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मौसम वायरल के फेवर में, सावधानी ही बचाव
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 15 Sep 2016 03:08 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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उमस, गर्मी और बारिश के मौसम ने वायरल को सक्रिय करते हुए डेंगू व चिकनगुनिया का खतरा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दिया है। जिले में डेंगू और चिकनगुनिया के 28 नए मामले सामने से अभी आम जनता को राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा कैंप, फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव के दावे बेअसर साबित हो रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अभी वायरल के साथ डेंगू और चिकनगुनिया के मामले बढ़ने के आसार हैं, क्योंकि वर्तमान मौसम मच्छर व बैक्टीरिया का साथ दे रहा है।ऐसे में सावधानी ही बचाव है।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज स्थित माइक्रो बायोलॉजी विभाग की तरफ से जिला मलेरिया विभाग को रिपोर्ट भेजी गई हैं। जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट जारी कर बताया है कि जिले में डेंगू के तीन और चिकनगुनिया के 25 नए मामले सामने आये हैं। जिसके बाद जिले में चिकनगुनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या 173 पर पहुंच गई है। जबकि डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या 65 हो गई है। बड़ी संख्या में डेंगू और चिकनगुनिया की संभावना के बीच सैंपल मेडिकल कालेज की लैब में पहुंच रहे हैं। जिसके आधार पर मरीजों की संख्या कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ने की संभावना है।
प्लेटलेट्स के आधार पर चल रहा ट्रीटमेंट
मरीजों की संख्या बढ़ने और डेंगू व चिकनगुनिया के बड़ी संख्या में केस सामने आने के बाद अब चिकित्सकों ने ट्रीटमेंट का तरीका बदला है। जैसे ही वायरल का मरीज चिकित्सक के पास पहुंच रहा है तो उसकी प्लेटलेट्स की साधारण जांच कराकर ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जा रहा है। क्योंकि तीन तरह के केस सामने आ रहे हैं। लेकिन सभी के लक्षण समान है। जिसमें पहले नंबर पर डेंगू और फिर चिकनगुनिया के केस सामने आ रहे हैं।
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उसके बाद वायरल के तीसरे मामले ऐसे हैं जिनकी जांच कराने पर ना डेंगू आ रहा है और ना ही चिकनुनिया। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अजय मलिक का कहना है कि ऐसे मरीजों के लक्षण डेंगू व चिकनगुनिया जैसे मरीजों जैसे हैं, जैसे प्लेटलेट्स का डाउन होना, शरीर में दर्द व तेज बुखार के साथ सिर दर्द। ऐसे मरीजों का इलाज भी डेंगू व चिकनगुनिया की तरह हो रहा है। ऐसे में हम लोग अधिकांश केस में प्लेटलेट्स की जांच कराकर ही ट्रीटमेंट शुरू कर दे रहे हैं।
1241 लोग बुखार से पीड़ित मिले
स्वास्थ्य विभाग के साथ अब आईएमए ने भी चिकित्सा कैंप लगाने शुरू कर दिए हैं। शहरी क्षेत्र में बुधवार को आईएमए द्वारा दो कैंप लगाये गए। जिसमें 220 मरीजों की जांच में 161 मरीज बुखार के थे। वहीं, 112 लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए लिये गए। सीएमओ डॉ. शरद त्यागी ने बताया है कि शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने 14 कैंप लगाये, जिसमें 1609 मरीज देखे गए। इनमें से 327 मरीज बुखार के थे, जिनमें से 139 के खून की स्लाइड रिपोर्ट बनाई गई। वहीं, देहात क्षेत्र में 24 कैंप लगे, जिनमें 2854 मरीजों को देखा गया। इस दौरान 753 केस बुखार के आये, जिनमें से 440 मरीजों की खून की स्लाइड बनाई गई।
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बुधवार को मेडिकल कॉलेज स्थित माइक्रो बायोलॉजी विभाग की तरफ से जिला मलेरिया विभाग को रिपोर्ट भेजी गई हैं। जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट जारी कर बताया है कि जिले में डेंगू के तीन और चिकनगुनिया के 25 नए मामले सामने आये हैं। जिसके बाद जिले में चिकनगुनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या 173 पर पहुंच गई है। जबकि डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या 65 हो गई है। बड़ी संख्या में डेंगू और चिकनगुनिया की संभावना के बीच सैंपल मेडिकल कालेज की लैब में पहुंच रहे हैं। जिसके आधार पर मरीजों की संख्या कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ने की संभावना है।
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प्लेटलेट्स के आधार पर चल रहा ट्रीटमेंट
मरीजों की संख्या बढ़ने और डेंगू व चिकनगुनिया के बड़ी संख्या में केस सामने आने के बाद अब चिकित्सकों ने ट्रीटमेंट का तरीका बदला है। जैसे ही वायरल का मरीज चिकित्सक के पास पहुंच रहा है तो उसकी प्लेटलेट्स की साधारण जांच कराकर ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जा रहा है। क्योंकि तीन तरह के केस सामने आ रहे हैं। लेकिन सभी के लक्षण समान है। जिसमें पहले नंबर पर डेंगू और फिर चिकनगुनिया के केस सामने आ रहे हैं।
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उसके बाद वायरल के तीसरे मामले ऐसे हैं जिनकी जांच कराने पर ना डेंगू आ रहा है और ना ही चिकनुनिया। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अजय मलिक का कहना है कि ऐसे मरीजों के लक्षण डेंगू व चिकनगुनिया जैसे मरीजों जैसे हैं, जैसे प्लेटलेट्स का डाउन होना, शरीर में दर्द व तेज बुखार के साथ सिर दर्द। ऐसे मरीजों का इलाज भी डेंगू व चिकनगुनिया की तरह हो रहा है। ऐसे में हम लोग अधिकांश केस में प्लेटलेट्स की जांच कराकर ही ट्रीटमेंट शुरू कर दे रहे हैं।
1241 लोग बुखार से पीड़ित मिले
स्वास्थ्य विभाग के साथ अब आईएमए ने भी चिकित्सा कैंप लगाने शुरू कर दिए हैं। शहरी क्षेत्र में बुधवार को आईएमए द्वारा दो कैंप लगाये गए। जिसमें 220 मरीजों की जांच में 161 मरीज बुखार के थे। वहीं, 112 लोगों के ब्लड सैंपल जांच के लिए लिये गए। सीएमओ डॉ. शरद त्यागी ने बताया है कि शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने 14 कैंप लगाये, जिसमें 1609 मरीज देखे गए। इनमें से 327 मरीज बुखार के थे, जिनमें से 139 के खून की स्लाइड रिपोर्ट बनाई गई। वहीं, देहात क्षेत्र में 24 कैंप लगे, जिनमें 2854 मरीजों को देखा गया। इस दौरान 753 केस बुखार के आये, जिनमें से 440 मरीजों की खून की स्लाइड बनाई गई।