गजब कारनामा: रात को बनी सड़क, दिन निकलते ही उखड़ी, हंगामा होने पर ठेकेदार को नोटिस
मेरठ में सड़कों के गड्ढों को भरने में जहां महीनों लग जाते हैं वहीं सड़क निर्माण तो दूर की बात है। यदि सड़क बनती भी हैं तो ठेकेदार घपला करने की पूरी कोशिश करते हैं। माधवपुरम में भी ऐसा ही कुछ हुआ। यहां रात को बनाई गई सड़क दिन निकलते ही उखड़ने लगी। पढ़ें पूरी खबर।
विस्तार
मेरठ महानगर में सड़क निर्माण में एक बार फिर बड़ा खेल सामने आया है। माधवपुरम स्थित प्रेम विहार में रात में बनी सड़क अगले दिन ही उखड़ गई है। इस पर लोगों ने हंगामा कर दिया। मामला बढ़ता देख ठेकेदार ने ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर उखड़ी हुई रोडी-डस्ट भरवाकर उसे दूसरी जगह भिजवा दिया है। यह मामला संज्ञान में आने के बाद नगर निगम के मुख्य अभियंता देवेंद्र कुमार ने ठेकेदार आकाश गुप्ता को नोटिस जारी कर दिया है।
वार्ड-48 प्रेम विहार में 9 दिसंबर 2022 को सड़क निर्माण के लिए सनसाइन कंपनी को 12 लाख रुपये में ठेका मिला था। एक साल तक कंपनी ने सड़क निर्माण का कार्य नहीं किया। निगम ने कंपनी को एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया।
बताया जा रहा है कि कंपनी के ठेकेदार ने निगम को सूचना दिए बिना शनिवार रात प्रेम विहार में सड़क बना दी। रविवार सुबह कॉलोनी के लोग उठे तो सड़क पर वाहन फिसलने लगे। रोड़ी उखड़ने पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। ठेकेदार ने लोगों को किसी तरह समझाकर शांत कर दिया और दोबारा नई सड़क बनाने का आश्वासन दिया।
इसी बीच, सोमवार को मुख्य अभियंता देवेंद्र कुमार और अधिशासी अभियंता राजवीर सिंह अपनी टीम के साथ प्रेम विहार में पहुंचे। यहां ठेकेदार द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली से उखड़ी रोड़ी को उठाकर दूसरी जगह पर भिजवाने का कार्य चल रहा था।
लोगों का आरोप है कि घटिया सामग्री लगाकर सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके चलते मुख्य अभियंता ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया है। मुख्य अभियंता का कहना है कि ठंड के चलते रात में हॉटमिक्स से सड़क न बनने का सख्त हिदायत दी हुई है।
ठेकेदार ने निगम के अधिकारियों को सूचना नहीं दी और रात में घटिया सामग्री लगाकर सड़क बना दी। ठेकेदार दोबारा सड़क बनाएंगे, अन्यथा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। इस सड़क का भुगतान भी रोक दिया गया है।
पहले भी हो चुके ऐसे मामले
वार्ड-35 गुप्ता कॉलोनी में 300 मीटर की सड़क 600 मीटर बताकर ठेकेदार और नगर निगम के अधिकारियों ने दो साल पहले भुगतान ले लिया था। यह मामला शासन तक गूंजा था। जांच हुई तो इसमें निगम के अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई थी।
सड़कों में भ्रष्टाचार करने के मामले निगम के पहले भी कई बार आ चुके है। नगर निगम और ठेकेदार मिलकर भ्रष्टाचार करते हैं। दो माह पहले एक ठेेकेदार ने अधिशासी अभियंता को कुर्सी से हटवाने की धमकी दी थी। नगर आयुक्त तक मामला पहुंचा तब जाकर ठेकेदार पर कार्रवाई की गई थी।
ठेकेदार ने निगम को जानकारी दिए बिना सड़क का निर्माण रात में ही करा दिया था। सुबह सड़क उखड़ गई। सड़क में घटिया सामग्री लगाई थी। इस मामले में ठेकेदार को नोटिस दे दिया है। ठेकेेदार सड़क को दोबारा बनाने की बात कह रहे हैं। ऐसा नहीं हुआ तो ठेकेदार की कंपनी को काली सूची में डाल दिया जाएगा। - देवेंद्र कुमार, मुख्य अभियंता नगर निगम
मामला संज्ञान में आया है। रात में हॉटमिक्स की सड़क नहीं बनाई जाती है। ठेकेदार पर कार्रवाई होगी। नगर निगम उसका भुगतान नहीं करेगा। निगम के अधिकारियों से भी जवाब तलब किया जाएगा। - हरिकांत अहलूवालिया, महापौर