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टीईटी में एंट्री को लेकर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 03 Feb 2016 02:43 AM IST
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बीएड डिग्रीधारकों पर मंगलवार को टीचर बनने का उत्साह देखा गया। टीचिंग एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) देने के लिए जबरदस्त भीड़ रही। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या की मौजूदगी इस तरह नहीं दीखती जैसी टीईटी में रही। 93 फीसदी ने परीक्षा दी।
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सिर्फ सात फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ी। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जो लेट होने की वजह से परीक्षा से वंचित हो गए। केंद्रों पर लेट होने के बाद एंट्री नहीं मिलने पर हंगामा हुआ। एक साल का मौका हाथ से निकलने के दर्द की वजह से आंखों से आंसू छलक आए। परीक्षा देने वालों में 25 साल से लेकर 35 साल तक के अभ्यर्थी शामिल थे। केंद्रों के बाहर जाम की स्थिति रही।
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शहर में सुबह की पाली का पेपर 10 बजे से साढ़े बारह बजे तक हुआ। 37 केंद्रों पर कक्षा छह से कक्षा आठ तक के लिए होने वाले टीईटी में 21092 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें 19637 ने परीक्षा दी। 1455 गैर हाजिर रहे। 93 फीसदी ने परीक्षा दी। दूसरी पाली में कक्षा एक से कक्षा पांच तक के लिए होने वाले टीईटी में 3717 पंजीकृत थे और 3467 ने परीक्षा दी। 250 गैर हाजिर रहे। केंद्र पर आधा घंटे पहले एंट्री थी। पेपर शुरू होने के 10 मिनट बाद तक एंट्री की गई। ज्यादातर केंद्रों पर लेट होने की वजह से हंगामा हुआ। सेंटर ने एंट्री देने से मना कर दिया, जिस पर अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। कई जगहों पर पुलिस पहुंची और मामला शांत किया।
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पिछले साल के मुकाबले पेपर रहा टफ
यूपी में यह चौथा टीईटी था। पहला 2011 में हुआ। जिसकी वैधता अब खत्म होने वाली है। टीईटी पांच साल के लिए मान्य है। इसके बाद 2013 और 2014 में हुआ। पिछले साल यह नहीं हुआ। पेपर कुछ टफ रहा। कक्षा छह से आठ तक वाले टीईटी में 60 सवाल एसएसटी, 30 हिंदी, 30 अंग्रेजी, 30 मनोविज्ञान विषय से पूछे गए। एकलव्य कोचिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. दीपक तोमर के मुताबिक इस बार पेपर का लेवल अच्छा था। सवाल डीप पूछे गए। उधर, अभ्यर्थियों ने पेपर आउट ऑफ सिलेबस होने का भी आरोप लगाया है।
नए पुराने सब लाइन में
टीईटी देने वाले 25 साल से लेकर 35 साल तक नजर आए। ऐसे भी अभ्यर्थी थे जिनके बीएड की डिग्री पूरे हुए कई साल हो गए लेकिन टीईटी अभी नहीं हुआ है। इसके बगैर उनका शिक्षक बनने का सपना अधूरा है। यह रेग्युलर नहीं होने की वजह से भी परेशानी है।