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न मोटे होंगे न पतले, साइड इफेक्ट होंगे तगड़े

Thu, 15 Sep 2016 07:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Thu, 15 Sep 2016 07:58 PM IST
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mote ko dubla
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
स्लिम एंड फिट रहने की चाहत किसे नहीं होती। इसके लिए हेल्थ क्लब और तमाम सप्लीमेंट पर हर माह हजारों रुपये फूंक दिए जाते हैं। लेकिन यही चाहत उनकी सेहत को खतरे में डाल रही है। एफडीए और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अभी तक किसी ऐसी दवा या सप्लीमेंट को मंजूरी नहीं दी है, जो मोटापा कम करने के दावे पर खतरा उतरे। इसके बावजूद बाजार में चंद हफ्तों में पांच से आठ किलो वजन कम करने के दावे करते हुए धड़ल्ले से फूड सप्लीमेंट्स बेचे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट में इनके तमाम ऐसे साइड इफेक्ट सामने आ रहे हैं, जो अच्छे खासे स्वस्थ व्यक्ति को बीमार बना रहे हैं। एफडीए ने अब इन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
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सैंपल हो गए फेल
खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग (एफडीए) ने एक साल में 27 फूड सप्लीमेंट्स के सैंपल भरे। जिसमें शरीर मोटापा घटाने वाले पांच सप्लीमेंट्स, जबकि बाकी सभी सप्लीमेंट्स वजन बढ़ाने व बॉडी बनाने के दावे के साथ बाजार में बेचे जा रहे थे। अब रिपोर्ट चौंकाने वाली हैं, क्योंकि वजन घटाने के लिए बेचे जा रहे सभी सैंपल फेल हुए हैं। उनके अंदर ऐसे खतरनाक केमिकल पाये गए हैं जो सीधे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। वहीं, बॉडी बनाने के लिए बेचे जा रहे 22 में से 21 सैंपल फेल हो गए हैं। इनमें भी अधिकांश के अंदर स्टेरॉयड पाया गया।
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अनानास के कंटेंट में दवाएं
 एफडीए की जांच में साफ हुआ है कि ब्रोमेलैन में कुछ ऐसी दवायें मिलायी जा रही है, जिससे भूख कम लगती है। इसमें कई एंटीबायोटिक व एंटी एलर्जी वाली दवाएं भी पाई गई है। एफडीए के अभिहित अधिकारी वीके वर्मा का कहना है कि ब्रोमेलैन अनानास के रस से तैयार होने वाला एक कंटेंट है। सामान्य तौर पर इस कंटेंट का इस्तेमाल शरीर में सूजन कम करने के लिए किया जाता है। खासकर सर्जरी के बाद चिकित्सक द्वारा ब्रोमेलैन के साल्ट की गोली दी जाती है, क्योंकि ब्रोमेलैन बनाने में भी कुछ केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे ज्यादा मात्रा में दिये जाने के बाद कई सारे खतरे हैं। खासकर उल्टी, दस्त से लेकर शरीर में एलर्जी तक की शिकायत हो सकती है।
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मोटापा घटाने की दवा और दुष्प्रभाव
- ओर्लिस्टेट - यह पेट के अंदर वसा का स्तर कम करती है
साइड इफेक्ट -  पेट में दर्द, अकड़न व दस्त लगना। ज्यादा समय तक सेवन करने पर पेट में अल्सर व लीवर में इंफेक्शन का खतरा।
- बेल्विक - सेवन करने पर भूख कम कर देती है।
साइड इफेक्ट - उल्टी दस्त, चक्कर आना, सिर में दर्द। पेट में इंफेक्शन होने का खतरा।
- फेंटर्मिन - यह दवा सीधे भूख को कम कर देती है।   
साइड इफेक्ट - बीपी बढ़ना, अचानक से घबराहट होना, हार्ट अटैक का खतरा।
- सैक्सएंडा - इसके सेवन से पेट भरे होने का अहसास होता। भूख पहले से कम लगती है।
साइड इंफेक्ट - कुछ समय के बाद उल्टी व चक्कर आने की शिकायत। स्किन इंफेक्शन से लेकर पेट में अल्सर होने तक का खतरा।

अब आयुर्वेद का फंडा
बीते साल एफडीए द्वारा भरे गए फूड सप्लीमेंट्स के 98 फीसदी तक सैंपल फेल हुए। ऐसे में कंपनियां अब दावा कर रही है कि यह प्रोडक्ट 100 फीसदी आयुर्वेदिक है। पैकेजिंग पर लिख भी रही हैं। क्योंकि एफडीए को आयुर्वेद प्रोडक्ट का सैंपल भरने का अधिकार नहीं है। जबकि ये सभी फूड प्रोडक्ट की श्रेणी में आते हैं।


 
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