Meerut: बंद कार में खेल रहा था मासूम, चंद मिनटों में तड़प-तड़पकर थम गई सांसे, दम घुटने से हुई मौत
मेरठ में धूप में खड़ी कार में खेल रहे पांच वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र के डूंगर गांव में शुक्रवार को खेलते समय पांच वर्षीय मासूम अरहान धूप में खड़ी कार में बंद हो गया। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
गांव डूंगर निवासी नफीस खान की पुत्री तमनया की शादी दस वर्ष पूर्व गांव शेखपुरा थाना बिनौली जिला बागपत में हुई थी। उसकी दो पुत्री और एक पुत्र अरहान है। तमनया की दो वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। इसके बाद से अरहान की परवरिश के लिए नाना नफीस उसे अपने गांव डूंगर में ले आए थे। तब से वह नाना के घर पर ही रह रहा था। अप्रैल माह में ही नाना ने उसका स्कूल में दाखिला कराया था।
तेज धूप में खड़ी कार में बनती हैं खतरनाक गैस
विशेषज्ञों के मुताबिक कारों में लगे डैश बोर्ड, सीट कवर, मैट, छत, हैंडल व एयर फ्रेशनर में कई केमिकल के साथ बेंजीन मौजूद होती है। जब बहुत देर धूप में पार्किंग में खड़ी कार का गेट खोलकर चालक अंदर बैठता है तो प्लास्टिक के साथ कुछ दूसरे अलग केमिकल की दुर्गंध महसूस होती है।
इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही दुर्गंध संकेत देती है कि एसी ऑन करने से पहले खिड़की के शीशे उतार दें। बेंजीन बेहद खतरनाक हाइड्रोकार्बन है, जो शरीर के लिए घातक है।
धूप में खड़ी कार में पॉलिस से ओजोन, हाइड्रोजन डाइआक्साइड व कार्बन डाइआक्साइड जैसी खतरनाक गैसों का उत्सर्जन होता रहता है। इससे इंसान का दम घुट सकता है। इससे इंसान की मौत हो जाती है।