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मुशायरे में शायराें ने कलाम पढ़े
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2016 01:40 AM IST
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नौचंदी में मुशायरे का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
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बुधवार की रात मेला नौचंदी स्थित पटेल मंडप में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरे में शायरों ने जमकर वाह वाही लूटी। खचाखच भरे पंडाल में श्रोताओं ने जमकर शायरों को दाद दी।
मुशायरे का आगाज नात ए पाक से हुआ। इस मौकेपर अनवर जलालपुरी ने पढ़ा, ‘तोहमतें आएंगी नादिरशाह पर, आप दिल्ली रोज ही लूटा करें।’ तो लोगों ने जमकर तालियाें से दाद दी। अफजल मंगलौरी ने फरमाया, ‘तू भी आदमी मैं भी आदमी तो नफरतों की है बात क्यों, न तेरा खुदा कोई और न मेरा खुदा कोई और है।
’ सज्जाद झंझट ने पढ़ा, ‘हजारों दिल तेरे वादे पे ऐसे टूट जाते हैं, कि जैसे हाथ से गिरते ही अंडे टूट जाते हैं। ’ पर पंडाल ठहाकाें से गूंज उठा। शायद अल्ताफ जिया ने शेर पढ़ा, ‘इक जरा सी मफाद की खातिर कितने चेहरे बदल रहा हूं मैं।’ अरकम हसनुपरी को शेर, ‘खोल कर आंख देखा जो मां को, ओढनी से हवा कर रही थी।
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’ महापौर हरिकांत अहूवालिया ने मुशायरे का शुभारंभ किया। निजामत अनवर जलालपुरी ने की। इस मौकेपर कैबिनेट मंत्री इकबाल महमूद, शाहिद मंजूर, इसरार सैफी, आदिल चौधरी, सरवत चौधरी इस अवसर पर पार्षद शाहिद अब्बासी, सरवत चौधरी, हाजी रिजवान, इकराम सैफी, वसीम गाजी, नरेन्द्र यादव, आस मोहम्मद मलिक, इकबाल कस्सार, इजहार खान, आदिल अंसारी, सईद अंसारी, हिफजुर्रहमान, चैतन्यदेव स्वामी आदि मुख्य रहे। आदि मौजूद रहे।
जमकर हुई हूटिंग
मेरठ। समय से मुशायरा शुरू न होने से श्रोताओं ने जमकर हूटिंग की। लगभग पौने 11 बजे मुशायरा शुरू हो पाया। इस दौरान कई बार श्रोताओं ने शोर मचाया। कहा कि मुशायरा जल्द शुरू करो।
अव्यवस्थाएं रही हावी
मंडप में अव्यवस्थाएं जमकर हावी रही। भीड़ ज्यादा होने के कारण इंतजाम नाकाफी रहे। कई बार जमकर हंगामा हुआ। बाहर भी काफी भीड़ मौजूद रही। पुलिस को कई बार लाठियां फटकारनी पड़ी।
मुशायरे का आगाज नात ए पाक से हुआ। इस मौकेपर अनवर जलालपुरी ने पढ़ा, ‘तोहमतें आएंगी नादिरशाह पर, आप दिल्ली रोज ही लूटा करें।’ तो लोगों ने जमकर तालियाें से दाद दी। अफजल मंगलौरी ने फरमाया, ‘तू भी आदमी मैं भी आदमी तो नफरतों की है बात क्यों, न तेरा खुदा कोई और न मेरा खुदा कोई और है।
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’ सज्जाद झंझट ने पढ़ा, ‘हजारों दिल तेरे वादे पे ऐसे टूट जाते हैं, कि जैसे हाथ से गिरते ही अंडे टूट जाते हैं। ’ पर पंडाल ठहाकाें से गूंज उठा। शायद अल्ताफ जिया ने शेर पढ़ा, ‘इक जरा सी मफाद की खातिर कितने चेहरे बदल रहा हूं मैं।’ अरकम हसनुपरी को शेर, ‘खोल कर आंख देखा जो मां को, ओढनी से हवा कर रही थी।
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’ महापौर हरिकांत अहूवालिया ने मुशायरे का शुभारंभ किया। निजामत अनवर जलालपुरी ने की। इस मौकेपर कैबिनेट मंत्री इकबाल महमूद, शाहिद मंजूर, इसरार सैफी, आदिल चौधरी, सरवत चौधरी इस अवसर पर पार्षद शाहिद अब्बासी, सरवत चौधरी, हाजी रिजवान, इकराम सैफी, वसीम गाजी, नरेन्द्र यादव, आस मोहम्मद मलिक, इकबाल कस्सार, इजहार खान, आदिल अंसारी, सईद अंसारी, हिफजुर्रहमान, चैतन्यदेव स्वामी आदि मुख्य रहे। आदि मौजूद रहे।
जमकर हुई हूटिंग
मेरठ। समय से मुशायरा शुरू न होने से श्रोताओं ने जमकर हूटिंग की। लगभग पौने 11 बजे मुशायरा शुरू हो पाया। इस दौरान कई बार श्रोताओं ने शोर मचाया। कहा कि मुशायरा जल्द शुरू करो।
अव्यवस्थाएं रही हावी
मंडप में अव्यवस्थाएं जमकर हावी रही। भीड़ ज्यादा होने के कारण इंतजाम नाकाफी रहे। कई बार जमकर हंगामा हुआ। बाहर भी काफी भीड़ मौजूद रही। पुलिस को कई बार लाठियां फटकारनी पड़ी।