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Meerut: भाजपा के गले की फांस बना पार्षद प्रकरण, राज्य मंत्री ने दोनों पक्षों का कराया समझौता

Mon, 14 Apr 2025 02:24 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Mon, 14 Apr 2025 02:24 PM IST
सार

मेरठ के सूरजकुंड डिपो में गोलाबारी के मामले में कई दिनों से चल रहे पार्षदों और कर्मचारियों के बीच विवाद खत्म हो गया है।

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Meerut: state minister gets both parties to compromise in Councillor issue
पार्षद प्रकरण मेरठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के सूरजकुंड डिपो में गोलाबारी के मामले में कई दिनों से चल रहे पार्षदों और कर्मचारियों के बीच विवाद खत्म हो गया है। महापौर कैंप कार्यालय में ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, कैंट विधायक अमित अग्रवाल व भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा की बैठक हुई। जिसमें कर्मचारी अविनाश के परिजन व पार्षद रविंद्र की पत्नी ममता भी पहुंचे। भाजपा नेताओं ने दोनों के बीच समझौता कर दिया है। 

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सूरजकुंड डिपो पर चार दिन पहले कूड़ा गाड़ी वार्ड- 18 में न पहुंचने पर स्थानीय भाजपा पार्षद रविंद्र कुमार और कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया था। आरोप था कि पार्षद रविंद्र अपने 20 साथियों के साथ डिपो पर पहुंचे और कर्मचारियों पर गोलियां बरसा दी थी। जिसमें एक गोली कूड़ा गाड़ी के चालक अविनाश के पैर में लग गई थी। इस मामले में पुलिस ने रविंद्र के दो साथी अंकुश शर्मा और डागर चौधरी को जेल भेज दिया था।

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महापंचायत में जमकर हुआ हंगामा, पूर्व विधायक ने संभाला मोर्चा
सूरजकुंड डिपो पर कूड़ा गाड़ी के चालक अविनाश को गोली मारने के आरोपी भाजपा पार्षद रविंद्र के पक्ष में रविवार को अनुसूचित जाति की कालियागढ़ी में महापंचायत हुई। समाज के लोगों और पार्षदों ने नगर निगम अधिकारियों को खुली चुनौती दी कि रविंद्र पर हमला करने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई नहीं की गई तो 17 मार्च 2025 को कमिश्नरी का घेराव करेंगे। वहीं, कर्मचारियों ने भी 15 अप्रैल 2025 से हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी।

पंचायत में पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि मेरी पत्नी भी 5 साल महापौर रही है। किसी भी अधिकारी में दम नहीं था कि पार्षद की तरफ आंख उठाकर भी देख ले। भाजपा सरकार में अधिकारियों की शह पर कर्मचारी व बाहरी लोग पार्षद को पीट रहे हैं। पंचायत में भाजपा के कई नेता और पार्षद भी मौजूद रहे। पंचायत के वक्ताओं में बयानबाजी को लेकर बहस भी हुई है। जिसके बाद पूर्व विधायक स्थिति संभाली। 

निगम के 40 पार्षदों ने नगर आयुक्त का कैंप कार्यालय घेर लिया और अधिकारियों को खरी खरी सुनाई। महापौर के कैंप कार्यालय पर जाकर कर्मचारियों के खिलाफ कारवाई की मांग की है। राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा सहित कई भाजपा नेता रविवार को पार्षद और कूड़ा गाड़ी के चालक का हाल जानने अस्पताल में पहुंचे। 

महापंचायत में भाजपा को निशाना बनाने पर विवाद
रविवार को कालियागढ़ी स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क में अनुसूचित जाति व निगम पार्षदों ने रविंद्र को न्याय दिलाने के लिए महापंचायत की। महापंचायत के दौरान वक्त अपनी-अपनी बात समझ के सामने रख रहे थे। इसी बीच पार्षद कीर्ति घोपला ने भाजपा को निशाना बनाते हुए बात कही। जिसका महापंचायत में मौजूद लोगों ने विरोध किया। जिसके बाद मामला गर्मागर्मी पर आ गया।

दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे को देखने की बात करने लगे। पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को शांत किया। दोबारा से महापंचायत का संचालन किया गया। महापंचायत में लोगों ने पार्षद को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। पार्षद दीपक वर्मा ने घटना को साजिशन बताया। पार्षद का कर्मचारियों से कोई लेना देना नहीं, यह अधिकारियों की प्लानिंग है। पार्षद संजय सैनी ने नगर आयुक्त को हटाने और शहर बचाने की बात कहते हुए भावुक हो गए। 
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पार्षद की पत्नी ने कहा मेरे पति को बचा लीजिए
पार्षद रविंद्र की पत्नी ममता ने पंचायत में कहा कि मेरे पति को बचा लीजिए। ममता ने न्याय की गुहार लगाई और कहा कि उनके पति को साजिश रचकर फंसाया गया है। उनके पति समाज की समस्या को लेकर सूरजकुंड डिपो पर गए थे। जहां उनके पति के साथ कर्मचारियों ने बंधक बनाकर जमकर मारपीट की थी। प्रशासन द्वारा एक तरफा कार्रवाई की जा रही है। 

सर्वसमाज व पार्षदों ने दिया रविंद्र को समर्थन 
दावा किया गया कि महापंचायत में सभी पार्षदों व सर्व समाज के लोगों ने पार्षद रविंद्र को न्याय दिलाने के लिए समर्थन दिया। संचालन कर रहे अजय सागर ने कहा कि कर्मचारियों व निगम के अधिकारियों द्वारा पार्षदों का शोषण किया जा रहा है। अधिकारी भ्रष्टाचार व नौकरी को बचाने के लिए पार्षदों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं।

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