मुन्ना बजरंगी हत्या: 9 घंटे खामोश रहा कुख्यात राठी, बागपत जेल में मिले छह मोबाइल
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माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद आरोपी सुनील राठी को बागपत से फतेहगढ़ जेल शिफ्ट किया गया। नौ घंटे के सफर में राठी ने चुप्पी साधे रखी। सुरक्षा में तैनात सिपाहियों से कोई बात नहीं की। रास्ते में सिर्फ एक बार पानी पिया। राठी के बागपत जेल से जाते ही जेल प्रशासन को छह मोबाइल और नशीले पदार्थ मिले हैं।
बागपत जेल से पुलिस राठी को शनिवार दोपहर दो बजे लेकर चली। फतेहगढ़ जेल में रात करीब 11 बजे शिफ्ट किया। बागपत से पुलिस मेरठ होते हुए फतेहगढ़ पहुंची। सुरक्षा में तैनात सीओ राजवीर सिंह ने बताया कि मेरठ में काफिले की एक गाड़ी पीछे छूट जाने के कारण कुछ देर रुके थे। सिपाही सुरक्षा के लिए वज्र वाहन से नीचे उतर गए थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि बागपत से फतेहगढ़ तक राठी ने खामोशी ही ओढ़े रखी। वह चुप रहा और साथ चल रहे पुलिसकर्मियों के साथ कोई बात नहीं हुई। रास्ते में करीब तीन घंटे बाद एक बार पानी पिया। शनिवार को रात में करीब 11 बजे राठी को फतेहगढ़ जेल में शिफ्ट किया। इस दौरान पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था रही।
फतेहगढ़ में फिर टकरा सकते हैं हप्पू और राठी
एक ही जिले के दो कुख्यात अजित हप्पू और सुनील राठी फतेहगढ़ जेल में बंद हैं। दोनों के बीच बागपत जेल में छत्तीस का आंकड़ा रहा है। एक लाख के इनामी रहे प्रमोद राठी की हत्या की वजह हप्पू को माना जाता रहा है। इस वजह से हप्पू और प्रमोद राठी गैंग के बीच जेल में भी झगड़े होते रहे हैं। प्रमोद राठी गैंग ने सुनील राठी गैंग से हाथ मिला रखा है। ऐसे में सुनील राठी और हप्पू के बीच रंजिश शुरू हो गई है। दोनों कुख्यातों के फतेहगढ़ जेल में भी फिर टकराने की आशंका है।
राठी के जेल से जाते ही मिले छह मोबाइल
कुख्यात सुनील राठी को फतेहगढ़ जेल में शिफ्ट किए जाने के एक दिन बाद जेल प्रशासन ने पीएसी को साथ लेकर चेकिंग कराई। इस दौरान जेल प्रशासन को छह मोबाइल और नशीले पदार्थ मिले हैं। मोबाइल मिलने से इस बात की पुष्टि हो गई है सुनील राठी और अन्य बंदी जेल में मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे और इन्हीं मोबाइलों में किसी से हत्या के बाद मुन्ना बजरंगी के शव के फोटो वायरल किए गए।
रविवार रात करीब 11 बजे जेलर एसके सिंह पीएसी की मदद से बागपत जेल में बैरकों की तलाशी लेनी शुरू की। इस दौरान बैरकों के बाहर मोबाइल मिले। माना जा रहा है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जेल में बंदियों पर कसे जा रहे शिकं जे और तलाशी होते देख बैरकों में बंद बंदियों ने ये मोबाइल फेंके थे। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जेल में कई बार तलाशी अभियान चलाया जा चुका है लेकिन तब ये मोबाइल नहीं मिले थे। अब मोबाइल मिलने से यह तो साफ हो गया है कि जेल में एक नहीं कई मोबाइल चल रहे थे।
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