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मवाना में बिगड़ने से बचा माहौल, सांप्रदायिक तनाव, फोर्स तैनात
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Fri, 04 Aug 2017 11:23 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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परीक्षितगढ़ बस स्टैंड के पास बुधवार को कार से टक्कर लगने का विरोध करने पर दूसरे समुदाय के लोगों की भीड़ ने गांव रानी नंगला के स्कूटी सवार कुश्ती के नेशनल खिलाड़ी और उसके साथी पर जानलेवा हमला बोल दिया। बाद में थाने पर भी हंगामा काटने पहुंची भीड़ को पुलिसकर्मियों ने लाठियां फटकारकर भीड़ को खदेड़ दिया। सांप्रदायिक तनाव फैलने से कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। मौके पर एडीएम और एसपी देहात, तीन सीओ व कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ पहुंचे और स्थिति को काबू किया।
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पुलिस के अनुसार गांव रानी नंगला निवासी नेशनल कुश्ती खिलाड़ी रोहित पुत्र बिजेंद्र अपने साथी संदीप पुत्र किरण सिंह के साथ दोपहर करीब 12:30 बजे स्कूटी से पुलिस चौकी की ओर लौट रहे थे। बस स्टैंड के पास पीछे से एक कार ने स्कूटी में मार दी। उन्होंने इसका विरोध जताया तो कार से निकले आधा दर्जन युवकों से उनकी नोकझोंक हो गई। जिसके बाद इन युवकों ने फोन पर 50-60 युवकों को बुला लिया। आरोप है कि इन युवकों और भीड़ ने जान से मारने की नीयत से रोहित और संदीप पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। एक युवक ने तमंचे से फायर भी किया। दोनों युवकों ने भागने का प्रयास किया तो भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसके बाद बाजार में अफरातफरी फैल गई और माहौल बिगड़ने की आशंका पर दुकानें बंद होना शुरू हो गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों को बचाकर सीएचसी में भर्ती कराया। थोड़ी देर बाद ही दूसरे समुदाय की भीड़ थाने पहुंच गई। जिस पर थाना प्रभारी विजय कुमार और पुलिसकर्मियों ने डंडे फटकार कर भीड़ को भगाया।
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थाने से भागा मुख्य आरोपी, पत्नी ने दी तहरीर
पुलिस के अनुसार थाना प्रभारी ने इस घटना के मुख्य आरोपी दीन मोहम्मद और शाहरुख को मौके से पकड़कर जीप से थाने भेज दिया था। लेकिन दीन मोहम्मद पुलिस की आंखों में धूल झोंककर थाने से भागकर सीएचसी पहुंच गया। वहां से भी उसने खुद को मेरठ के अस्पताल के लिए रेफर करा लिया। पुलिस को जब तक पता चलता, वह हाथ से निकल चुका था। पुलिस ने उसे फोन किया तो बोला कि वह पत्नी को चिकित्सक को दिखाकर मेरठ से कार से लौट रहा था। रास्ते में मोड़ पर स्कूटी खड़ी थी। उसे हटाने को कहा तो युवकों ने उससे मारपीट कर दी। उसे सीएचसी से चिकित्सकों ने मेरठ रेफर कर दिया है। उसने अपनी सही ठिकाना नहीं बताया। वहीं, दीन मोहम्मद की पत्नी ने थाने पहुंचकर तहरीर दे दी। इस संबंध में थाना प्रभारी का कहना है कि वह मौके पर थे। उनको नहीं पता वह कैसे थाने से निकल गया। पुलिस के उसके घर भी दबिश दी। लेकिन वह गायब मिला।
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बवाल में जा चुका जेल
वर्ष 2009 में भी परीक्षितगढ़ बस स्टैंड के पास सांप्रदायिक बवाल हुआ था। दीन मोहम्मद की पत्नी के साथ तहरीर देने थाने पहुंचे शाह फहद को थाना प्रभारी ने वहीं बैठा लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि उक्त आरोपी आज के हमले में शामिल था। वह 2009 के बवाल में भी जेल जा चुका है।
इनके खिलाफ हुआ मुकदमा
पुलिस ने पीड़ित रोहित की तहरीर पर दीन मोहम्मद, इकबाल पुत्र अय्यूब, शाहरुख पुत्र आसिफ, आमिर अतीउर्रहमान निवासी मौ. कल्याण सिंह मवाना, शाह फहद पुत्र शेरद्दीन निवासी मखदूमपुर स्टैंड, बाबर पुत्र यामीन, फराज पुत्र शेरद्दीन, अहमद, अमजद पुत्र कल्लू, नदीम उर्फ पोटन, गौरी उर्फ मोटा, मुशीर पुत्र शौकत, अतीक पुत्र इकबाल, रबनवाज पुत्र डोकल निवासी गाढ़ो वाला चौपला तथा 50-60 अज्ञात के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमला, मारपीट, पथराव, लापरवाही से वाहन चलाने की संबंधित धाराओं के अलावा 3 पीपीडी एक्ट, 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।