अनट्रेंड सिपाही करेंगे ‘अनसेफ’ लोगों की सुरक्षा

अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Thu, 17 Mar 2016 01:52 AM IST
विज्ञापन
पुलिस लाइन में प्रशिक्षण लेते रंगरूट।
पुलिस लाइन में प्रशिक्षण लेते रंगरूट। - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
वेस्ट यूपी में पुलिस सुरक्षा में हत्या और पुलिस कस्टडी से बदमाश को छुड़ाकर ले जाने का सिलसिला जारी है। इसके बावजूद भी शासन गंभीर नहीं है। शासन का नया सर्कुलर देखकर पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। जिसमें अनट्रेंड सिपाहियों को नेताओं की सुरक्षा और बदमाशों की पेशी ड्यूटी में लगाने की बात कही है। जबकि पुराने और अनुभवी सिपाहियों द्वारा थाने में ड्यूटी करने का जिक्र किया गया है। इस सर्कुलर पर नये सिपाहियों ने आपत्ति जतायी है। 
विज्ञापन

इन घटनाओं से नहीं लिया सबक 
गाजियाबाद में सोमवार को पुलिस कस्टडी में व्यापारी की एलानिया गोली मारकर हत्या के बाद मंगलवार को सहारनपुर के बेहट में सिपाही की कनपटी पर तमंचा तानकर कुख्यात मुकीम काला के शूटर वाजिद उर्फ काला को छुड़ाकर ले जाया गया। इससे पहले मेरठ में पुलिस कस्टडी में भरी कचहरी में कुख्यात नितिन गंजा, रविंद्र भूरा और मुजफ्फरनगर कचहरी में कुख्यात विक्की त्यागी हत्याकांड समेत वेस्ट यूपी में कई वारदात हुई। जिसमें पुलिस की सुरक्षा में हत्या होना सामने आया।
आईजी ने ली सिपाहियों की मीटिंग 
आईजी सुजीत पांडेय ने जोन के सभी जनपदों से एक्सपर्ट पुलिसकर्मियों को मेरठ पुलिस लाइन में दो बार बुलाया और उनकी मीटिंग ली। पुलिस की सुरक्षा में लगातार वारदात होने पर नाराजगी जाहिर की। वहीं, पुलिसकर्मियों को अच्छे व्यवहार करने की सीख भी दी। आईजी ने कहा कि सिपाही ही पुलिस महकमे की रीढ़ होती है। जिसके जरिये पुलिस आम जनता में अपना भरोसा कायम करती है। यदि पुलिसकर्मी द्वारा ही वारदात होगी तो आम जनता में पुलिस का इकबाल खत्म हो जाएगा। 

ट्रेनिंग देकर भेजेंगे सुरक्षा में 
पुलिस लाइन के आरआई सत्यपाल शर्मा का कहना है कि शासन का नया सर्कुलर जारी हुआ है, जिसमें पुराने अनुभवी सिपाहियों को प्राथमिकता दी गई है। नए सिपाहियों को पुलिस लाइन में रखा जाएगा। नेताओं की सुरक्षा और बदमाशों की पेशी में उनकी ड्यूटी लगाई जाएगी। हालांकि नेताओं की सुरक्षा में भेजने से पहले अनट्रेंड सिपाहियों को पुलिस लाइन में ट्रेनिंग दी जाएगी। 

रिटायर पुलिस अधिकारी सिखा रहे गुर  
मेरठ। रिटायर पुलिस अधिकारी अनट्रेंड सिपाहियों से पुलिस लाइन में अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। जिस पर पुलिस विभाग रिटायर अफसरों को प्रत्येक घंटे के पांच सौ रुपये देता है। वर्तमान में पुलिस लाइन में 449 कांस्टेबलों की ट्रेनिंग चल रही है। नौ पुलिस अधिकारी (सीओ और इंस्पेक्टर से रिटायर) रोजाना पुलिस लाइन जाकर कांस्टेबलों की एक घंटा क्लास लेते है। जिसके लिये पुलिस लाइन प्रभारी ने सिपाहियों की अलग-अलग  टीम बना रखी हैं। प्रत्येक टीम में 50 कांस्टेबल होते है, जिनको रिटायर पुलिस अधिकारी पढ़ाते हैं। यह ट्रेनिंग कांस्टेबलों को तीन महीने दी जाती है। जिसमें कानून व्यवस्था से लेकर आईपीसी का ज्ञान दिया जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us