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मेरठ: कैंट बोर्ड की राजनीति में हुआ बड़ा उलटफेर, बीना वाधवा ने रचा इतिहास, फिर से बनीं उपाध्यक्ष

Fri, 26 Feb 2021 01:00 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 26 Feb 2021 01:00 PM IST
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Meerut News: Bina Wadhwa made vice president at Cantt Board meeting
बीना वाधवा दोबारा बनीं उपाध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में कैंट बोर्ड की राजनीति में गुरुवार को बड़ा उलटफेर हो गया। बीना वाधवा ने दोबारा उपाध्यक्ष बनकर इतिहास रच दिया। अब तक कैंट बोर्ड में दोबारा उपाध्यक्ष बनने वाली वह पहली सदस्य हैं। जुलाई 2015 से जुलाई 2019 तक वह उपाध्यक्ष रही हैं। बीना ने कहा कि वे भाजपा की प्रथम कार्यकर्ता हैं। पार्टी के हित में कार्य करेंगी। वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल चार महीने तक रहेगा।

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कैंट बोर्ड की बैठक शाम चार बजे शुरू हुई। भाजपा के चार सदस्य अनिल जैन, रिनी जैन, नीरज राठौर और बुशरा कमाल के साथ बीना वाधवा पिछले गेट से बोर्ड ऑफिस पहुंचीं। बैठक में पूर्व उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी और धर्मेंद्र सोनकर भी पहुंच गए, लेकिन मंजू गोयल नहीं आईं। पूर्व उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी ने उनके खिलाफ लाए गए प्रस्ताव को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर किए जाने की बात कही, लेकिन सदस्यों ने कह दिया कि उस पर निर्णय नहीं लिया जा सका है। 
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नीरज राठौर ने उपाध्यक्ष पद पर बीना वाधवा का नाम प्रस्तावित किया। अनिल जैन, रिनी जैन और बुशरा कमाल ने सहमति जताई दी। आठ में से पांच सदस्यों का बहुमत होने पर बोर्ड अध्यक्ष अर्जुन सिंह राठौर ने उनको उपाध्यक्ष घोषित कर दिया। बैठक के बाद विपिन सोढ़ी ने कहा कि भाजपा ने उनको प्रत्याशी घोषित किया था। 
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धमेंद्र सोनकर ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, लेकिन किसी ने सहमति नहीं दी। ऐसे में सदस्यों ने पार्टी में अनुशासनहीनता की है। वहीं पांचों सदस्यों ने बताया कि वह अपना पक्ष पार्टी अध्यक्ष के समक्ष रखेंगे।

यह भी पढ़ें: अधिवक्ता आत्महत्या मामला: वकीलों ने बेगमपुल किया जाम, भाजपा विधायक की गिरफ्तारी न होने पर आक्रोश, फोर्स तैनात

- ये है पूरा प्रकरण 
16 फरवरी को बीना वाधवा, सदस्य अनिल जैन, रिनी जैन, नीरज राठौर, मंजू गोयल, नीरज राठौर और बुशरा कमाल ने अध्यक्ष को पत्र देकर उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी पर जनता के कार्यों की उपेक्षा की बात कहते हुए अविश्वास प्रस्ताव का पत्र दिया था। बोर्ड अध्यक्ष ने 25 फरवरी को चुनाव की तिथि तय की थी। 

- बीना को हटाकर उपाध्यक्ष बने थे सोढ़ी 
24 जुलाई 2019 को कैंट बोर्ड के सात सदस्यों विपिन सोढ़ी, अनिल जैन, रिनी जैन, नीरज राठौर, मंजू गोयल, धर्मेंद्र सोनकर और बुशरा कमाल ने बोर्ड बैठक में उपाध्यक्ष बीना वाधवा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया था। सात सदस्यों के विरोध के बाद बीना वाधवा को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। एक अगस्त को विपिन सोढ़ी उपाध्यक्ष बने थे। कैंट बोर्ड का चुनाव 17 मई, 2015 को हुआ था। 15 जुलाई को सदस्य बीना वाधवा कैंट बोर्ड की   उपाध्यक्ष चुनी गईं थीं। 

संगठन करे कार्रवाई : सोढ़ी 
कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी ने बताया कि ये लोग भूल गए हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 14 दिन की सरकार को गिराया गया, लेकिन अगली बार वह पूर्ण बहुमत से आए। संगठन को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

अनुशासनहीनता नहीं की
विपिन सोढ़ी ने सदस्यों का विश्वास खो दिया था। मैं भाजपा की कार्यकर्ता हूं। कोई अनुशासनहीनता नहीं की है। पार्टी का सम्मान सर्वोच्च है। विपिन सोढ़ी कार्यकर्ताओं की भी नहीं सुन रहे थे। - बीना वाधवा, उपाध्यक्ष

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