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Meerut: गृहकर के बढ़े बिलों पर नगर निगम में हंगामा, कांग्रेसी बोले- किसी गरीब का भवन सील करा तो बंधक बना लेंगे
Fri, 13 Mar 2026 09:46 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Fri, 13 Mar 2026 09:46 PM IST
सार
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी का एक घंटे तक घेराव गया। बिलों की गड़बड़ी दुरुस्त न किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। नगर निगम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
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ज्ञापन देकर गृह कर की समस्या बताते कांग्रेसी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
13 मार्च 2026 को महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रंजन शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने गृहकर वसूली में भ्रष्टाचार और बेहिसाब बिल भेजने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने भवन स्वामियों के उत्पीड़न पर नाराजगी जताई। कांग्रेसियों ने चेतावनी दी कि यदि निगम कर्मचारी किसी गरीब का भवन सील करेंगे तो उन्हें बंधक बना लिया जाएगा।
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उन्होंने नगर आयुक्त के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने जीआईएस सर्वे के नाम पर गृहकर में कई गुना वृद्धि का विरोध किया। उन्होंने भाजपा पर आम जनता पर कर का बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया। पहले भाजपा के महापौर के समय पानी का कर अतिरिक्त भार जनता पर डाला गया था। अब वर्तमान महापौर हरिकांत अहलूवालिया के कार्यकाल में गृहकर में सैकड़ों फीसदी बढ़ोतरी की गई है। भाजपा सांसद, विधायक और पार्षद जनता के शोषण के मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठे हैं। आरोप है कि भाजपा के जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया के माध्यम से जनता पर कर जमा करने का दबाव बना रहे हैं।
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गृहकर में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर आयुक्त से मिलने का समय तय था लेकिन वह कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इससे कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया और उन्होंने नारेबाजी की। वहां पहुंचे मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि नगर आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त हैं। काफी हंगामे के बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को ज्ञापन दिया। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि 50 हजार रुपये से कम गृहकर वाले भवनों पर सीलिंग नहीं होगी। कांग्रेसियों ने एसएसपी कार्यालय पर 55 हजार रुपये का गृहकर बकाया होने पर सीलिंग की मांग की। उन्होंने गृहकर बिलों की गड़बड़ी ठीक करने के लिए अलग काउंटर बनाने की मांग भी की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर आयुक्त से मिलने का समय तय था लेकिन वह कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इससे कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया और उन्होंने नारेबाजी की। वहां पहुंचे मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि नगर आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त हैं। काफी हंगामे के बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को ज्ञापन दिया। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि 50 हजार रुपये से कम गृहकर वाले भवनों पर सीलिंग नहीं होगी। कांग्रेसियों ने एसएसपी कार्यालय पर 55 हजार रुपये का गृहकर बकाया होने पर सीलिंग की मांग की। उन्होंने गृहकर बिलों की गड़बड़ी ठीक करने के लिए अलग काउंटर बनाने की मांग भी की।
नाम परिवर्तन और जलकर की समस्या
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाम परिवर्तन की दरों में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि 9 जून 2025 को शासनादेश जारी हुआ था। इसमें सभी महानगरों में नाम परिवर्तन की दरें कम करने को कहा गया था। इसके बावजूद निगम बढ़ी रकम वसूल रहा है। कांग्रेसियों ने मांग की कि जिन व्यावसायिक भवनों में जल का उपयोग नहीं होता, वहां जलकर समाप्त किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गृहकर में दी जा रही छूट तब तक जारी रहे, जब तक सभी बिलों का सही निस्तारण न हो जाए। इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों में निगम के प्रति आक्रोश है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाम परिवर्तन की दरों में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि 9 जून 2025 को शासनादेश जारी हुआ था। इसमें सभी महानगरों में नाम परिवर्तन की दरें कम करने को कहा गया था। इसके बावजूद निगम बढ़ी रकम वसूल रहा है। कांग्रेसियों ने मांग की कि जिन व्यावसायिक भवनों में जल का उपयोग नहीं होता, वहां जलकर समाप्त किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गृहकर में दी जा रही छूट तब तक जारी रहे, जब तक सभी बिलों का सही निस्तारण न हो जाए। इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों में निगम के प्रति आक्रोश है।
आवारा कुत्तों का आतंक और निगम का लक्ष्य
कांग्रेसियों ने शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर भी चिंता जताई। उन्होंने निगम पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान किया जाए। इस प्रदर्शन में पूर्व महानगर अध्यक्ष जाहिद अंसारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। निगम अपने 150 करोड़ रुपये के गृहकर वसूली लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया है। जीआईएस सर्वे से चिह्नित 3.69 लाख भवनों से वसूली बाधित हुई है, जिससे अभी तक केवल 70 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।
कांग्रेसियों ने शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर भी चिंता जताई। उन्होंने निगम पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान किया जाए। इस प्रदर्शन में पूर्व महानगर अध्यक्ष जाहिद अंसारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। निगम अपने 150 करोड़ रुपये के गृहकर वसूली लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया है। जीआईएस सर्वे से चिह्नित 3.69 लाख भवनों से वसूली बाधित हुई है, जिससे अभी तक केवल 70 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।