बवाल में जल गया बेटियों के दहेज का सामान, दहशत और दबिश के डर से एक की मौत, करोड़ों का नुकसान
रोते-रोते बस यही बोला कि सारे घर जला दिए। अब हम कहां रहेंगे। भूसा मंडी में जलती झोपड़ियों के पास रोने वाला यह अकेला परिवार नहीं था। एक परिवार की दो बेटियों की शादी को जोड़ा गया दहेज का सामान भी जलकर राख हो गया। जगह-जगह महिलाएं सिसक रहीं थीं। चिल्ला रही थीं कि सब कुछ जलकर राख हो गया। अब वे कहां सिर छिपाएंगे। बच्चों को कहां सुलाएंगे।
एक महिला ने बताया कि अगले सप्ताह उसकी दो बेटियों की शादी है, उनके दहेज का सामान जल गया। किसी की पत्नी लापता थी तो कोई अपनों बच्चों को इधर-उधर तलाश रहा था। झुग्गियों में रहने वाले बस इतना ही बता पा रहे थे कि अचानक आग लगी और कुछ ही देर में सारी झुग्गियों को चपेट में ले लिया।
भूसा मंडी इलाके में रहने वाली महिलाएं भी इन गरीबों का हाल देखकर अपने आंसू नहीं रोक पा रही थी। हर कोई उनका हाल देखकर कह रहा था कि यह अब कहां रहेंगे। कहां सोएंगे। बच्चे रोती मां से पूछ रहे थे कि अब हमारा क्या होगा।
झुग्गियों में रहने वाले बार-बार यही बोल रहे थे कि जिंदगी भर की कमाई राख हो गई। कहां से खाना खाएंगे। कहां पर रहेंगे। देर रात तक पूरे इलाके में दहशत पसरी रही। रात भर लोग जगाते रहे। इस दौरान झुग्गियों में कई बकरे-बकरी और मुर्गे-मुर्गियां भी जल कर मर गए।
एक से डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान
डेढ़ सौ से दो सौ झुग्गियों में रहने वालों लोगों ने वर्षों से सामान जोड़ रखा था। लोगों का कहना था कि 30-50 हजार रुपये का सामान हर झुग्गी में था। ऐसे में आग से एक से डेढ़ करोड़ रुपये के नुकसान का आंकलन लगाया जा रहा है।
भूसा मंडी में दबिश की दहशत, युवक ने दम तोड़ा
भूसा मंडी, मछेरान को पुलिस-आरएएफ ने छावनी में तब्दील कर दिया। हल्ला मचा दिया कि रात में पुलिस दबिश देकर बवालियों की गिरफ्तारी करेगी। इसी दौरान रहीस (40) को दहशत के चलते हार्ट अटैक हो गया। इससे पहले परिजन रहीस को अस्पताल लेकर जाते कि उसकी मौत हो गई। लोगों ने आरोप लगाया कि दबिश की दहशत में मौत हुई है। वहीं पुलिस का कहना है कि रात में कोई दबिश नहीं दी गई।