{"_id":"1a44b02b3896a2e71e409c3f33d3e1fb","slug":"meerut-news-hindi-news-45","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिग्री लेने में छात्रों पर पड़ रही दोहरी मार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिग्री लेने में छात्रों पर पड़ रही दोहरी मार
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 25 Jan 2016 02:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीसीएसयू के छात्रों पर डिग्री लेने के लिए दोहरी मार पड़ रही है। विवि ने कुछ डिग्रियां कॉलेज भेज दी हैं। छात्र लेने विवि पहुंच रहे हैं। इसके लिए वह फार्म भरी खरीद लेते हैं। जब लेने पहुंचते हैं तो पता चलता है कि डिग्री कॉलेज भेजी जा चुकी है। फार्म खरीदने के बाद वापस नहीं हो रहे। उधर, कॉलेज डिग्री देने के नाम पर अलग रसीद काट रहे हैं।
विवि ने डिग्री कॉलेज भेजने की व्यवस्था की है। हालांकि अभी सभी कोर्स और सत्रों के साथ ऐसा नहीं हुआ है। दो साल से विवि डिग्री देने का एडवांस पैसा परीक्षा फार्म के साथ छात्रों से वसूल रहा है। ऐसे में छात्रों को डिग्री के लिए पैसा देने की जरूरत नहीं है। विवि कैंपस स्थिति इलाहाबाद बैंक से डिग्री का फार्म 220 रुपये का है।
छात्र कैंपस डिग्री लेने पहुंच रहे हैं। वह फार्म खरीदकर तब डिग्री सेक्शन पहुंचते हैं। वहां जाकर पता चलता है कि डिग्री कॉलेज भेजी जा चुकी है। विवि ने सत्र 2013-14 और 2014-15 की डिग्री प्रिंट करने का आर्डर कंपनी को दे रखा है। कंपनी ने डिग्री प्रिंट करने के बाद कॉलेजों के हिसाब से पैकेट तैयार किए हैं।
विज्ञापन
सत्र 2014-15 की डिग्री पर अभी काम चल रहा है। छात्रों के सहूलियत इसमें है कि वह पहले अपने कॉलेज पता कर लें डिग्री पहुंची या नहीं, उसके बाद विवि का रुख करें। उम्मीद है कुछ दिनों में विवि ज्यादातर डिग्री कॉलेज भेज देगा।
विज्ञापन
विवि ने डिग्री कॉलेज भेजने की व्यवस्था की है। हालांकि अभी सभी कोर्स और सत्रों के साथ ऐसा नहीं हुआ है। दो साल से विवि डिग्री देने का एडवांस पैसा परीक्षा फार्म के साथ छात्रों से वसूल रहा है। ऐसे में छात्रों को डिग्री के लिए पैसा देने की जरूरत नहीं है। विवि कैंपस स्थिति इलाहाबाद बैंक से डिग्री का फार्म 220 रुपये का है।
विज्ञापन
छात्र कैंपस डिग्री लेने पहुंच रहे हैं। वह फार्म खरीदकर तब डिग्री सेक्शन पहुंचते हैं। वहां जाकर पता चलता है कि डिग्री कॉलेज भेजी जा चुकी है। विवि ने सत्र 2013-14 और 2014-15 की डिग्री प्रिंट करने का आर्डर कंपनी को दे रखा है। कंपनी ने डिग्री प्रिंट करने के बाद कॉलेजों के हिसाब से पैकेट तैयार किए हैं।
विज्ञापन
सत्र 2014-15 की डिग्री पर अभी काम चल रहा है। छात्रों के सहूलियत इसमें है कि वह पहले अपने कॉलेज पता कर लें डिग्री पहुंची या नहीं, उसके बाद विवि का रुख करें। उम्मीद है कुछ दिनों में विवि ज्यादातर डिग्री कॉलेज भेज देगा।