मुजफ्फरनगर: हनुमान मंदिर पर दलितों के कब्जे को लेकर पुजारी ने दर्ज कराई रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर में शहर के प्राचीन हनुमान मंदिर में वाल्मीकि क्रांति दल द्वारा पुजारी को बाहर निकालकर कब्जा करने, धक्कामुक्की करने के मामले में पुजारी सच्चिदानंद की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के हनुमान चौक स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर मंगलवार सुबह वाल्मीकि क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने पुजारी सच्चिदानंद सेमवाल को बाहर निकालने के बाद खुद पुजारी का पद संभाल लिया था। इस दौरान मंदिर के ऊपर दलित हनुमान मंदिर का बैनर भी लगा दिया गया था।
सूचना पर पहुंचे सीओ सिटी हरीश भदौरिया व शहर कोतवाल इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने कार्यकर्ताओं को बाहर निकालकर बैनर भी हटवा दिया था। प्रकरण में मंगलवार को दलित क्रांति दल के लोगों ने हनुमान मंदिर पर कब्जा कर लिया। इस दौरान उन्होंने पुजारी को बाहर निकालकर खुद मंदिर की कमान संभाल ली।
इसके बाद उन्होंने पूजा-अर्चना शुरू की। यही नहीं बल्कि उन्होंने मंदिर के बाहर अपना बैनर भी लगा दिया। बैनर पर दलित हनुमान मंदिर लिखा। पुलिस ने दलित समाज के लोगों को किसी तरह समझाकर मंदिर से बाहर निकाला। इसके बाद सभी लोग वहां से चले गए।
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राजस्थान के असवर में हनुमान जी को दलित बताए जाने के बाद भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने मुजफ्फरनगर में कहा था कि अगर सीएम योगी हनुमान को दलित बता रहे हैं तो देश के सभी हनुमान मंदिरों पर दलितों का कब्जा होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा था कि मंदिरों के पुजारी भी दलित ही होने चाहिए।
चंद्रशेखर ने बीते शनिवार को मुजफ्फरनगर में एक सभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने राजस्थान के अलवर में सीएम योगी द्वारा हनुमान जी को लेकर दिए बयान की निंदा की। साथ ही उन्होंने योगी और मोदी को दलित विरोधी बताया था।