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मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे के बीच अधिग्रहण की बाधा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jun 2016 01:57 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय भूतल परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि दो साल में एनसीआर में आवागमन पूरी तरह सुगम होगा। हम राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेजी से काम कर रहे हैं, लेकिन जमीन अधिग्रहण इसमें सबसे बड़ी बाधा है।
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे और मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर उन्होंने कहा कि मेरठ समेत कुछ हिस्सों में अधिग्रहण का काम अभी पूरा होना है। इन हालात में एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने की समयसीमा अभी तय नहीं की जा सकती। हालांकि, यह जरूर कहा कि निर्माण पूरा होने पर मेरठ से दिल्ली का सफर 50 मिनट में पूरा होगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को अनोखा प्रयोग किया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उत्तर प्रदेश के 11 जिलों के पत्रकारों से सीधे बात की और उनके सवालों के जवाब दिये। मेरठ के पत्रकार उनसे कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी भवन से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे महत्वपूर्ण परियोजना है। भूमि अधिग्रहण की समस्या को दूर करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में सर्किल रेट का चार गुना और शहरी क्षेत्र में दोगुना मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है।
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इस पर तेजी से काम चल रहा है। मेरठ समेत सूबे का कुछ हिस्सा ऐसा है, जहां जमीन अधिग्रहण नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां भी 80 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो जाएगा, वहीं पर काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने मेरठ से डासना के बीच के हिस्से में टेंडरिंग की प्रक्रिया में दिक्कत का भी जिक्र किया। कहा कि टेंडर प्रक्रिया में ज्यादा लोगों के आने से लाभ होगा। गडकरी ने कहा कि दिल्ली के चारों तरफ सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, ताकि जनता का राजधानी का सफर सुगम हो। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का काम निर्धारित समय सीमा के अंदर ही समाप्त कर दिया जाएगा।
मेरठ-बुलंदशहर मार्ग चौड़ीकरण में बाधा
मेरठ-बुलंदशहर मार्ग के चौड़ीकरण पर भी उन्होंने अधिग्रहण को ही बाधा बताया। बोले कि अधिग्रहण के मुद्दे पर प्रदेश सरकार से लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। यहां भी 80 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए जितने पेड़ काटे जाएंगे, उसकी भरपाई हर हाल में होगी। कुल बजट का एक फीसदी पौधरोपण पर खर्च होगा। मेरठ-पौड़ी राजमार्ग पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसकी डीपीआर तैयार हो रही है। इसके बाद यहां भी तेजी से काम होगा।
वेस्ट की गंगा में जल परिवहन को न
गडकरी ने कहा कि मेरठ सहित आसपास के जिलों में गंगा में अभी जल परिवहन के बारे में नहीं सोचा गया है। पहले चरण में वाराणसी से हल्दिया का प्रोजेक्ट मुख्य है। उन्होंने पश्चिम के जिलों में गंगा में जल परिवहन के लिए उपलब्ध जल की मात्रा पर शंका जाहिर की। कहा कि दूसरे चरण मेें इस पर काम के बारे में सोचा जा सकता है। गंगा के किसी भी हिस्से में जल परिवहन के कारण इसकी जैव विविधता और पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
नहीं हटेगा सिवाया टोल प्लाजा
सिवाया टोल प्लाजा के नगर निगम की सीमा में आने के कारण उसे बाहर शिफ्ट करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि टोल कंपनी से अनुबंध में जो स्थान तय हो चुका है, अब उसे नहीं बदला जा सकता है। इसलिये टोल प्लाजा यहीं संचालित होगा। गडकरी ने कहा कि वैसे टोल की समस्या अब दूर होने जा रही है, क्योंकि फास्ट ट्रैक स्टिकर जारी करने की योजना है। इसके तहत वाहन चालक के खाते से खुद ही पैसे कट जाएंगे। उन्होंने कहा कि टोलकर्मियों के आमजन से होने वाले झगड़ों पर भी निगाह रखी जा रही है।
हाईवे पर एंबुलेंस की व्यवस्था
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क हादसे रोकने के लिये ब्लैक स्पॉट 142 की पहचान की गई है। हाईवे पर हर 50 किमी पर एंबुलेंस पर की व्यवस्था की जाएगी, जिन्हें आसपास के ट्रॉमा सेंटर से कनेक्ट किया जाएगा।
पानी-सड़क पर चलने वाली गाड़ियां
गडकरी ने बताया कि पानी और सड़क पर चलने वाली पहली गाड़ी अमेरिका से मंगाई जा रही है, जो मुंबई और आसपास समुद्र में चलेंगी। दो अन्य देशों से भी ऐसे वाहन मंगाने की बात चल रही है, जो विभिन्न क्षेत्रों में चलेंगे। बाद में इन्हें परमिट भी दिया जा सकता है।
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मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे और मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर उन्होंने कहा कि मेरठ समेत कुछ हिस्सों में अधिग्रहण का काम अभी पूरा होना है। इन हालात में एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने की समयसीमा अभी तय नहीं की जा सकती। हालांकि, यह जरूर कहा कि निर्माण पूरा होने पर मेरठ से दिल्ली का सफर 50 मिनट में पूरा होगा।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को अनोखा प्रयोग किया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उत्तर प्रदेश के 11 जिलों के पत्रकारों से सीधे बात की और उनके सवालों के जवाब दिये। मेरठ के पत्रकार उनसे कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी भवन से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे महत्वपूर्ण परियोजना है। भूमि अधिग्रहण की समस्या को दूर करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में सर्किल रेट का चार गुना और शहरी क्षेत्र में दोगुना मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है।
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इस पर तेजी से काम चल रहा है। मेरठ समेत सूबे का कुछ हिस्सा ऐसा है, जहां जमीन अधिग्रहण नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां भी 80 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो जाएगा, वहीं पर काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने मेरठ से डासना के बीच के हिस्से में टेंडरिंग की प्रक्रिया में दिक्कत का भी जिक्र किया। कहा कि टेंडर प्रक्रिया में ज्यादा लोगों के आने से लाभ होगा। गडकरी ने कहा कि दिल्ली के चारों तरफ सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, ताकि जनता का राजधानी का सफर सुगम हो। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का काम निर्धारित समय सीमा के अंदर ही समाप्त कर दिया जाएगा।
मेरठ-बुलंदशहर मार्ग चौड़ीकरण में बाधा
मेरठ-बुलंदशहर मार्ग के चौड़ीकरण पर भी उन्होंने अधिग्रहण को ही बाधा बताया। बोले कि अधिग्रहण के मुद्दे पर प्रदेश सरकार से लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। यहां भी 80 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए जितने पेड़ काटे जाएंगे, उसकी भरपाई हर हाल में होगी। कुल बजट का एक फीसदी पौधरोपण पर खर्च होगा। मेरठ-पौड़ी राजमार्ग पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसकी डीपीआर तैयार हो रही है। इसके बाद यहां भी तेजी से काम होगा।
वेस्ट की गंगा में जल परिवहन को न
गडकरी ने कहा कि मेरठ सहित आसपास के जिलों में गंगा में अभी जल परिवहन के बारे में नहीं सोचा गया है। पहले चरण में वाराणसी से हल्दिया का प्रोजेक्ट मुख्य है। उन्होंने पश्चिम के जिलों में गंगा में जल परिवहन के लिए उपलब्ध जल की मात्रा पर शंका जाहिर की। कहा कि दूसरे चरण मेें इस पर काम के बारे में सोचा जा सकता है। गंगा के किसी भी हिस्से में जल परिवहन के कारण इसकी जैव विविधता और पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
नहीं हटेगा सिवाया टोल प्लाजा
सिवाया टोल प्लाजा के नगर निगम की सीमा में आने के कारण उसे बाहर शिफ्ट करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि टोल कंपनी से अनुबंध में जो स्थान तय हो चुका है, अब उसे नहीं बदला जा सकता है। इसलिये टोल प्लाजा यहीं संचालित होगा। गडकरी ने कहा कि वैसे टोल की समस्या अब दूर होने जा रही है, क्योंकि फास्ट ट्रैक स्टिकर जारी करने की योजना है। इसके तहत वाहन चालक के खाते से खुद ही पैसे कट जाएंगे। उन्होंने कहा कि टोलकर्मियों के आमजन से होने वाले झगड़ों पर भी निगाह रखी जा रही है।
हाईवे पर एंबुलेंस की व्यवस्था
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क हादसे रोकने के लिये ब्लैक स्पॉट 142 की पहचान की गई है। हाईवे पर हर 50 किमी पर एंबुलेंस पर की व्यवस्था की जाएगी, जिन्हें आसपास के ट्रॉमा सेंटर से कनेक्ट किया जाएगा।
पानी-सड़क पर चलने वाली गाड़ियां
गडकरी ने बताया कि पानी और सड़क पर चलने वाली पहली गाड़ी अमेरिका से मंगाई जा रही है, जो मुंबई और आसपास समुद्र में चलेंगी। दो अन्य देशों से भी ऐसे वाहन मंगाने की बात चल रही है, जो विभिन्न क्षेत्रों में चलेंगे। बाद में इन्हें परमिट भी दिया जा सकता है।