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Meerut: छह लाख की अवैध उगाही करने के आरोपी थाना प्रभारी को जेल भेजा, डीआईजी के आदेश पर हुई थी FIR
Thu, 13 Aug 2026 01:01 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Mohd Mustakim
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:01 AM IST
सार
बुलंदशहर स्थित सिकंद्राबाद थाने के तत्कालीन प्रभारी नीरज मलिक के खिलाफ पीड़ित ने करीब साढ़े तीन महीने पहले रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फर्जी मुकदमे में फंसाकर अवैध वसूली का आरोप लगाया था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
न्यायालय अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट भ्रष्टाचार निवारण ने जबरन एक व्यक्ति को उठाकर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर छह लाख रुपये की अवैध वसूली के आरोपी तत्कालीन थाना प्रभारी सिकंद्राबाद नीरज मलिक को जेल भेज दिया है। घटना लगभग साढ़े तीन माह पहले घटी थी।
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अभियोजन अधिकारी महेंद्र प्रजापति ने न्यायालय को अवगत कराया कि 30 अप्रैल 2026 को मोहल्ला रिसाल दारायान थाना सिकंद्राबाद बुलंदशहर के रहने वाले सलमान ने डीआईजी मेरठ को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था। बताया था कि उसे रात करीब 8.30 बजे गुलावटी टोल प्लाजा पर पुलिस ने उठाया और थाना सिकंद्राबाद ले गए।
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पूछने पर उठाने का कारण नहीं बताया। बल्कि घर से 20 लाख रुपये मंगाकर देने के लिए कहा, न देने पर एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य मामलों में फंसाकर पैर में गोली मारने की धमकी दी और उसके साथ मार-पिटाई व गाली-गलौज की। अत्यधिक पिटाई होने के चलते उसने अपने घर से 6 लाख रुपये मंगाए, जिस पर सुबह 3 बजे थाने से छोड़ दिया। छोड़ते समय धमकी दी कि यदि इस बारे में किसी को बताया तो जिंदा नहीं बचेगा।
घटना के समय थाने पर थाना प्रभारी नीरज मलिक, एसआई अरुण कुमार, योगेश कांस्टेबल व चार अन्य पुलिस वाले मौजूद थे। डीआईजी के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में आरोपी थाना प्रभारी नीरज मलिक को न्यायालय में पेश किया गया था। जहां से उसकी जमानत खारिज कर जेल भेज दिया गया।
जीएसटी का डर दिखाकर 29 लाख रुपये हड़पने वाले तीन आरोपियों को जेल भेजा
न्यायालय अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट भ्रष्टाचार निवारण ने जीएसटी के मामले में जेल भेजने और फर्जी मुकदमों में फंसाने का भय दिखाकर 29 लाख रुपये हड़पने के आरोप में तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। घटना थाना बिसरख नोएडा जिला गौतमबुद्धनगर की है।
अभियोजन अधिकारी महेंद्र प्रजापति ने कराया कि ग्रेटर नोएडा के एगिन रॉयल के रहने वाले संदीप कुमार ने थाना बिसरख में प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया कि उसका ऑफिस ग्रेटर नोएडा में ऐस एस्पायर बिल्डिंग में स्थित है। वह 20 जुलाई 2026 को अपने घर से गाड़ी से एटीएस चौक से होते हुए ऐस एस्पायर अपने ऑफिस में जा रहा था। रास्ते में एक सफेद रंग की कार ने उसकी गाड़ी को रोका। उसमें से तीन लोग उतरे, जिन्होंने बताया कि तुम्हारे खिलाफ शिकायत दर्ज है और तीनों मेरी गाड़ी में बैठकर मुझे एक्सप्रेसवे पर ले गए और लखनऊ ले जाने के लिए कहने लगे। इन तीनों ने पीड़ित को डराते हुए धमकाया और मुकदमों से बचाने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। जिस पर उसने 29 लाख रुपये अपने भाई से मंगाकर इन लोगों को दे दिए। इन लोगों ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।
अभियोजन अधिकारी ने मामले की गंभीरता से न्यायालय को अवगत कराया। न्यायालय में पुलिस ने तीन आरोपी कशिश, राजेश और विवेक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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न्यायालय अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट भ्रष्टाचार निवारण ने जीएसटी के मामले में जेल भेजने और फर्जी मुकदमों में फंसाने का भय दिखाकर 29 लाख रुपये हड़पने के आरोप में तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। घटना थाना बिसरख नोएडा जिला गौतमबुद्धनगर की है।
अभियोजन अधिकारी महेंद्र प्रजापति ने कराया कि ग्रेटर नोएडा के एगिन रॉयल के रहने वाले संदीप कुमार ने थाना बिसरख में प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया कि उसका ऑफिस ग्रेटर नोएडा में ऐस एस्पायर बिल्डिंग में स्थित है। वह 20 जुलाई 2026 को अपने घर से गाड़ी से एटीएस चौक से होते हुए ऐस एस्पायर अपने ऑफिस में जा रहा था। रास्ते में एक सफेद रंग की कार ने उसकी गाड़ी को रोका। उसमें से तीन लोग उतरे, जिन्होंने बताया कि तुम्हारे खिलाफ शिकायत दर्ज है और तीनों मेरी गाड़ी में बैठकर मुझे एक्सप्रेसवे पर ले गए और लखनऊ ले जाने के लिए कहने लगे। इन तीनों ने पीड़ित को डराते हुए धमकाया और मुकदमों से बचाने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। जिस पर उसने 29 लाख रुपये अपने भाई से मंगाकर इन लोगों को दे दिए। इन लोगों ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।
अभियोजन अधिकारी ने मामले की गंभीरता से न्यायालय को अवगत कराया। न्यायालय में पुलिस ने तीन आरोपी कशिश, राजेश और विवेक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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