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एमडीए में ट्रांसपोर्ट नगर पर फिर मंथन शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Mar 2017 02:23 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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न्यू ट्रांसपोर्ट नगर पर एमडीए ने फिर से मंथन शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट को लेकर लगातार कवायद की जा रही है, लेकिन अभी तक मुहिम परवान नहीं चढ़ सकी है। अहम बात यह है कि एमडीए ने इस प्रस्ताव पर वृहद स्तरीय विश्लेषण कर सभी गतिरोध दूर करने की योजना बनाई है।
वर्तमान ट्रांसपोर्ट नगर को बागपत रोड पर नए स्थान पर शिफ्ट करने की कवायद चल रही है। पांचली खुर्द गांव में इसके लिए एमडीए ने 38.9260 हेक्टेयर भूमि का चयन किया है। इसके लिए धारा, चार तथा छह सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, पर अभी तक बात नहीं बनी है। दरअसल यहां रेट को लेकर प्रकरण उलझ गया। भू अधिग्रहण नीति 2013 जैसे ही लागू हुई तो किसानों ने कहा कि अब उन्हें सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा ही चाहिए। यह लगभग छह हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर बनता है। इतनी रकम देने को एमडीए तैयार नहीं। उधर ट्रांसपोर्टर्स भी कह रहे हैं कि वे महंगी जमीन नहीं लेंगे। एमडीए इस रेट में उन्हे जमीन दें कि वह आसानी से इसे खरीद सकें। एमडीए ने इस बाबत कुल 19 करोड़ रुपये एडीएम एलए के यहां जमा किए हैं। एमडीए इसे यह कहकर वापस मांग रहा है कि जब अर्जन हुआ ही नहीं है तो यह रकम वापस दी जाए। अमर उजाला ने मामला उठाया तो विभाग ने फिर से मंथन शुरू कर दिया है। अधिकारी उन सभी बिंदुओं पर विचार कर रहे हैं जो गतिरोध पैदा रहे हैं।
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वर्तमान ट्रांसपोर्ट नगर को बागपत रोड पर नए स्थान पर शिफ्ट करने की कवायद चल रही है। पांचली खुर्द गांव में इसके लिए एमडीए ने 38.9260 हेक्टेयर भूमि का चयन किया है। इसके लिए धारा, चार तथा छह सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, पर अभी तक बात नहीं बनी है। दरअसल यहां रेट को लेकर प्रकरण उलझ गया। भू अधिग्रहण नीति 2013 जैसे ही लागू हुई तो किसानों ने कहा कि अब उन्हें सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा ही चाहिए। यह लगभग छह हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर बनता है। इतनी रकम देने को एमडीए तैयार नहीं। उधर ट्रांसपोर्टर्स भी कह रहे हैं कि वे महंगी जमीन नहीं लेंगे। एमडीए इस रेट में उन्हे जमीन दें कि वह आसानी से इसे खरीद सकें। एमडीए ने इस बाबत कुल 19 करोड़ रुपये एडीएम एलए के यहां जमा किए हैं। एमडीए इसे यह कहकर वापस मांग रहा है कि जब अर्जन हुआ ही नहीं है तो यह रकम वापस दी जाए। अमर उजाला ने मामला उठाया तो विभाग ने फिर से मंथन शुरू कर दिया है। अधिकारी उन सभी बिंदुओं पर विचार कर रहे हैं जो गतिरोध पैदा रहे हैं।
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