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मैराथन से पहले एक करोड़ का ‘मैराथन’ टारगेट
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Fri, 26 Feb 2016 01:54 AM IST
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शहर में 13 मार्च को प्रस्तावित मैराथन की तैयारियों के लिये टारगेट भी ‘मैराथन’ जैसा दिया गया है। इसके लिये सरकारी विभागों को लगभग एक करोड़ रुपये का कलेक्शन करने को कहा गया है, जिसमें अफसरों के पसीने छूट गए हैं।
फिलहाल, इस आयोजन के लिये प्रायोजकों की तलाश शुरू हो गई है। इस संबंध में एमडीए सचिव ने विज्ञप्ति जारी कर प्रायोजक आमंत्रित किये हैं।
मैराथन पांच वर्गों में होने जा रही है, जिसकी तैयारियों के लिये सरकारी विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसे लेकर अधिकारियों की संयुक्त बैठकें हो रही हैं। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रायोजकों की तलाश है। आयोजन की तैयारियों पर लगभग 80 लाख रुपये खर्च होने हैं।
इसके अलावा लगभग 30 लाख रुपये प्रतिभागियाें से एंट्री फीस के रूप में आने हैं। इस तरह एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा के कलेक्शन की कवायद तेज हो गई है। इसके लिये सबसे अहम है प्रायोजकों की तलाश, जिसकी जिम्मेदारी एमडीए को सौंपी गई है।
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इसी क्रम में एमडीए ने प्रायोजक आमंत्रित किए हैं। कहा है कि आयोजन के लिये या तो नकद धनराशि दी जा सकती है या फिर सामग्री। उल्लेखनीय है कि, ऐसा पहली बार हो रहा है, जब किसी आयोजन में प्रशासनिक मशीनरी को प्रायोजक जुटाने के लिये लगाया गया है।
बैठकों में बन रही रणनीति
एमडीए समेत अन्य सरकारी विभागों में अब मानो प्रायोजकों के जरिये धनराशि जुटाने का टारगेट ही सबसे अहम रह गया है। कई व्यवसायियों, उद्यमियों और संगठनों से लगातार बात की जा रही है।
कहा जा रहा है कि 15 लाख रुपये के तो इनाम ही बांटे जाएंगे। बाकी संगठनात्मक खर्च होगा। ऐसे आयोजन के लिये अमूमन सरकारी अधिकारी गंभीर नहीं रहते, लेकिन इस बार वे जबरदस्त मशक्कत कर रहे हैं।
साढ़े आठ हजार प्रतिभागी
समिति के अनुमान की ही मानें तो साढे़ आठ हजार प्रतिभागी इस मैराथन में शिरकत करेंगे। फुल व हॉफ मैराथन में पांच-पांच सौ, ड्रीम रन में चार सौ, लेडीज और यूथ रन में दो-दो सौ रुपये एंट्री फीस रखी गई है।
औसत 360 रुपये प्रति एंट्री भी लगाया जाए तो यह रकम 30 लाख रुपये से ज्यादा बैठती है।
प्रायोजकों का हिसाब-किताब
मुख्य प्रायोजक:10 लाख रुपये का चाहिए। बदले में उसका नाम और लोगो मैराथन स्थान पर प्रदर्शित होगा।
सह प्रायोजक:पांच श्रेणी की दौड़ के लिये अलग-अलग पांच होंगे। हर श्रेणी के लिये पांच लाख यानी कुल 25 लाख रुपये आएंगे। बदले में धावकों की टी-शर्ट पर सह प्रायोजकों का लोगो लगेगा।
गुडी बैग्स प्रायोजक:हर धावक को एक गुडी बैग दिया जाएगा। प्रत्येक की अनुमानित कीमत 250 रुपये रखी गई है। सभी श्रेणियों में लगभग साढे़ आठ हजार प्रतिभागी होंगे। यानी 21.25 लाख रुपये गुडी बैग्स प्रायोजक को देने होंगे।
सत्कार:प्रत्येक किमी यानी लगभग साठ स्थानों पर पेय पदार्थ के स्टाल के लिये। 20 हजार प्रत्येक स्टाल पर यानी 12 लाख रुपये चाहिए।
चिकित्सा सुविधा:चिकित्सा कैंप के लिए एंबुलेंस। प्रत्येक चार किमी पर चेक प्वाइंट। दो लाख रुपये का प्रायोजक चाहिए।
स्टेज प्रायोजक:चार लाख लाख रुपये चाहिए।
वर्जन
मैराथन के लिए प्रायोजक आमंत्रित किए गए हैं, ताकि इस दौड़ को सही तरीके से संपन्न कराया जा सके।
-कुमार विनीत, सचिव एमडीए
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फिलहाल, इस आयोजन के लिये प्रायोजकों की तलाश शुरू हो गई है। इस संबंध में एमडीए सचिव ने विज्ञप्ति जारी कर प्रायोजक आमंत्रित किये हैं।
मैराथन पांच वर्गों में होने जा रही है, जिसकी तैयारियों के लिये सरकारी विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसे लेकर अधिकारियों की संयुक्त बैठकें हो रही हैं। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रायोजकों की तलाश है। आयोजन की तैयारियों पर लगभग 80 लाख रुपये खर्च होने हैं।
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इसके अलावा लगभग 30 लाख रुपये प्रतिभागियाें से एंट्री फीस के रूप में आने हैं। इस तरह एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा के कलेक्शन की कवायद तेज हो गई है। इसके लिये सबसे अहम है प्रायोजकों की तलाश, जिसकी जिम्मेदारी एमडीए को सौंपी गई है।
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इसी क्रम में एमडीए ने प्रायोजक आमंत्रित किए हैं। कहा है कि आयोजन के लिये या तो नकद धनराशि दी जा सकती है या फिर सामग्री। उल्लेखनीय है कि, ऐसा पहली बार हो रहा है, जब किसी आयोजन में प्रशासनिक मशीनरी को प्रायोजक जुटाने के लिये लगाया गया है।
बैठकों में बन रही रणनीति
एमडीए समेत अन्य सरकारी विभागों में अब मानो प्रायोजकों के जरिये धनराशि जुटाने का टारगेट ही सबसे अहम रह गया है। कई व्यवसायियों, उद्यमियों और संगठनों से लगातार बात की जा रही है।
कहा जा रहा है कि 15 लाख रुपये के तो इनाम ही बांटे जाएंगे। बाकी संगठनात्मक खर्च होगा। ऐसे आयोजन के लिये अमूमन सरकारी अधिकारी गंभीर नहीं रहते, लेकिन इस बार वे जबरदस्त मशक्कत कर रहे हैं।
साढ़े आठ हजार प्रतिभागी
समिति के अनुमान की ही मानें तो साढे़ आठ हजार प्रतिभागी इस मैराथन में शिरकत करेंगे। फुल व हॉफ मैराथन में पांच-पांच सौ, ड्रीम रन में चार सौ, लेडीज और यूथ रन में दो-दो सौ रुपये एंट्री फीस रखी गई है।
औसत 360 रुपये प्रति एंट्री भी लगाया जाए तो यह रकम 30 लाख रुपये से ज्यादा बैठती है।
प्रायोजकों का हिसाब-किताब
मुख्य प्रायोजक:10 लाख रुपये का चाहिए। बदले में उसका नाम और लोगो मैराथन स्थान पर प्रदर्शित होगा।
सह प्रायोजक:पांच श्रेणी की दौड़ के लिये अलग-अलग पांच होंगे। हर श्रेणी के लिये पांच लाख यानी कुल 25 लाख रुपये आएंगे। बदले में धावकों की टी-शर्ट पर सह प्रायोजकों का लोगो लगेगा।
गुडी बैग्स प्रायोजक:हर धावक को एक गुडी बैग दिया जाएगा। प्रत्येक की अनुमानित कीमत 250 रुपये रखी गई है। सभी श्रेणियों में लगभग साढे़ आठ हजार प्रतिभागी होंगे। यानी 21.25 लाख रुपये गुडी बैग्स प्रायोजक को देने होंगे।
सत्कार:प्रत्येक किमी यानी लगभग साठ स्थानों पर पेय पदार्थ के स्टाल के लिये। 20 हजार प्रत्येक स्टाल पर यानी 12 लाख रुपये चाहिए।
चिकित्सा सुविधा:चिकित्सा कैंप के लिए एंबुलेंस। प्रत्येक चार किमी पर चेक प्वाइंट। दो लाख रुपये का प्रायोजक चाहिए।
स्टेज प्रायोजक:चार लाख लाख रुपये चाहिए।
वर्जन
मैराथन के लिए प्रायोजक आमंत्रित किए गए हैं, ताकि इस दौड़ को सही तरीके से संपन्न कराया जा सके।
-कुमार विनीत, सचिव एमडीए