छात्र और अभिभावकों ने फीस मुद्दे को लेकर पूछे सवाल, अधिकारियों ने अमर उजाला फेसबुक लाइव पर दिया हर जवाब
कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई और स्कूलों की फीस के मुद्दे को लेकर आज अमर उजाला मेरठ फेसबुक पेज पर लाइव आयोजन किया गया। इस आयोजन में संयुक्त निदेशक (जेडी) ओपी द्विवेदी व जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) गिरिजेश चौधरी ने छात्र और अभिभावकों के सवालों के जवाब दिए। आइए जानते हैं ऐसे सभी सवालों के जवाब-
सवाल: मेरठ शहर का एक स्कूल लगातार फीस के साथ ही अन्य चार्ज जोड़कर ले रहा है। क्या ऐसा है?
उत्तर: संयुक्त निदेशक (जेडी) ओपी द्विवेदी ने बताया कि कोई भी स्कूल अभिभावकों से फीस के अलावा कोई अन्य चार्ज नहीं ले सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस बार परीक्षा फीस को 50 फीसदी कर दिया गया है। किसी भी अभिभावक पर फीस के लिए दबाव नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फीस के लिए स्कूल को किस्त का प्रावधान भी करना होगा।
सवाल: क्या वजह है कि अभिभावक फीस जमा नहीं करा रहे हैं। क्या सरकार ने फीस माफ को लेकर कोई प्रावधान किया है?
उत्तर: जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) गिरिजेश चौधरी का कहना है कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। अगर कोई छात्र फीस देने में सक्षम नहीं है तो स्कूल से उसका नाम नहीं काटा जाएगा। लेकिन बाद में छात्र को फीस जमा करानी होगी।
सवाल: शहर के कई स्कूलों में फीस के साथ अन्य खर्चों को ट्यूशन फीस में दिखाकर लिया जा रहा है। क्या ऐसे स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई का प्रावधान है?
उत्तर: डीआईओएस ने बताया कि फीस में किसी तरह की कोई वृद्धि नहीं की जा सकती है। पिछले साल जो फीस ली गई है, उतनी ही फीस ली जाएगी। अगर कोई स्कूल ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सवाल: कुछ स्कूलों में शिक्षकों को सैलरी क्यों नहीं मिल रही है?
उत्तर: जेडी ओपी द्विवेदी का कहना है कि सभी स्कूलों में शिक्षकों को सैलरी मिल रही है। शहर में कुछ स्कूल ऐसे हो सकते हैं जो शिक्षकों की सैलरी में कटौती कर रहे हो। हालांकि ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है।
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सवाल: क्या सीबीएसई स्कूल में छात्रवृत्ति का प्रावधान है?
उत्तर: जेडी ओपी द्विवेदी ने बताया कि सीबीएसई स्कूल में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने बताया कि सिर्फ यूपी बोर्ड में ही छात्रवृत्ति का प्रावधान है।
सवाल: क्या समाज सेवा के नाम पर स्कूल दो-तीन महीने की फीस माफ नहीं सकते?
उत्तर: जेडी ओपी द्विवेदी का कहना है कि अभिभावक अपनी इच्छा से सीबीएसई स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। तो वहां उन्हें फीस तो देनी ही होगी। लेकिन स्कूल के प्राचार्य किसी भी अभिभावक पर फीस के लिए दबाव नहीं बना सकते हैं। अगर ऐसा कोई करता है तो उसकी शिकायत डीआईओएस कार्यालय में की जा सकती है।
सवाल: जिन बच्चों के माता-पिता नहीं है। क्या उन बच्चों को बिना फीस के पढ़ाने का कोई प्रावधान है?
उत्तर: डीआईओएस गिरिजेश चौधरी का कहना है कि ऐसे बच्चों की पढ़ाई के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी के यहां आवेदन कर सकते हैं। ऐसे बच्चों की विभाग की ओर से पूरी पढ़ाई फ्री कराई जाएगी। इसके लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से भी एक सीबीएसई स्कूल चलाया जा रहा है। वहां पर भी आवेदन कर प्रवेश ले सकते हैं।
इस नंबर और ई-मेल पर आप अपनी शिकायत कर सकते हैं।
संयुक्त निदेशक (जेडी) ओपी द्विवेदी के इस नंबर (9454457512) पर आप अपनी शिकायत कर सकते हैं।
मेरठ जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) गिरिजेश चौधरी के इस नंबर (9454457266) पर भी आप अपनी शिकायत कर सकते हैं।
इसके अलावा संयुक्त निदेशक (जेडी) ओपी द्विवेदी की इस ई-मेल आईडी (jdeducationmeerut@gmail.com) पर अपनी शिकायक भेज सकते हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) गिरिजेश चौधरी की ई-मेल आईडी (dios.mrt@gmail.com) पर भी आप शिकायत कर सकते हैं।
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