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सीएमओ, एसीएमओ का वेतन रोकने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 19 Jan 2016 12:40 AM IST
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हाईकोर्ट के सख्त आदेशों के बीच जिलाधिकारी पंकज यादव ने भी मेडिकल कचरे पर कड़ी नाराजगी जताई है। सोमवार को उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सीएमओ, एसीएमओ समेत अन्य चिकित्साधिकारियों का वेतन रोकने तक के निर्देश दे दिए।
कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग ही कचरे को लेकर सख्त नहीं है तो फिर बाकी विभाग क्या कर सकते हैं। क्या अस्पतालों और नर्सिंग होम के निरीक्षण खानापूर्ति के लिए किए जा रहे हैं। इसी बीच डीएम ने तीन विभागों की टीम गठित कर दी है, जो मंगलवार से मेडिकल कचरे को लेकर संयुक्त रूप से अभियान चलाएगी।
जिले में संचालित अस्पताल और नर्सिंग होम से निकलने वाले कचरे को नष्ट करने को लेकर कोई पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। जिसको लेकर हाईकोर्ट ने सख्त आदेश जारी किया था कि स्थानीय स्तर पर प्रशासन मेडिकल कचरे को नष्ट करने की व्यवस्था सुनिश्चित कराए।
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ऐसे में सोमवार को जब जिलाधिकारी ने इस प्रकरण को लेकर बैठक बुलाई तो उन्होंने नगर निगम समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने नगर निगम, प्रदूषण और स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। जो मंगलवार से अभियान चलाएगी। सभी नर्सिंग होम और अस्पतालों की जांच की जाएगी।
उसके बाद स्वास्थ्य विभाग समेत तीनों विभाग कार्रवाई भी करेंगे। डीएम का कहना है कि किसी भी स्तर पर कोताही सहन नहीं की जाएगी। मामला गंभीर है और इसीलिए वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
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कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग ही कचरे को लेकर सख्त नहीं है तो फिर बाकी विभाग क्या कर सकते हैं। क्या अस्पतालों और नर्सिंग होम के निरीक्षण खानापूर्ति के लिए किए जा रहे हैं। इसी बीच डीएम ने तीन विभागों की टीम गठित कर दी है, जो मंगलवार से मेडिकल कचरे को लेकर संयुक्त रूप से अभियान चलाएगी।
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जिले में संचालित अस्पताल और नर्सिंग होम से निकलने वाले कचरे को नष्ट करने को लेकर कोई पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। जिसको लेकर हाईकोर्ट ने सख्त आदेश जारी किया था कि स्थानीय स्तर पर प्रशासन मेडिकल कचरे को नष्ट करने की व्यवस्था सुनिश्चित कराए।
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ऐसे में सोमवार को जब जिलाधिकारी ने इस प्रकरण को लेकर बैठक बुलाई तो उन्होंने नगर निगम समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने नगर निगम, प्रदूषण और स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। जो मंगलवार से अभियान चलाएगी। सभी नर्सिंग होम और अस्पतालों की जांच की जाएगी।
उसके बाद स्वास्थ्य विभाग समेत तीनों विभाग कार्रवाई भी करेंगे। डीएम का कहना है कि किसी भी स्तर पर कोताही सहन नहीं की जाएगी। मामला गंभीर है और इसीलिए वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।