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अब पड़ोसी बताएंगे, अस्पताल में डॉक्टर साहब आए या नहीं 

Sun, 16 Apr 2017 10:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Sun, 16 Apr 2017 10:10 AM IST
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neghbour will when doctor came in hospital
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

डॉक्टरों के समय से पीएचसी न पहुंचने पर शासन सख्त है। अब इनकी पूरी निगरानी कराई जाएगी। नए शासनादेश के तहत पीएचसी के पड़ोस में रहने वाले किसी जिम्मेदार व्यक्ति को वालंटियर बनाया जाएगा, जिसका मोबाइल नंबर महानिदेशालय भेजा जाएगा। वालंटियर से डॉक्टर के आने और जाने की पूरी जानकारी मांगी जाएगी।

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डॉक्टरों के समय से स्वास्थ्य केंद्रों पर न पहुंचे और प्राइवेट प्रैक्टिस की तमाम शिकायतें शासन तक पहुंच रही हैं। चिकित्सक भी लगातार लापरवाही कर रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग के अफसर डॉक्टरों पर सीधी नजर रख सकेंगे। अधिकारी वालंटियर से संपर्क कर डॉक्टरों के बारे में जानकारी लेंगे। इतना ही नहीं, केंद्र की साफ सफाई और सुविधाओं के बारे में भी पता करेंगे। मेरठ में 31 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में स्थित इन स्वास्थ्य केंद्रों में से ज्यादातर में चिकित्सकों के अनुपस्थित रहने की शिकायतें आती रहती हैं। इस संबंध में सीएमओ वीपी सिंह ने बताया कि शासनादेश मिल गया है, जल्द ही इस पर अमल कराया जाएगा। सभी पीएचसी प्रभारियों को इसकी सूचना भेजी जा रही है।
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व्हाट्सएप से भेजेंगे फोटो 
शासनादेश में पीएचसी कर्मचारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे हर रोज एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ को तीन फोटो भेजेंगे, जिनसे पीएचसी का हाल पता चल सकेगा। पहले फोटो में सभी कर्मचारी पीएचसी के मेन गेट पर खड़े होंगे, दूसरे में पीएचसी के कमरों की स्वच्छता का हाल दिखाया जाएगा और तीसरे में वहां मौजूद चिकित्सीय सुविधाओं की फोटो होगी।
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आदेशों पर अमल में हो रही देरी
इस आदेश के तहत पीएचसी कर्मचारियों को 12 अप्रैल की सुबह तक एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ को फोटो भेजने के लिए आदेशित किया गया था, लेकिन तीन दिन बाद भी मेरठ में इस पर अमल शुरू नहीं किया गया है। हालांकि आदेश में यह जिक्र नहीं है कि अगर फोटोग्राफ और वालंटियर का नंबर नहीं भेजा जाता तो क्या कार्रवाई की जाएगी।


बदली सरकार तो बदला रवैया
सालों से पीएचसी के सुधार के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए जा रहे थे, लेकिन अब यूपी की सरकार बदलते ही अफसरों का रवैया भी बदल गया है। आदेशों में सख्ती आ गई है। हर तरफ से नजर रखी जा रही है। पीएचसी के मद्देनजर आए इस आदेश को भी इसी रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि जिन कर्मचारियों को इस आदेश की जानकारी मिल गई है, उनमें खलबली मची है।

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