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बिलाल हत्याकांड के गवाहों को जान का खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Wed, 17 Feb 2016 02:18 AM IST
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चर्चित बिलाल हत्याकांड के गवाहों को जान का खतरा बना है। गवाहों ने मंगलवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई।
आरोप है कि हत्यारोपी समझौता न करने पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा रहे हैं। एसएसपी ने एसओ ब्रह्मपुरी को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
ब्रह्मपुरी थानाक्षेत्र के खत्ता रोड पर 28 नवंबर 2013 को बिलाल का मर्डर हुआ था। जिसमें तांत्रिक नजाकत उर्फ पप्पू, खलील समेत 10 लोग नामजद हुए थे।
इस हत्याकांड में चश्मदीद गवाह आसिफ, आरिफ, जावेद, जाहिद, जुल्फिकार, शाहिस्ता है। मुख्य आरोपी नजाकत कचहरी से पुलिस कस्टडी से भागा हुआ है। नजाकत ने गवाहों से जबरन समझौता कराने की खातिर हर प्रयास किया। जिसमें एक गवाह यासीन का 11 मई 2015 को मर्डर तक हो गया।
इसके बावजूद पुलिस गंभीर नहीं हुई। बिलाल हत्याकांड के मामले में कोर्ट में गवाही चल रही है। जिसके चलते आरोपी लगातार पीड़ित परिवार पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा रहे है।
पुलिस आरोपियों से साठगांठ करके केस दर्ज कर रही है। इसकी शिकायत चार गवाहों शाहिस्ता, जावेद, आसिफ और जुल्फिकार ने एसएसपी से सुरक्षा मांगते हुए झूठे केसों में एफआर लगाने की मांग की है।
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एसएसपी डीसी दूबे ने बताया कि एसओ को फटकार लगाई गई है। पीड़ित पक्ष की शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाएगी। फर्जी केस दर्ज नहीं होंगे।
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आरोप है कि हत्यारोपी समझौता न करने पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा रहे हैं। एसएसपी ने एसओ ब्रह्मपुरी को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
ब्रह्मपुरी थानाक्षेत्र के खत्ता रोड पर 28 नवंबर 2013 को बिलाल का मर्डर हुआ था। जिसमें तांत्रिक नजाकत उर्फ पप्पू, खलील समेत 10 लोग नामजद हुए थे।
इस हत्याकांड में चश्मदीद गवाह आसिफ, आरिफ, जावेद, जाहिद, जुल्फिकार, शाहिस्ता है। मुख्य आरोपी नजाकत कचहरी से पुलिस कस्टडी से भागा हुआ है। नजाकत ने गवाहों से जबरन समझौता कराने की खातिर हर प्रयास किया। जिसमें एक गवाह यासीन का 11 मई 2015 को मर्डर तक हो गया।
इसके बावजूद पुलिस गंभीर नहीं हुई। बिलाल हत्याकांड के मामले में कोर्ट में गवाही चल रही है। जिसके चलते आरोपी लगातार पीड़ित परिवार पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा रहे है।
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पुलिस आरोपियों से साठगांठ करके केस दर्ज कर रही है। इसकी शिकायत चार गवाहों शाहिस्ता, जावेद, आसिफ और जुल्फिकार ने एसएसपी से सुरक्षा मांगते हुए झूठे केसों में एफआर लगाने की मांग की है।
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एसएसपी डीसी दूबे ने बताया कि एसओ को फटकार लगाई गई है। पीड़ित पक्ष की शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाएगी। फर्जी केस दर्ज नहीं होंगे।