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Meerut News: रंगीन आम की नई प्रजातियों का मातृ खंड स्थापित
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दौराला - पौधा रोपण करते जिलाधिकारी और सीडीओ। स्रोत: सूचना विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। राजकीय केंद्रीय पौधशाला मछरी में सोमवार को आम की रंगीन प्रजातियों के मातृ खंड की स्थापना की गई। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने आम की नवीन प्रजातियों पूसा अरुणिमा, पूसा सूर्या, पूसा मनोहारी, पूसा अंबिका और हाईब्रिड प्रजाति मायामा का रोपण किया। जिला उद्यान अधिकारी ने अधिकारियों को रंगीन आम की प्रजातियों की विशेषताओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इन प्रजातियों के फलों का बाहरी रंग लाल, पीला और चमकदार होता है, जबकि गूदा पीले रंग का रहता है। जिले में दशहरी, चौसा, लंगड़ा और गुलाब जामुन जैसी परंपरागत प्रजातियों के साथ अब रंगीन आम की मांग भी बढ़ रही है। इसी को देखते हुए मातृ खंड स्थापित किया गया है। इस दौरान कई प्रगतिशील किसान मौजूद रहे। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किसानों को पांच-पांच फलदार पौधों के बैग वितरित किए गए।
जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने मछरी में संचालित हाईटेक नर्सरी का निरीक्षण भी किया। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित नर्सरी में गुलदाउदी, टमाटर, स्ट्रॉबेरी और पत्तागोभी के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। समूह अध्यक्ष रीना मलिक ने स्वचालित सीडलिंग मशीन का प्रदर्शन किया। बिजली का बिल अधिक आने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने नर्सरी में सौर पैनल लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में अधिक से अधिक औद्यानिक फसलों की पौध तैयार कर किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इस दौरान सीडीओ, जिला उद्यान अधिकारी, बीडीओ दौराला और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
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दौराला। राजकीय केंद्रीय पौधशाला मछरी में सोमवार को आम की रंगीन प्रजातियों के मातृ खंड की स्थापना की गई। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने आम की नवीन प्रजातियों पूसा अरुणिमा, पूसा सूर्या, पूसा मनोहारी, पूसा अंबिका और हाईब्रिड प्रजाति मायामा का रोपण किया। जिला उद्यान अधिकारी ने अधिकारियों को रंगीन आम की प्रजातियों की विशेषताओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इन प्रजातियों के फलों का बाहरी रंग लाल, पीला और चमकदार होता है, जबकि गूदा पीले रंग का रहता है। जिले में दशहरी, चौसा, लंगड़ा और गुलाब जामुन जैसी परंपरागत प्रजातियों के साथ अब रंगीन आम की मांग भी बढ़ रही है। इसी को देखते हुए मातृ खंड स्थापित किया गया है। इस दौरान कई प्रगतिशील किसान मौजूद रहे। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किसानों को पांच-पांच फलदार पौधों के बैग वितरित किए गए।
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जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने मछरी में संचालित हाईटेक नर्सरी का निरीक्षण भी किया। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित नर्सरी में गुलदाउदी, टमाटर, स्ट्रॉबेरी और पत्तागोभी के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। समूह अध्यक्ष रीना मलिक ने स्वचालित सीडलिंग मशीन का प्रदर्शन किया। बिजली का बिल अधिक आने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने नर्सरी में सौर पैनल लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में अधिक से अधिक औद्यानिक फसलों की पौध तैयार कर किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इस दौरान सीडीओ, जिला उद्यान अधिकारी, बीडीओ दौराला और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
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