो सिंचाई विभाग के अधिकारी गंभीर हैं और न ही थाना पुलिस। मिट्टी और रेत खनन की शिकायतें कमिश्नर और डीएम से भी की गई है।

विज्ञापन


शासन के आदेश पर दशहरे से दीपावली तक सभी नहर और माइनरों को बंद कर दिया गया है। साथ ही नहरों की सफाई के लिए शासन ने 90 लाख रुपये का बजट भी जारी किया गया है। बता दें कि सिंचाई विभाग की मेरठ, गाजियाबाद और हापुड़ जनपद की 750 किमी की नहर, माइनर और रजवाहों की सफाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन ने 330 किमी नहर, रजवाहे और माइनरों की सफाई का प्रस्ताव पास किया। इसके अनुरूप सिंचाई विभाग ने दशहरे पर नहर बंद कराकर ठेकेदारों से सफाई कार्य शुरू कराया। इनमें छोटे कुछ रजवाहों को मनरेगा के तहत साफ कराने का आदेश दिया गया है। वहीं बाकी जेसीबी से साफ कराए जाने हैं। सिंचाई विभाग के अभिलेखों के अनुसार तो जनपद मेरठ में ही 125 किमी की नहर, रजवाहे और माइनरों की सफाई चल रही है। नहरों की सफाई ठेकेदार कर रहे हैं या फिर रेत माफिया अपने स्तर से सफाई कर रहे हैं। लेकिन सफाई के नाम पर रेत खनन माफिया लाखों रुपये की मिट्टी और रेत का खनन नहरों से कर चुके हैं। 
विज्ञापन


एसडीएम और सीओ ने चलाया अभियान, पकड़ा अवैध खनन
सरधना। लगातार शिकायत के बाद नहर से रेत खनन माफिया पर सोमवार की रात एसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव और सीओ भीम सिंह गौतम को कार्रवाई करनी ही पड़ी। दोनों अधिकारियाें ने संयुक्त रूप से गंगनहर से रेत खनन करने वालों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों को खनन माफियों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। अधिकारियों की टीम ने रात में नानू, अटेरना, कपसाड़ व सलावा से ट्रैक्टर-ट्राली व दर्जनभर भैंसा बुग्गी रेत से भरी पकड़ी। एसडीएम ने खुद ही रेत माफियाओं से मोर्चा संभाला, स्थिति बिगड़ी तो तब जाकर थाना पुलिस को बुलवाया गया। पुलिस ने तीन ट्रैक्टर व चार ट्राली व दर्जन भर भैंसा बुग्गी को पकड़ा। मंगलवार को देर शाम चली जद्दोजहद के बाद पुलिस ने भैंसा बुग्गी व ट्रैक्टर ट्राली संचालकों से जुर्माने का सहमति पत्र लिखवाया और भविष्य में नहर से रेत का खनन न करना भी स्वीकार कराने के बाद छोड़ दिया गया। उधर, एसडीएम ने जिला खनन अधिकारी संदीप को अपने कार्यालय में बुुलाया और गंगनहर से रेत खनन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि लगातार कई दिनों से गंगनहर से रेत खनन की जानकारी मिल रही थी। दौराला व सरूरपुर पुलिस को साथ लेकर छापामार कार्रवाई की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन



जानी में भी चला अभियान 
जानीखुर्द। बागपत रोड स्थित गंगनहर पुल के पास से जानी पुलिस ने रेत का अवैध खनन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान रेत से भरे सात ट्रक पुलिस ने पकड़े। पुलिस ने जांच कर ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। जानी थानाध्यक्ष प्रेमचंद्र शर्मा के अनुसार पकड़े गये ट्रक चालक को खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed