ये है पासपोर्ट ऑफिस की सच्चाई, नहीं है इनवर्टर, अधिकारी खुद ही चला रहे जेनरेटर
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अगर आप पासपोर्ट बनवाने के लिए मेरठ पासपोर्ट ऑफिस में जा रहे हैं तो पीने का पानी साथ लेकर जरूर जाएं। इसके साथ ही ऑफिस में अन्य समस्याओं से जूझने के लिए भी तैयार रहे। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि कैंट बडे़ डाकखाने के समीप पासपोर्ट कार्यालय शुरू हुए नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन पासपोर्ट ऑफिस मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा है। स्टॉफ व पासपोर्ट आवेदकों के लिए यहां पीने का तक का पानी तक नहीं है। एक ही हॉल के नीचे पेपर चेक व अन्य प्रक्रिया हो रही है। इसी हॉल में वेस्टेज सामान भी स्टोर किया जा रहा है।
भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल के प्रयासों से पासपोर्ट ऑफिस मेरठ को मिला। जिसका उद्घाटन भी 23 फरवरी को सांसद ने किया था। मेरठ में पासपोर्ट ऑफिस आने से लोगों को थोड़ी राहत तो मिली है। लेकिन सुविधाएं न होने के कारण कुछ परेशानियां भी पासपोर्ट ऑफिस में झेलनी पड़ रही हैं। आवेदक गाजियाबाद से अपॉइंटमेंट लें तो एक सप्ताह बाद ही नंबर आ जाता है, लेकिन मेरठ से पासपोर्ट अप्लाई करने में करीब एक से डेढ़ महीने का समय आवेदकों को दिया जा रहा है। जिसका मुख्य कारण ऑफिस में स्टाफ व संसाधनों की कमी होना है। ऑफिस में तीन लोगों का स्टाफ की तैनात है। जिसमें पासपोर्ट अधिकारी आवेदकों के पेपर चैक करते हैं।
वहीं पासपोर्ट अधिकारी विकास चौधरी ने बताया कि एक दिन में 80 पासपोर्ट एप्लीकेशन आ रही हैं। जिनमें से 65 से 70 आवेदक ही कार्यालय पहुंचते हैं। एक आवेदक को ऑफिस में 35 से 40 मिनट तो रहना होता ही हैं। कई बार ज्यादा समय भी लग जाता है। कार्यालय में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की है। जबकि तीन स्टाफ अधिकारियों के अलावा कोई ऑफिस ब्वॉय नहीं है। जिसके कारण अधिकारियों को ही ऑफिस में झाड़ू लगानी पड़ती है।
हॉल में संचालित हो रहा पासपोर्ट ऑफिस
पिछले दस महीनों से पासपोर्ट ऑफिस एक बड़े हॉल में ही संचालित है। वेटिंग से लेकर पासपोर्ट बनाने की मशीनें हाल में ही रखी गई हैं। हालत ये हो गई है कि वेस्टेज सामान भी हॉल में ही स्टोर करना पड़ रहा है। परिसर में अन्य कमरा नहीं है।
नहीं है इनवर्टर, अधिकारी खुद ही चला रहे जेनरेटर
ऑफिस ब्वॉय न होने के कारण अधिकारियों को खुद ही जेनरेटर चलाना पड़ता है। जबकि जेनरेटर की हालत बहुत दयनीय स्थिति में है। ऐसे में आवेदकों को प्रतिदिन कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऑफिस में बिजली जाने के बाद इनवर्टर की भी सुविधा नहीं दी गई है। ऐसे में पासपोर्ट बनाने का कार्य राम भरोसे पर ही हो रहा है।
सुविधाएं मिलेंगी
पासपोर्ट ऑफिस बड़े प्रयासों से मेरठ आया है। स्टाफ व मूलभूत सुविधाओं को कमी की शिकायतें आ रही हैं। जिसको लेकर उच्च अधिकारियों व संबंधित मंत्री से मुलाकात की है। जल्द पासपोर्ट कार्यालय में सभी सुविधाएं दी जाएंगी। -राजेंद्र अग्रवाल, सांसद
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