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मुजफ्फरनगर: भाकियू उपाध्यक्ष पर डॉक्टर ने लगाए गंभीर आरोप, कहा-धरना प्रदर्शन हटवाने के नाम पर मांग थे ढाई लाख, किया था हंगामा

Sat, 09 Apr 2022 06:26 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 09 Apr 2022 06:26 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सदर बाजार स्थित पंवार हॉस्पिटल में बच्चा बदलने को लेकर हंगामें के मामले में भाकियू उपाध्यक्ष पर बड़ा आरोप लगाया है। डॉक्टर पंवार का कहना है कि धरना प्रदर्शन को हटवाने के नाम पर उपाध्यक्ष ने ढाई लाख रुपये मांगे, लेकिन डीएनए टेस्ट में स्थिति साफ हो गई। अब वह अदालत में परिवाद दाखिल करेंगे।

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Muzaffarnagar: doctor allegations against the BKU vice-president to demand for 2.5 lakhs in the name of removing  protest
प्रेस कांफ्रेस में जानकारी देते डॉ. अजय पंवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुजफ्फरनगर के सदर बाजार स्थित पंवार हॉस्पिटल के संचालक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय पंवार ने आरोप लगाया कि भाकियू नेता और जिला पंचायत सदस्य विकास शर्मा ने धरना-प्रदर्शन हटवाने के नाम पर ढाई लाख रुपये मांगे थे। बच्चा बदलने का झूठा आरोप लगाया गया था। डीएनए जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। 

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महावीर चौक स्थित बैंक्वट हॉल में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. अजय पंवार और डॉ. आशीष बालियान ने कहा कि 14 फरवरी को बच्चा बदलने का झूठा आरोप लगाकर उनके अस्पताल पर प्रदर्शन किया गया। कर्मचरियों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। अस्पताल में अराजकता फैलाई गई थी। संस्थान पर बच्चा बदलने का झूठा आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। मामले में डीएनए जांच रिपोर्ट आठ अप्रैल को मिली है, जिसमें साबित हो गया कि संस्थान में लडक़ी ही भर्ती कराई गई थी। 
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डॉक्टरों का कहना है कि विकास शर्मा ने ढाई लाख रुपये देने का दबाव बनाया था। सुविधा शुल्क की मांग पूरी नहीं करने पर अस्पताल बंद करवाने की चेतावनी आरोपियों ने दी थी। डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीएम और सीएमओ को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। सिविल लाइन थाने में तहरीर दी गई है।

क्या था मामला
रोनी हरजीपुर निवासी राज सिंह अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा के बाद 18 फरवरी को अस्पताल के लिए लेकर चला था। रास्ते में प्रसव हो गया, जिस कारण नवजात को चोट लग गई। राज सिंह ने अपनी पत्नी को शामली रोड स्थित अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि नवजात आरती को पंवार हॉस्टिपल में भर्ती कराया था।

28 फरवरी को राज सिंह की पत्नी की मौत हो गई। इसके बाद 13 मार्च को राज सिंह नवजात कोा अस्पताल से अपने घर ले गया। 14 मार्च को वह दोबारा अस्पताल पहुंचा और आरोप लगाया कि उसने लडक़ा भर्ती कराया था, जबकि अस्पताल में बच्चा बदलकर लडक़ी दे दी गई। भाकियू के जिला उपाध्यक्ष विकास शर्मा अन्य लोगों के साथ अस्पताल पहुंचे और प्रदर्शन किया था। 

डीएनए जांच में लडक़ी हुई साबित
सिटी मजिस्ट्रेट अनूप कुमार के हस्तक्षेप के बाद डीएनए जांच के लिए सहमति बनीं थी। स्वास्थ्य विभाग ने नवजात और राज सिंह का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। आठ अप्रैल को रिपोर्ट आई, जिसमें सैंपल मैच हो गया।

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