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मेडिकल में 21 बेड का ‘सुपर’ आईसीयू जल्द
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jun 2016 02:23 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिये भले ही दो साल इंतजार करना पड़े, लेकिन 21 बेड की ‘सुपर’ इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) जल्द शुरू होने जा रही है। इसमें एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) के मानकों के अनुसार अत्याधुनिक लाइफ सपोर्टिंग इक्युपमेंट उपलब्ध होंगे। सिर्फ इसी पर छह करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं। इसे एक माह के अंदर शुरू करने की समयसीमा तय की गई है। इसके शुरू होने से सबसे ज्यादा फायदा ट्रामा, हार्ट से लेकर ब्रेन से जुड़े गंभीर मामलों में होगा।
हाईटेक आईसीयू में 21 बेड होंगे। इनमें से 15 बेड शासन स्तर से स्वीकृत हो चुके हैं। जबकि, छह बेड की स्वीकृति के लिये मेडिकल प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। इस पर शासन ने जल्द स्वीकृति देने का भरोसा दिया है। इसी बीच, आईसीयू को चलाने के लिए 22 वेंटिलेटर खरीदे जा रहे हैं। एक वेंटिलेटर स्टैंड बाई यानी स्टॉक में रखा जाएगा। इसका इस्तेमाल आपात परिस्थितियों में किया जाएगा। इसी तरह प्रति बेड 44 मल्टी पेरी मॉनिटर खरीदे गए हैं। हर बेड के लिये दो का इस्तेमाल होगा, जबकि दो स्टॉक में रखे जाएंगे। हाईटेक आईसीयू की फाइलिंग से जुड़ा सारा काम पूरा हो चुका है। वेंटिलेटर और अन्य उपकरण दस दिन में लगाने की तैयारी है।
आईसीयू में बेड पहले से उपलब्ध है, बस वेंटिलेटर और पेरी मॉनिटर लगने में देरी है। उसके बाद आईसीयू को मरीजों की चिकित्सा के लिए खोल दिया जाएगा। प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता लंबे समय से आईसीयू को जल्द शुरू करने का प्रयास कर रहे थे। अब जल्द ही वेस्ट यूपी की सबसे बड़ी आईसीयू यूनिट शुरू करने की उनकी कोशिशें रंग लाती नजर आ रही हैं। हाईटेक आईसीयू नई इमरजेंसी के फर्स्ट फ्लोर पर शुरू की जाएगी। इसके लिए रास्ता भी अलग से रखा गया है, ताकि हर कोई मरीज आईसीयू तक न जाए।
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हाईटेक आईसीयू के प्रमुख उपकरण
वेंटिलेटर : कॉलेज प्रशासन ने जर्मनी की कंपनी से खरीदे हैं। एक वेंटिलेटर की कीमत 19 लाख रुपये है। इस हिसाब से 22 वेंटिलेटर की खरीद 4.18 करोड़ रुपये में की जा ही है। हर वेंटिलेटर की पांच साल की गारंटी है। इस दौरान अगर कोई खराबी आती है तो कंपनी उसकी पूरी रिपेयरिंग करेगी।
मल्टी पेरी मॉनिटर : आईसीयू के लिए 44 मल्टी पेरी मॉनिटर खरीदे गए हैं। इस पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 1 करोड़ 61 लाख 92 हजार रुपये खर्च किये गए हैं।
डिफिब्रिलेटर : सीरियस मरीज को बचाने के लिए हर लाइफ सपोर्टिंग इक्युपमेंट आईसीयू में उपलब्ध होगा। इसके लिये करीब 24 लाख रुपये की लागत से चार डिफिब्रिलेटर खरीदे गए हैं। इनके जरिये मरीज को करंट देकर हार्ट को पंप किया जा सकेगा।
डॉ. सुभाष दहिया को सौंपी कमान
प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता ने एनेस्थीसिया के एचओडी डॉ. सुभाष दहिया को आईसीयू की कमान सौंपी है। उन्हें निर्देश दिया है कि स्टाफ से लेकर जिस भी उपकरण की जरूरत हो, उसकी डिमांड उपलब्ध कराएं। साथ ही पूरी आईसीयू यूनिट उन्हीं के निर्देश में संचालित होगी। दो स्टॉफ नर्स रेगुलर तौर पर तैनात की गई हैं, जबकि बाकी स्टॉफ आउट सोर्सिंग पर रखे जाएंगे।
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हाईटेक आईसीयू में 21 बेड होंगे। इनमें से 15 बेड शासन स्तर से स्वीकृत हो चुके हैं। जबकि, छह बेड की स्वीकृति के लिये मेडिकल प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। इस पर शासन ने जल्द स्वीकृति देने का भरोसा दिया है। इसी बीच, आईसीयू को चलाने के लिए 22 वेंटिलेटर खरीदे जा रहे हैं। एक वेंटिलेटर स्टैंड बाई यानी स्टॉक में रखा जाएगा। इसका इस्तेमाल आपात परिस्थितियों में किया जाएगा। इसी तरह प्रति बेड 44 मल्टी पेरी मॉनिटर खरीदे गए हैं। हर बेड के लिये दो का इस्तेमाल होगा, जबकि दो स्टॉक में रखे जाएंगे। हाईटेक आईसीयू की फाइलिंग से जुड़ा सारा काम पूरा हो चुका है। वेंटिलेटर और अन्य उपकरण दस दिन में लगाने की तैयारी है।
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आईसीयू में बेड पहले से उपलब्ध है, बस वेंटिलेटर और पेरी मॉनिटर लगने में देरी है। उसके बाद आईसीयू को मरीजों की चिकित्सा के लिए खोल दिया जाएगा। प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता लंबे समय से आईसीयू को जल्द शुरू करने का प्रयास कर रहे थे। अब जल्द ही वेस्ट यूपी की सबसे बड़ी आईसीयू यूनिट शुरू करने की उनकी कोशिशें रंग लाती नजर आ रही हैं। हाईटेक आईसीयू नई इमरजेंसी के फर्स्ट फ्लोर पर शुरू की जाएगी। इसके लिए रास्ता भी अलग से रखा गया है, ताकि हर कोई मरीज आईसीयू तक न जाए।
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हाईटेक आईसीयू के प्रमुख उपकरण
वेंटिलेटर : कॉलेज प्रशासन ने जर्मनी की कंपनी से खरीदे हैं। एक वेंटिलेटर की कीमत 19 लाख रुपये है। इस हिसाब से 22 वेंटिलेटर की खरीद 4.18 करोड़ रुपये में की जा ही है। हर वेंटिलेटर की पांच साल की गारंटी है। इस दौरान अगर कोई खराबी आती है तो कंपनी उसकी पूरी रिपेयरिंग करेगी।
मल्टी पेरी मॉनिटर : आईसीयू के लिए 44 मल्टी पेरी मॉनिटर खरीदे गए हैं। इस पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 1 करोड़ 61 लाख 92 हजार रुपये खर्च किये गए हैं।
डिफिब्रिलेटर : सीरियस मरीज को बचाने के लिए हर लाइफ सपोर्टिंग इक्युपमेंट आईसीयू में उपलब्ध होगा। इसके लिये करीब 24 लाख रुपये की लागत से चार डिफिब्रिलेटर खरीदे गए हैं। इनके जरिये मरीज को करंट देकर हार्ट को पंप किया जा सकेगा।
डॉ. सुभाष दहिया को सौंपी कमान
प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता ने एनेस्थीसिया के एचओडी डॉ. सुभाष दहिया को आईसीयू की कमान सौंपी है। उन्हें निर्देश दिया है कि स्टाफ से लेकर जिस भी उपकरण की जरूरत हो, उसकी डिमांड उपलब्ध कराएं। साथ ही पूरी आईसीयू यूनिट उन्हीं के निर्देश में संचालित होगी। दो स्टॉफ नर्स रेगुलर तौर पर तैनात की गई हैं, जबकि बाकी स्टॉफ आउट सोर्सिंग पर रखे जाएंगे।