फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   nagar aayukt will learn lesson said mare

...तो इसलिए हुई महापौर और नगरायुक्त के बीच नोंकझोक

Wed, 22 Feb 2017 09:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 22 Feb 2017 09:55 AM IST
विज्ञापन
nagar aayukt will learn lesson said mare
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

एलईडी और कूड़ा निस्तारण प्लांट को लेकर महापौर और नगरायुक्त के बीच चल रही कलह मंगलवार को खुलकर सामने आ गई। महापौर ने नगरायुक्त पर तमाम आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ उच्च स्तर पर शिकायत करने की बात कही। वहीं नगरायुक्त ने सभी आरोपों को निराधार बताया।

विज्ञापन


महापौर ने निकाली भड़ास
मेयर हरिकांत आहलूवालिया ने कहा कि शहर के नालों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। सफाई न होने से बरसात में शहर टापू बन जाता है। नालों की योजनाबद्ध तरीके से सफाई हो, इसके लिए हमने नगरायुक्त को पत्र भेजकर मंगलवार को बैठक बुलायी थी। हम साथी पार्षदों को साथ लेकर दोपहर 12 बजे नगर निगम सभागार में पहुंच गए। सभागार में पहले से ही नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा निगम अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। नगरायुक्त ने कहा कि चुनाव आचार संहिता लगी है, इसलिए बैठक नहीं होगी। जबकि कोई नया काम करने के लिए बैठक नहीं थी। नगरायुक्त की मंशा सीधे-सीधे मेरा अपमान करने की थी। अगर उन्हें हमारे साथ बैठक नहीं करनी थी, तो फोन करके बता देना चाहिए था। क्या उन्हें नहीं पता कि महापौर का क्या प्रोटोकोल होता है। वे मेरा फोन तक नहीं उठाते हैं। वे शहर का विकास नहीं चाहते हैं। मैं रात में नालों पर खड़े होकर सफाई करा रहा हूं और नगरायुक्त अपनी कोठी पर सोए रहते हैं। अब मैं देखता हूं कि वे कैसे प्रमोशन पाते हैं। ऐसी सीआर (कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट) लिखूंगा कि उत्तर प्रदेश सरकार भी सोचने को मजबूर हो जाएगी। उनके खिलाफ राज्यपाल और पीएमओ कार्यालय तक को पत्र लिखूंगा। चैन से नहीं बैठने दूंगा। डीएम से भी बात करूंगा।
विज्ञापन

   
ये बोले नगरायुक्त
नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि मेयर के साथ बैठक न करने पर हमारा मत था कि चुनाव आचार संहिता लगी है। ऐसे में चुनाव आयोग से अनुमति ले ली जाए कि क्या हम बैठक कर सकते हैं या नहीं। हमने महापौर से भी यही कहा था कि वह खुद भी इसकी जानकारी कर लें। क्योंकि आचार संहिता का उल्लंघन हुआ, तो दोनों को ही नुकसान हो सकता है। वहां से जानकारी लेने के बाद एक-दो दिन में भी बैठक हो सकती थी। अचानक इतनी जल्दी क्यों थी। वैसे भी शहर में नालों की सफाई लगातार चल रही है। जहां भी गंदगी है या नाले भरे हैं, उनकी अभियान के तहत सफाई कराने के निर्देश हमने अधिकारियों को दिए हुए हैं। अगर सफाई नहीं होती है, तो नगरायुक्त की भी बदनामी होती है। रही बात महापौर के सम्मान की, तो हम सदैव उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने जहां कार्य करने का निर्देश दिया, वहां काम कराया गया है। उनके आरोप निराधार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed