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अभिषेक और ज्योति का सोने पर निशाना
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 15 Oct 2015 02:03 AM IST
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कैलाश प्रकाश स्टेडियम में बुधवार से तीरंदाजी का रोमांच शुरू हो गया। 36वीं राष्ट्रीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता का उद्घाटन रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने किया। दिल्ली के अभिषेक वर्मा ने लगातार तीसरे साल स्वर्ण पदक जीतकर रिकॉर्ड बनाया। वहीं महिला वर्ग में वी ज्योति सुरेखा ने स्वर्ण पदक पर अचूक निशाना साधा।
स्टेडियम में सुबह करीब साढ़े सात बजे स्वामी विवेकानंद महाराज ने यज्ञ कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इसके बाद कंपाउंड इवेंट के लिए सर्वप्रथम आफिशियल प्रैक्टिस और तीरंदाजों के उपकरणों की जांच की गई। पहले पुरुष क्वालीफाइंग और फिर महिला क्वालीफाइंग मैच खेले गए।
कंपाउंड पुरुष वर्ग के व्यक्तिगत इवेंट में दिल्ली के अभिषेक वर्मा ने 50 मीटर के पहले राउंड में 348 और दूसरे 50 मीटर राउंड में 353 अंक हासिल कर कुल 720 में से 701 अंक प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर हैट्रिक बनाई है। चौधरी जिगनेस ने पहले राउंड में 346 और दूसरे राउंड में 354 अंक हासिल कर 700 अंक प्राप्त कर रजत पदक हासिल किया। अनिल कुमार ने 346 और 352 अंक प्राप्त कर कुल 698 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।
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कंपाउंड महिला वर्ग के व्यक्तिगत इवेंट में पेट्रोलियम स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड की वी. ज्योति सुरेखा और राजस्थान की स्वाति दुधवाल ने 720 में से 686 अंक हासिल किए। ज्योति के टारगेट प्वाइंट 46 होने के कारण उन्हें स्वर्ण और स्वाति को रजत पदक दिया गया। मणिपुर टीम की लिली चानू ने 681 अंक हासिल कर कांस्य पदक जीता।
इस दौरान एमएसएमई के केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक रविंद्र भड़ाना, कमिश्नर आलोक सिन्हा, डीआईजी आशुतोष कुमार, उत्तर प्रदेश तीरंदाजी संघ के सचिव अजय गुप्ता, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी मुद्रिका पाठक, पूर्व पार्षद ललित नागदेव, कोच नवीन त्यागी, हर्ष गोयल मौजूद रहे।
आज होगी इनकी टक्कर
बृहस्पतिवार को पुरुष वर्ग में दिल्ली और राजस्थान के बीच स्वर्ण पदक के लिए मुकाबले होंगे। कांस्य पदक के लिए आईटीबीपी और असम राइफल के बीच मैच होंगे। महिला वर्ग में पंजाब और महाराष्ट्र के बीच स्वर्ण पदक की जंग होगी। कांस्य पदक के लिए मणिपुर और रेलवे का मुकाबला होगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मनमोहा
प्रतियोगिता के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्कूली बच्चों ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों का मनमोह लिया। मुख्य अतिथि रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि मेरठ खेल भूमि है। यहां खेल सामग्री निर्मित होने के साथ ही बेहतर खिलाड़ी भी तैयार होते हैं।
खूब बहाया पसीना, पहले ही दिन निकला दम
यूपी टीम पहले ही दिन राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता से बाहर हो गई। 14 दिन लगातार अभ्यास करने के बाद भी खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन सबसे ज्यादा खराब रहा।
36वीं राष्ट्रीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में पदक जीतने के उद्देश्य से यूपी टीम ने अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही मेरठ में डेरा डाल दिया था। उत्तर प्रदेश तीरंदाजी संघ ने मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में पहले एक सप्ताह का कैंप लगाया था। इसके बाद आठ अक्तूबर को यूपी टीम के खिलाड़ियों का यही ट्रायल लेकर टीम की घोषणा की थी। तभी से यूपी टीम लगातार पूरे दिन कई चरणों में प्रैक्टिस कर रही थी। लेकिन बुधवार को प्रतियोगिता में यूपी टीम का बेहद खराब प्रदर्शन रहा। महिला वर्ग में व्यक्तिगत समेत टीम इवेंट में महिला यूपी टीम सबसे निचले 19वें पायदान पर रही। प्रदेश में कंपाउंड की कोई चौथी तीरंदाज न होने के कारण टीम तीन तीरंदाजों के साथ उतरी थी।
जिसमें बागपत की साक्षी ने व्यक्तिगत में 50 मीटर के पहले राउंड में 330 और दूसरे 50 मीटर राउंड में 317 अंक हासिल कर कुल 720 में से 647 अंक प्राप्त किए। बागपत की वर्शिता ने पहले राउंड में 319 और दूसरे राउंड में 298 अंक हासिल करते हुए कुल 617 अंक हासिल किए। बागपत की रितिका का प्रदर्शन खराब रहा। उन्होंने पहले राउंड में 182 और दूसरे राउंड में मात्र 68 अंक हासिल कर 250 अंक ही प्राप्त किए। यह प्रदर्शन सबसे खराब है। तीनों तीरंदाजों के अंकों के आधार पर यूपी टीम सबसे कम 1514 अंक ही हासिल कर सकी और अगले राउंड में भी क्वालीफाई नहीं कर सकी।
पुरुष वर्ग के कंपाउंड इवेंट में व्यक्तिगत समेत टीम इवेंट में कुछ बेहतर खेल जरूर दिखाया। लेकिन टीम मुकाबले में कहीं भी नजर नहीं आई। बागपत के हितेश ने दोनों राउंड में 678, सचिन ने 673, आर्मी के अर्जुन ने 685 और अरुण ने 667 अंक हासिल कर टीम को 2036 अंक दिलाए। टीम इन अंकों के सहारे 13वें पायदान पर पहुंची। लेकिन, टीम फाइनल में जगह नहीं बना सकी। इसके अलावा यूपी टीम बृहस्पतिवार को होने वाले मिक्स इवेंट में भी नहीं खेल पाएगी। यूपी टीम के कुल 1332 अंक हैं और वह 18वें पायदान पर है। नियम अनुसार इस इवेंट में 16वें पायदान तक वाली टीमें ही खेल सकती हैं।
सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा...
मुख्य अतिथि रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के सामने स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सर्वप्रथम छठीं बटालियन पीएसी के छात्रों ने ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ गाकर माहौल देशभक्ति मय कर दिया। इसके बाद गार्गी स्कूल, बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर, सिटी वोकेशनल स्कूल के बैंड के साथ सभी 38 टीमों ने खिलाड़ियों के साथ मार्च पास्ट निकाला। सेना के बैंड ने भी प्रस्तुति दी। गार्गी स्कूल की छात्राओं ने योगा का प्रदर्शन कर सभी का मन जीत लिया। छात्राओं ने गणेश वंदना की शानदार प्रस्तुति दी।
सिटी वोकेशनल स्कूल के छात्रों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर हर की तालियां बटोरी। कार्यक्रमों के बाद मुख्य अतिथि ने ध्वजारोहण किया और बाद में धनुष बाण से लक्ष्य पर निशाना साधकर कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। प्रतियोगिता की अध्यक्षता कर रहे एमएसएमई के केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने रक्षामंत्री को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान महापौर हरिकांत अहलुवालिया, कोच जबर सिंह, अजय गुप्ता, महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज, सुनील भराला, विशाल जिंदल, पंकज राजपूत, अरुण जिंदल, दीवान पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल एमएच राउत, विशाल शर्मा मौजूद रहे।
रक्षामंत्री के साथ खिंचवाएं फोटो
सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाले छात्रों ने रक्षामंत्री के साथ फोटो खिंचवाएं। इस दौरान रक्षामंत्री ने बच्चों से बात भी की। जीटीबी, एमपीएस, गार्गी स्कूल, सिटी वोकेशनल, बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र मौजूद रहे।
अव्यवस्था पर भड़के सांसद
स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था का बेहतर इंतजाम न देखकर सांसद राजेंद्र अग्रवाल भड़क पड़े। उन्होंने पुलिस अधिकारियों की क्लास लगा डाली। कहा कि रक्षामंत्री के कार्यक्रम के बावजूद पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। सांसद की नाराजगी के बाद स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
हैट्रिक लगाकर लगा अच्छा : अभिषेक
अर्जुन अवार्डी अभिषेक वर्मा ने कंपाउंड इवेंट में स्वर्ण पदक लगातार तीसरी बार अपने नाम किया है। उन्होंने पदक जीतने के बाद कहा कि मैं लगातार तीन साल से नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत रहा हूं। यह गर्व की बात है। मेरा उद्देश्य देश के लिए बेहतर खेलना है। दिल्ली के तीरंदाज अभिषेक ने कहा कि 23 से 24 अक्तूबर तक मैक्सिको में होने वाली वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबले में इस पदक जीतने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। दिल्ली में आयकर विभाग में कार्यरत अभिषेक स्कूली समय से तीरंदाजी खेल रहे हैं। उन्होंने 2013 नेशनल प्रतियोगिता में 702, 2014 में 709 और इस नेशनल प्रतियोगिता में 701 अंक हासिल किए हैं। इनकी एशिया व इंडियन रैंकिंग वन है और वर्ल्ड रैंकिंग सात है। अभिषेक ने 15 अगस्त 2015 में वर्ल्ड चैंपियनशिप कप में टीम में स्वर्ण व व्यक्तिगत में रजत पदक जीता है।
एशियन चैंपियनशिप के लिए बढ़ा आत्मविश्वास : ज्योति
बैंकाक में एक से 8 नवंबर तक होने वाली एशियन चैंपियनशिप में चयनित आंध्र प्रदेश की तीरंदाज वी ज्योति सुरेखा ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा कि इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। मैं देश के लिए बैंकाक में पदक जरूर जीतूंगी। एशिया कप 2015 में व्यक्तिगत में स्वर्ण और टीम में रजत पदक जीतने वाली ज्योति ने कहा कि लगातार खेल पर ध्यान दे रही हूं। ज्योति ने एशियन चैंपियनशिप 2014 में कांस्य पदक जीता था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनेवाली ज्योति ने 2013 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक अपने नाम किया है।
तीरंदाजी पर सेना की भी नजर : कलराज मिश्र
प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में कलराज मिश्र ने कहा कि विश्व को तीरंदाजी भारत ने ही दी है। बदलते रूप और आधुनिक तरीकों के कारण अब सेना की नजर भी तीरंदाजी पर है। ताकि अचूक और अभेद्य निशाने से दुश्मन पर मारक वार किया जा सके। कलराज मिश्र ने कहा कि मेरठ क्रांति के साथ क्रीड़ा के लिए भी जाना जाता है। यहां पर खेलकूद का तमाम सामान बनता है।
मैंने यहां के खेल का सामान बनाने वाले उद्यमियों से बात की है कि वह धनुष और तीर भी बनाएं। क्योंकि विदेश से यह बहुत महंगे आते हैं। मेरठ में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने के लिए वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे। गुरुकुल प्रभात आश्रम को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त करने का प्रयास किया जाएगा।
पीएम ने दुनिया में हिंदी का मान बढ़ाया : स्वामी विवेकानंद
स्वामी विवेकानंद ने कहा कि यह प्रतियोगिता नहीं बल्कि अभ्यास वर्ग है। क्योंकि यह देश के भीतर अपनी जमीन पर हो रही है। प्रतियोगिता का नाम सिर्फ इसलिए दिया गया है ताकि खिलाड़ी गंभीरता से खेल सकें। गुरुकुल प्रभात आश्रम के संस्थापक स्वामी विवेकानंद ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा पीएम ने विदेशी धरती पर जाकर हिंदी का मान बढ़ाया है, यह सराहनीय है।
उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि विश्व स्तर पर पदक लेकर आश्रम आना, तभी वास्तव में आशीर्वाद मिलेगा। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि आप कहीं भी जाएं, हिंदी में ही बात करें। उन्होंने कहा कि बदलाव जरूरी है, लेकिन बदलाव में हम अपनी संस्कृति और पहचान को खोने न दें।
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स्टेडियम में सुबह करीब साढ़े सात बजे स्वामी विवेकानंद महाराज ने यज्ञ कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इसके बाद कंपाउंड इवेंट के लिए सर्वप्रथम आफिशियल प्रैक्टिस और तीरंदाजों के उपकरणों की जांच की गई। पहले पुरुष क्वालीफाइंग और फिर महिला क्वालीफाइंग मैच खेले गए।
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कंपाउंड पुरुष वर्ग के व्यक्तिगत इवेंट में दिल्ली के अभिषेक वर्मा ने 50 मीटर के पहले राउंड में 348 और दूसरे 50 मीटर राउंड में 353 अंक हासिल कर कुल 720 में से 701 अंक प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर हैट्रिक बनाई है। चौधरी जिगनेस ने पहले राउंड में 346 और दूसरे राउंड में 354 अंक हासिल कर 700 अंक प्राप्त कर रजत पदक हासिल किया। अनिल कुमार ने 346 और 352 अंक प्राप्त कर कुल 698 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।
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कंपाउंड महिला वर्ग के व्यक्तिगत इवेंट में पेट्रोलियम स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड की वी. ज्योति सुरेखा और राजस्थान की स्वाति दुधवाल ने 720 में से 686 अंक हासिल किए। ज्योति के टारगेट प्वाइंट 46 होने के कारण उन्हें स्वर्ण और स्वाति को रजत पदक दिया गया। मणिपुर टीम की लिली चानू ने 681 अंक हासिल कर कांस्य पदक जीता।
इस दौरान एमएसएमई के केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक रविंद्र भड़ाना, कमिश्नर आलोक सिन्हा, डीआईजी आशुतोष कुमार, उत्तर प्रदेश तीरंदाजी संघ के सचिव अजय गुप्ता, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी मुद्रिका पाठक, पूर्व पार्षद ललित नागदेव, कोच नवीन त्यागी, हर्ष गोयल मौजूद रहे।
आज होगी इनकी टक्कर
बृहस्पतिवार को पुरुष वर्ग में दिल्ली और राजस्थान के बीच स्वर्ण पदक के लिए मुकाबले होंगे। कांस्य पदक के लिए आईटीबीपी और असम राइफल के बीच मैच होंगे। महिला वर्ग में पंजाब और महाराष्ट्र के बीच स्वर्ण पदक की जंग होगी। कांस्य पदक के लिए मणिपुर और रेलवे का मुकाबला होगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मनमोहा
प्रतियोगिता के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्कूली बच्चों ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों का मनमोह लिया। मुख्य अतिथि रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि मेरठ खेल भूमि है। यहां खेल सामग्री निर्मित होने के साथ ही बेहतर खिलाड़ी भी तैयार होते हैं।
खूब बहाया पसीना, पहले ही दिन निकला दम
यूपी टीम पहले ही दिन राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता से बाहर हो गई। 14 दिन लगातार अभ्यास करने के बाद भी खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन सबसे ज्यादा खराब रहा।
36वीं राष्ट्रीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में पदक जीतने के उद्देश्य से यूपी टीम ने अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही मेरठ में डेरा डाल दिया था। उत्तर प्रदेश तीरंदाजी संघ ने मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में पहले एक सप्ताह का कैंप लगाया था। इसके बाद आठ अक्तूबर को यूपी टीम के खिलाड़ियों का यही ट्रायल लेकर टीम की घोषणा की थी। तभी से यूपी टीम लगातार पूरे दिन कई चरणों में प्रैक्टिस कर रही थी। लेकिन बुधवार को प्रतियोगिता में यूपी टीम का बेहद खराब प्रदर्शन रहा। महिला वर्ग में व्यक्तिगत समेत टीम इवेंट में महिला यूपी टीम सबसे निचले 19वें पायदान पर रही। प्रदेश में कंपाउंड की कोई चौथी तीरंदाज न होने के कारण टीम तीन तीरंदाजों के साथ उतरी थी।
जिसमें बागपत की साक्षी ने व्यक्तिगत में 50 मीटर के पहले राउंड में 330 और दूसरे 50 मीटर राउंड में 317 अंक हासिल कर कुल 720 में से 647 अंक प्राप्त किए। बागपत की वर्शिता ने पहले राउंड में 319 और दूसरे राउंड में 298 अंक हासिल करते हुए कुल 617 अंक हासिल किए। बागपत की रितिका का प्रदर्शन खराब रहा। उन्होंने पहले राउंड में 182 और दूसरे राउंड में मात्र 68 अंक हासिल कर 250 अंक ही प्राप्त किए। यह प्रदर्शन सबसे खराब है। तीनों तीरंदाजों के अंकों के आधार पर यूपी टीम सबसे कम 1514 अंक ही हासिल कर सकी और अगले राउंड में भी क्वालीफाई नहीं कर सकी।
पुरुष वर्ग के कंपाउंड इवेंट में व्यक्तिगत समेत टीम इवेंट में कुछ बेहतर खेल जरूर दिखाया। लेकिन टीम मुकाबले में कहीं भी नजर नहीं आई। बागपत के हितेश ने दोनों राउंड में 678, सचिन ने 673, आर्मी के अर्जुन ने 685 और अरुण ने 667 अंक हासिल कर टीम को 2036 अंक दिलाए। टीम इन अंकों के सहारे 13वें पायदान पर पहुंची। लेकिन, टीम फाइनल में जगह नहीं बना सकी। इसके अलावा यूपी टीम बृहस्पतिवार को होने वाले मिक्स इवेंट में भी नहीं खेल पाएगी। यूपी टीम के कुल 1332 अंक हैं और वह 18वें पायदान पर है। नियम अनुसार इस इवेंट में 16वें पायदान तक वाली टीमें ही खेल सकती हैं।
सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा...
मुख्य अतिथि रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के सामने स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सर्वप्रथम छठीं बटालियन पीएसी के छात्रों ने ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ गाकर माहौल देशभक्ति मय कर दिया। इसके बाद गार्गी स्कूल, बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर, सिटी वोकेशनल स्कूल के बैंड के साथ सभी 38 टीमों ने खिलाड़ियों के साथ मार्च पास्ट निकाला। सेना के बैंड ने भी प्रस्तुति दी। गार्गी स्कूल की छात्राओं ने योगा का प्रदर्शन कर सभी का मन जीत लिया। छात्राओं ने गणेश वंदना की शानदार प्रस्तुति दी।
सिटी वोकेशनल स्कूल के छात्रों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर हर की तालियां बटोरी। कार्यक्रमों के बाद मुख्य अतिथि ने ध्वजारोहण किया और बाद में धनुष बाण से लक्ष्य पर निशाना साधकर कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। प्रतियोगिता की अध्यक्षता कर रहे एमएसएमई के केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने रक्षामंत्री को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान महापौर हरिकांत अहलुवालिया, कोच जबर सिंह, अजय गुप्ता, महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज, सुनील भराला, विशाल जिंदल, पंकज राजपूत, अरुण जिंदल, दीवान पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल एमएच राउत, विशाल शर्मा मौजूद रहे।
रक्षामंत्री के साथ खिंचवाएं फोटो
सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाले छात्रों ने रक्षामंत्री के साथ फोटो खिंचवाएं। इस दौरान रक्षामंत्री ने बच्चों से बात भी की। जीटीबी, एमपीएस, गार्गी स्कूल, सिटी वोकेशनल, बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र मौजूद रहे।
अव्यवस्था पर भड़के सांसद
स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था का बेहतर इंतजाम न देखकर सांसद राजेंद्र अग्रवाल भड़क पड़े। उन्होंने पुलिस अधिकारियों की क्लास लगा डाली। कहा कि रक्षामंत्री के कार्यक्रम के बावजूद पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। सांसद की नाराजगी के बाद स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
हैट्रिक लगाकर लगा अच्छा : अभिषेक
अर्जुन अवार्डी अभिषेक वर्मा ने कंपाउंड इवेंट में स्वर्ण पदक लगातार तीसरी बार अपने नाम किया है। उन्होंने पदक जीतने के बाद कहा कि मैं लगातार तीन साल से नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत रहा हूं। यह गर्व की बात है। मेरा उद्देश्य देश के लिए बेहतर खेलना है। दिल्ली के तीरंदाज अभिषेक ने कहा कि 23 से 24 अक्तूबर तक मैक्सिको में होने वाली वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबले में इस पदक जीतने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। दिल्ली में आयकर विभाग में कार्यरत अभिषेक स्कूली समय से तीरंदाजी खेल रहे हैं। उन्होंने 2013 नेशनल प्रतियोगिता में 702, 2014 में 709 और इस नेशनल प्रतियोगिता में 701 अंक हासिल किए हैं। इनकी एशिया व इंडियन रैंकिंग वन है और वर्ल्ड रैंकिंग सात है। अभिषेक ने 15 अगस्त 2015 में वर्ल्ड चैंपियनशिप कप में टीम में स्वर्ण व व्यक्तिगत में रजत पदक जीता है।
एशियन चैंपियनशिप के लिए बढ़ा आत्मविश्वास : ज्योति
बैंकाक में एक से 8 नवंबर तक होने वाली एशियन चैंपियनशिप में चयनित आंध्र प्रदेश की तीरंदाज वी ज्योति सुरेखा ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा कि इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। मैं देश के लिए बैंकाक में पदक जरूर जीतूंगी। एशिया कप 2015 में व्यक्तिगत में स्वर्ण और टीम में रजत पदक जीतने वाली ज्योति ने कहा कि लगातार खेल पर ध्यान दे रही हूं। ज्योति ने एशियन चैंपियनशिप 2014 में कांस्य पदक जीता था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनेवाली ज्योति ने 2013 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक अपने नाम किया है।
तीरंदाजी पर सेना की भी नजर : कलराज मिश्र
प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में कलराज मिश्र ने कहा कि विश्व को तीरंदाजी भारत ने ही दी है। बदलते रूप और आधुनिक तरीकों के कारण अब सेना की नजर भी तीरंदाजी पर है। ताकि अचूक और अभेद्य निशाने से दुश्मन पर मारक वार किया जा सके। कलराज मिश्र ने कहा कि मेरठ क्रांति के साथ क्रीड़ा के लिए भी जाना जाता है। यहां पर खेलकूद का तमाम सामान बनता है।
मैंने यहां के खेल का सामान बनाने वाले उद्यमियों से बात की है कि वह धनुष और तीर भी बनाएं। क्योंकि विदेश से यह बहुत महंगे आते हैं। मेरठ में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने के लिए वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे। गुरुकुल प्रभात आश्रम को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त करने का प्रयास किया जाएगा।
पीएम ने दुनिया में हिंदी का मान बढ़ाया : स्वामी विवेकानंद
स्वामी विवेकानंद ने कहा कि यह प्रतियोगिता नहीं बल्कि अभ्यास वर्ग है। क्योंकि यह देश के भीतर अपनी जमीन पर हो रही है। प्रतियोगिता का नाम सिर्फ इसलिए दिया गया है ताकि खिलाड़ी गंभीरता से खेल सकें। गुरुकुल प्रभात आश्रम के संस्थापक स्वामी विवेकानंद ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा पीएम ने विदेशी धरती पर जाकर हिंदी का मान बढ़ाया है, यह सराहनीय है।
उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि विश्व स्तर पर पदक लेकर आश्रम आना, तभी वास्तव में आशीर्वाद मिलेगा। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि आप कहीं भी जाएं, हिंदी में ही बात करें। उन्होंने कहा कि बदलाव जरूरी है, लेकिन बदलाव में हम अपनी संस्कृति और पहचान को खोने न दें।