यूपी में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश, जो लेते थे राज्यमंत्री बनवाने का ठेका, उत्तराखंड तक फैला नेटवर्क
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मेरठ में टीपीनगर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को सरकार में मंत्री, राज्यमंत्री के पदों के अलावा बड़े-बड़े ठेके दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपयों की ठगी करते थे। गिरोह का तीसरा सदस्य 44वीं वाहिनी पीएसी में तैनात कांस्टेबल है, जो फिलहाल पुलिस पकड़ से दूर बताया जा रहा है। शुरुआती पूछताछ में करीब पांच लोगों से ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि कुछ समय पहले टीपीनगर थाना क्षेत्र के गुप्ता कॉलोनी निवासी प्रवीन गर्ग पुत्र राजेंद्र गर्ग ने थाने में देव शर्मा निवासी पिलखुवा, राजकुमार कर्णवाल निवासी देहरादून और हेमंत राघव के खिलाफ तहरीर दी थी। उनका आरोप था कि इन तीनों ने उनसे गोशाला एवं पशुपालन के लिए प्रदेश सरकार से बड़ा अनुदान दिलाने का सपना दिखाते हुए 1 करोड़ 30 लाख रुपये की ठगी की है। जांच में सामने आया कि यह तीनों प्रतिष्ठित व आर्थिक रूप से मजबूत लोगों को प्रदेश सरकार में मंत्री, राज्यमंत्री, निगमों में चेयरमैन व सदस्य बनाने, सरकार से सुरक्षा गार्ड दिलाने का सपना दिखाकर उनसे ठगी करते आ रहे थे। कुछ अन्य जनपदों में भी इस गिरोह से जुड़ी शिकायत मिलीं, जिसके बाद टीपीनगर इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम ने सूचना के आधार पर रविवार को पहले राजकुमार कर्णवाल और फिर सोमवार तड़के देव शर्मा को धर दबोचा।
इन लोगों को बनाया ठगी का शिकार
पुलिस गिरफ्त में आए ठगी के दोनों आरोपियों ने पांच लोगों के नामों का खुलासा किया है। इनमें प्रवीन गर्ग निवासी गुप्ता कॉलोनी से गरेशाला अनुदान के नाम पर 1 करोड़ 30 लाख रुपये की ठगी, नोएडा सेक्टर-49 निवासी भोपाल सिंह पुत्र टेकराम चौहान से पीडब्ल्यूडी का चेयरमैन (राज्यमंत्री) के नाम पर 65 लाख रुपये की ठगी, ग्रेटर नोएडा निवासी सुंदर सिंह से आवास एवं विकास परिषद का चेयरमैन (राज्यमंत्री) बनाने के लिए 65 लाख, गाजियाबाद के सिंहानी गेट निवासी नरेश पुत्र विष्णुदत्त से उत्तर प्रदेश सेतू निगम में चेयरमैन (राज्यमंत्री) बनाने की एवज में 50 लाख और भावनपुर थाना क्षेत्र के अब्दुल्लापुर निवासी हाजी यासीन को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सड़कों पर यूनीपोल के द्वारा विज्ञापन प्रचार-प्रसार का ठेका दिलाने के नाम पर 85 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दे चुके हैं।
यूपी सदन तक आरोपियों की अच्छी घुसपैठ
पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि राजकुमार कर्णवाल इस गिरोह का मुख्य सरगना है। सत्ता में शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के साथ उसके कई फोटो फेसबुक पर अपलोड हैं। इन्हीं फोटो के जरिये वह लोगों को पहले अपने प्रभाव में लेता था और फिर ठगी को अंजाम देकर फरार हो जाता था। बड़े-बड़े लोगों के साथ अपने संबंध बताकर वह आसानी से किसी को भी अपना शिकार बना लेता था। यह भी सामने आया है कि ठगी का शिकार बने कई लोगों ने इसे यूपी सदन में जाकर पैसे सौंपे। ताकि इस बात की अच्छी तरह पुष्टि हो जाए कि उसका दखल प्रदेश सरकार में पूरी तरह है अथवा नहीं। यह गिरोह उत्तराखंड में भी पूरी तरह सक्रिय है।
पुलिस कर रही राजनीतिक संरक्षण की जांच
राजकुमार कर्णवाल प्रदेश सरकार में अच्छी पकड़ बताकर लोगों से ठगी करता था। पुलिस अब उन लोगों से पूछताछ करने का प्रयास कर रही है, जिनके साथ उसके फोटो मिले हैं। शुरुआती जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे यह पुष्टि होती हो कि इनमें से किसी का कोई भी राजनीतिक कनेक्शन है। - नितिन तिवारी, एसएसपी
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