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30 जून के बाद की मान्यता मान्य नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 16 Feb 2016 01:50 AM IST
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने सत्र को पटरी पर लाने के लिए 30 जून तक कोर्स की मान्यता कराने की सख्ती कर दी है। जिनकी मान्यता की कार्रवाई 30 जून तक हो जाएगी, उन्हीं को जुलाई में एडमिशन की इजाजत दी जाएगी।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ), डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआईं) और नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया (एनसीआई) से जुड़े कॉलेजों के संबंध में यह अनुमोदन हुआ है।
विवि की कार्य परिषद ने इस बात पर मुहर लगाई है कि उक्त संस्थाओं से जुड़े कॉलेजों को हर हाल में 30 जून तक मान्यता की कार्रवाई पूरी करनी होगी। जिनकी मान्यता 30 जून के बाद होगी उन्हें अगले सत्र से माना जाएगा। कई कॉलेजों के लिए यह बड़ा झटका है।
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विवि का मानना है कि कुछ प्राइवेट कॉलेज मान्यता नहीं होने पर भी पहले से छात्रों को एडमिशन के नाम पर बुक कर लेते हैं। मान्यता बाद में मिलती है और फिर एडमिशन के लिए दबाव बनाते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। गौरतलब है वर्तमान में बीएससी नर्सिंग के पांच संस्थान एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की विवि से मांग कर रहे हैं।
इनको मान्यता का पत्र दो नवंबर को मिला। कॉलेजों का कहना है नर्सिंग का सत्र नवंबर से शुरू होता है। विवि का कहना है मान्यता की कार्रवाई पहले पूरी होनी चाहिए। इस फैसले से मान्यता का काम समय में पूरा करने का कॉलेजों पर दबाव रहेगा।
एक दर्जन से अधिक कॉलेजों पर असर
मेरठ और सहारनपुर मंडल में एक दर्जन से अधिक शिक्षण संस्थानों पर इसका असर पड़ेगा। निजी मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज के सत्र के साथ यह परेशानी चल रही है। नर्सिंग कोर्स में ज्यादा दिक्कत है। नर्सिंग काउंसिल के रवैये से संस्थान परेशान हैं। मान्यता के मामले पर देर से निर्णय हो रहा है।
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मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ), डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआईं) और नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया (एनसीआई) से जुड़े कॉलेजों के संबंध में यह अनुमोदन हुआ है।
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विवि की कार्य परिषद ने इस बात पर मुहर लगाई है कि उक्त संस्थाओं से जुड़े कॉलेजों को हर हाल में 30 जून तक मान्यता की कार्रवाई पूरी करनी होगी। जिनकी मान्यता 30 जून के बाद होगी उन्हें अगले सत्र से माना जाएगा। कई कॉलेजों के लिए यह बड़ा झटका है।
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विवि का मानना है कि कुछ प्राइवेट कॉलेज मान्यता नहीं होने पर भी पहले से छात्रों को एडमिशन के नाम पर बुक कर लेते हैं। मान्यता बाद में मिलती है और फिर एडमिशन के लिए दबाव बनाते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। गौरतलब है वर्तमान में बीएससी नर्सिंग के पांच संस्थान एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की विवि से मांग कर रहे हैं।
इनको मान्यता का पत्र दो नवंबर को मिला। कॉलेजों का कहना है नर्सिंग का सत्र नवंबर से शुरू होता है। विवि का कहना है मान्यता की कार्रवाई पहले पूरी होनी चाहिए। इस फैसले से मान्यता का काम समय में पूरा करने का कॉलेजों पर दबाव रहेगा।
एक दर्जन से अधिक कॉलेजों पर असर
मेरठ और सहारनपुर मंडल में एक दर्जन से अधिक शिक्षण संस्थानों पर इसका असर पड़ेगा। निजी मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज के सत्र के साथ यह परेशानी चल रही है। नर्सिंग कोर्स में ज्यादा दिक्कत है। नर्सिंग काउंसिल के रवैये से संस्थान परेशान हैं। मान्यता के मामले पर देर से निर्णय हो रहा है।