सिटी डेवलपमेंट प्लान: ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड में बंटेगा शहर, जानें क्या हैं विकास के प्रमुख मुद्दे
मेरठ डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। अब शहर को ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड में बांटा जाएगा। जानिए विकास के प्रमुख मुद्दे क्या हैं।
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पिछले कुछ वर्षों में मेरठ शहर के दिल्ली रोड पर मोहिउद्दीनपुर, रुड़की रोड पर दौराला, गढ़ रोड पर गोकलपुर और मवाना रोड पर गंगानगर तक विस्तार के साथ ही यहां कॉलोनियां, इंडस्ट्री, लिंक रोड, हाईवे कनेक्टर सहित अन्य सुविधाएं बढ़ी हैं। प्रदेश सरकार ने इसे देखते हुए मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) को सिटी डेवलपमेंट प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं।
इसके तहत तीन चरणों में कार्य होगा। ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड विकास क्षेत्र चिह्नित कर योजनाएं बनाई जाएंगी, ताकि विशेष आर्थिक विकास क्षेत्र तैयार किया जा सके। इससे शहरवासियों के साथ-साथ बाहरी निवेशकों को भी मौका मिलेगा। 500 एकड़ में ग्रीनफील्ड क्षेत्र चिह्नित किया जाएगा।
एमडीए ने कंसल्टेंट चयन के लिए 56 पेज के रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल डॉक्यूमेंट को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इसके लिए 21 जून को प्री-बिड बैठक होनी है। सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार करने से पहले तीन कार्य करने होंगे। इसके बाद ही इसकी डिजाइनिंग हो सकेगी।
पहला चरण: शहर के विभागों से डाटा एकत्र किया जाएगा। साथ ही विभागों द्वारा पहले से बनाए गए प्लान पर चर्चा के साथ उनके पर्यावरणीय नफा-नुकसान का आंकलन किया जाएगा।
दूसरा चरण: डाटा एकत्र करने के बाद क्षेत्र को चिह्नित किया जाएगा। इसमें उद्योगों के लिए प्रोजेक्ट का चिह्नांकन और ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट का चिह्नीकरण सहित अन्य कार्य किए जाएंगे।
तीसरा चरण: विशेष आर्थिक विकास क्षेत्र की स्टडी कर ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड क्षेत्र को अलग-अलग बांटा जाएगा। इसमें आवासीय, धार्मिक पर्यटन क्षेत्र, मेडिकल हब, व्यापार एवं वित्तीय प्रोजेक्ट के बिंदु शामिल हैं
मास्टर प्लान 2031 से भी ली जाएगी मदद
चयनित कंसल्टेंट मास्टर प्लान-2031 से भी मदद लेंगे। शहर में 1120 वर्ग किलोमीटर के लिहाज से तैयार मास्टर प्लान का कार्य अंतिम चरण में हैं। इसके लिए भी विभागों से डाटा लिया गया था, जो सिटी डेवलपमेंट प्लान में काम आ जाएगा। इसी आधार पर प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होगी।
कंसल्टेट के पास होनी चाहिए विशेषज्ञों की टीम
प्लान को जमीन पर उतारने के लिए विशेषज्ञों की टीम जरूरी है। इसके लिए अलग-अलग नंबर दिए जाएंगे। इसके बाद ही कंसल्टेंट को फाइनल कार्य के लिए कहा जाएगा। इसमें शहरी विकास योजना विशेषज्ञ, बाजार के जानकार, अर्थशास्त्री, इंफ्रास्ट्रक्चर, वाटर सप्लाई, सीवरेज, ड्रेनेज, शहरी यातायात विशेषज्ञ, शहरी डिजाइन विशेषज्ञ, हेरिटेज एवं टूरिज्म विशेषज्ञ को कंसल्टेंट रखना होगा।
ये हैं प्रमुख बिंदु
रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम, सिटी लेवल ट्रांसपोर्ट, नए औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक एरिया, मेरठ का आधारभूत ढांचा जैसे बिंदु प्रमुख हैं।