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सांसद की प्राथमिकता में हाईकोर्ट बेंच सहित ये 5 बड़े काम, अमर उजाला संवाद में दिया हर सवाल का जवाब

Tue, 28 May 2019 12:27 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 28 May 2019 12:27 AM IST
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MP Rajendra Agrawal answered many questions of peoples in the Amar Ujala program
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में सांसद राजेंद्र अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला

मेरठ से दिल्ली का सफर एक घंटे में तय हो और आपको न्याय के लिए प्रयागराज के चक्कर न लगाने पड़ें, ये दोनों काम आपके सांसद राजेंद्र अग्रवाल की प्राथमिकता में हैं। सांसद का कहना है कि इस बार हाईकोर्ट बेंच के लिए भरसक प्रयास किए जाएंगे। वहीं, शहर में स्वच्छता और पानी की समस्या के लिए अहम कदम उठाए जाएंगे। मेरठ के उद्योगों को देश-विदेश में पहचान दिलाने के लिए एकजुट होना होगा। हापुड़ में फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी। अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में लगातार तीसरी बार सांसद बने राजेंद्र अग्रवाल से शहर के गणमान्य लोगों ने प्रश्न किए और अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया। 

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सांसद की पांच प्राथमिकताएं
1. हाईकोर्ट बेंच
2. सुगम यातायात
3. पानी की समस्या व स्वच्छता
4. औद्योगिकरण नीति 
5. फूड-प्रोसेसिंग यूनिट, कैंटोनमेंट की समस्याएं आदि


सवाल - जो प्रोजेक्ट चल रहे हैं, वे पूरे नहीं हो पाते। ऐसा कब तक चलता रहेगा ?
- डा. किरण प्रदीप, प्राचार्य, कनोहरलाल डिग्री कॉलेज
जवाब - अभी इन प्रोजेक्ट के पूरा होने का समय नहीं आया है। तेज गति से कार्य चल रहा है। रैपिड रेल प्रोजेक्ट 2023-24 में पूरा होना है। वहीं, एक्सप्रेस में दो से तीन महीने लगेंगे। मैं दोबारा से शपथग्रहण के बाद इन प्रोजेक्ट को फॉलो करना शुरू करूंगा।
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सवाल - आईटी पार्क और स्मार्ट सिटी की क्या संभावनाएं हैं ? 
- डा. मनु भारद्वाज, प्रधानाचार्या, खालसा इंटर कॉलेज
जवाब - आईटी पार्क का लोकार्पण दो-तीन महीनों में करा दिया जाएगा। वहीं, सरकार को 100 स्मार्ट सिटी बनाने थे। हम इसमें असफल हुए। हर तीन महीने में स्वच्छता सर्वेक्षण होना है। अब इसमें मेहनत करनी होगी।

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सवाल - स्कूलों की सुरक्षा और ‘सबको शिक्षा का अधिकार’ अधिनियम पर विचार करने की जरूरत है। सबको शिक्षा का अधिकार के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से प्रतिवर्ष प्रति बच्चा 5400 रुपये दिए जा रहे हैं, जो कि कम हैं। इस पर आप क्या करेंगे ?
राहुल केसरवानी, सचिव, मेरठ सहोदय
जवाब - मुझे इस संबंध में पत्र लिखकर दीजिए। मैं इस बारे में मंत्रालय तक आपकी बात पहुंचा दूंगा। वहीं, सुरक्षा के मामले पर भी आपके साथ हूं।

सवाल - यहां इंडस्ट्री को बूस्टर डोज देने की जरूरत है। इसके अलावा व्यापारी को सुरक्षित कैसे महसूस कराएंगे?
डा. ब्रजभूषण गोयल, अध्यक्ष, वेस्टर्न यूपी चेंबर ऑफ कॉमर्स
जवाब - मैंने अपने पिछले दोनों कार्यकाल में इंडस्ट्री को बूस्टर डोज देने का प्रयास किया। लेकिन इस बार में बिल्कुल इंडस्ट्री के लिए कुछ कंरूगा। हालांकि, यहां जमीन का अभाव है। एक महीने के अंदर मुख्यमंत्री से मिलकर मेरठ में इंडस्ट्री की संभावनाओं पर बात करूंगा। वहीं, व्यापारियों की सुरक्षा पर हमारी सरकार गंभीर है। 

सवाल - कताई मिल के पीछे 400 एकड़ जमीन खाली है। इस पर कुछ हो सकता है, आपका क्या मानना है?
- राजकुमार, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती
जवाब - इस पर प्रदेश सरकार से बात करूंगा, जिससे कुछ इंडस्ट्री के लिए हल निकाला जा सके।

सवाल - स्मार्ट गांव, गन्ने का भुगतान कब तक हो पाएगा?
- कुलदीप त्यागी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय किसान आंदोलन
जवाब - स्मार्ट गांव बनाना लंबा विषय है। सबसे पहले मेरा ध्यान हर गांव में तालाब को स्वच्छ बनाने पर है। 

सवाल - प्राथमिक शिक्षा मजबूत न होने से हम दीवान, सोफिया पर निर्भर हैं, ऐसा क्यों?
कौसर जहां, प्राथमिक अध्यापक
जवाब - सबसे पहले भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की जरूरत है। मेरा ध्यान इस पर है, लेकिन समय लगेगा।

सवाल - मेरठ से दिल्ली राजमार्ग का नाम एनएच-58 क्यों हटा दिया गया?
- सरबजीत कपूर, समाजसेवी
जवाब - अब मेरठ से गाजियाबाद तक एनएच-58 नहीं कहा जाता। मेरठ से आगे देहरादून तक अभी भी एनएच-58 है। मेरठ से गाजियाबाद तक यह राजमार्ग रैपिड रेल के लिए बाधक था।

सवाल - स्वच्छता के लिए हमें और आपको क्या करना चाहिए?
राजेश सेठी
जवाब - इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। इस पर मेरा ध्यान रहेगा।

सवाल - सीबीएसई और आईसीएसई के बच्चों को 12वीं के बाद शहर छोड़ना पड़ रहा है। हमारे यहां कोई व्यवस्था नहीं है?
चंद्रलेखा जैन, प्रधानाचार्या, सेंट जोंस स्कूल
जवाब - हम चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटने के पक्षधर हैं। वहीं, बैकलॉग बढ़ा है। यह समस्या हल करेंगे।

सवाल - मेरठ में टोल टैक्स डबल लिया जा रहा है। जबकि अन्य स्थानों पर ऐसा नहीं है?
संजू मित्तल
जवाब - आपने मेरा ध्यान आकर्षित कराया। मैं इस संबंध में जरूर मंत्रालय संपर्क करूंगा। 

सवाल - 1857 की क्रांति के स्थलों पर स्थान और स्वच्छता का अभाव है?
एके गांधी, लेखक
जवाब - ऐसे स्थानों को चिन्हित करेंगे। आप भी सहयोग कीजिएगा। कमिश्नर के साथ बैठकर प्लान तैयार कराएंगे।

सवाल - शूटिंग के लिए मिलने वाले उपकरण महंगे हैं। इस पर जीएसटी 18 प्रतिशत है, इस पर कुछ कर सकते हैं?
आदित्य शर्मा
जवाब - आप यह मुझे लिखकर दीजिएगा। मैं विश्वास दिलाता हूं 100 प्रतिशत जीएसटी खत्म हो जाएगी।

सवाल - एयरपोर्ट कब से शुरू कराएंगे और रेलवे रोड से बागपत रोड कब जुड़ेगी?
मनीष प्रताप
जवाब - बहुत जल्द सब कार्य शुरू होंगे। मैं खुद इन कार्यों के लिए लगा हुआ हूं। 

सवाल - सराफा बाजार का उद्धार कब होगा?
नरेश माहेश्वरी, महामंत्री, सराफा व्यापार संघ
जवाब - इस पर सरकार से वार्ता करूंगा। जिससे आपकी समस्या हल हो सके। 

सवाल - उद्योग-धंधों को शिखर तक कैसे पहुंचाएंगे?
पंकज गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए
जवाब - मैं इस बार सबसे ज्यादा ध्यान मेरठ के उद्योग-धंधों पर ही दे रहा हूं। आप चिंता न करिये, इस बार अच्छा होगा।

सवाल - उद्योग-धंधों को आगे बढ़ाने के लिए कनेक्टिविटी की जरूरत है, क्या करेंगे?
अतुल भूषण गुप्ता, अध्यक्ष, आईआईए
जवाब - इन पांच सालों में कनेक्टिविटी की समस्या बेहतर हो जाएगी। हमें लगने लगेगा कि हमारा मेरठ एनसीआर श्रेणी में है।

सवाल - दवा कारोबार पर आपके क्या प्रयास रहेंगे  ?
रजनीश कौशल, दवा व्यापारी
जवाब - दवा व्यापारी का शोषण होने नहीं दिया जाएगा। हमेशा दवा व्यापारी के हितों की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

सवाल - कनेक्टिविटी के लिए अब कितने दिन और इंतजार करें?
डा. रजनीश भारद्वाज, होम्योपैथिक चिकित्सक
जवाब - बहुत जल्द मेरठ से दिल्ली का सफर सुहावना होने जा रहा है। 

सवाल - हमेशा ऑटो वालों पर ही ट्रैफिक पुलिस प्रहार करती है, ऐसा क्यों?
हाजी मौहम्मद अरशी
जवाब - आपके सवाल पर विचार कर ट्रैफिक पुलिस से वार्ता की जाएगी।

सवाल - कॉलेजों में शैक्षणिक स्तर का न सुधरना चिंता की बात है?
डा. उमाशंकर प्रसाद
जवाब - इस मामले को भी गंभीरता से लेते हुए मंत्रालय के संज्ञान में डालेंगे।

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