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यूपी: मंत्री संजीव बालियान के बयान पर गरमाई सियासत, वेस्ट यूपी को अलग राज्य बनाने की मांग पर क्या बोले दिग्गज

Tue, 03 Oct 2023 01:07 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 03 Oct 2023 01:07 AM IST
सार

Meerut News : राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के बयान पर सियासत गरमा गई है। उनकी वेस्ट यूपी को अलग राज्य बनाने की वाली मांग पर दिग्गज नेताओं का क्या कहना है। आगे इस खबर में विस्तार से पढ़िए।

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Many leaders have different opinions on demand to make West UP a separate state by Minister Sanjeev Balyan
केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय जाट संसद में केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के पश्चिम उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने के बयान से सियासत गरमा गई है। रालोद नेताओं ने जहां इसे आगामी चुनाव में वोट लेने की रणनीति बताया तो वहीं अखिल भारतीय जाट महासभा ने कहा कि मंच पर बोलने से कुछ नहीं होगा। मंत्री की सरकार है उन्हें इसे धरातल पर लाना होगा।

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रविवार को सुभारती विवि में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जाट संसद को संबोधित करते हुए डॉ. संजीव बालियान ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाए जाने का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है एक दिन ऐसा होगा और मेरठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजधानी बनेगा। उनके इस बयान के बाद रालोद नेताओं ने इस बात से जाट संसद को मुद्दे से भटकना बताया। 

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अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप चौधरी ने कहा कि मंत्री जी सरकार में हैं। अगर वह चाहते हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश अलग राज्य बने तो उसे धरातल पर लाएं। इस प्रकार मंच पर झूठे वादे करने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने जाट आरक्षण को लेकर कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व संजीव बालियान की ओर से ही जाटों को आरक्षण दिलाने का वादा किया गया था, लेकिन चुनाव के बाद सबकुछ भूल गए। अब लोगों को मुद्दे से भटकाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय जाट महासभा भी अलग राज्य बनाए जाने का समर्थन करता है लेकिन पहले पूर्व में किए गए वादे पूरे करें। उन्होंने कहा कि उनकी महासभा के एजेंडे में शुरू से ही केंद्र में आरक्षण, प्रदेश का पुर्नगठन और हाईकोर्ट बेंच की स्थापना शामिल रहा है।

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लोगों से धोखा कर रहे मंत्री
रालोद के राष्ट्रीय सचिव डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि संजीव बालियान जाट आरक्षण को भूल चुके हैं और जाट समाज को इस मांग से भटकाना चाहते हैं। जबकि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पूर्व उन्होंने दिल्ली स्थित अपने आवास पर बैठक आयोजित कर कहा था कि समाज को केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण दिलाया जाएगा। उनकी सरकार आरक्षण दिलाएगी, इसके लिए प्रधानमंत्री से वार्ता की जाएगी, लेकिन वह अपने ही वादे को भूल चुके हैं और अब वोटों की राजनीति कर रहे हैं। अब लोगों का ध्यान आरक्षण से हटाकर अलग प्रदेश बनाने पर ला रहे हैं। वह लोगों के साथ धोखा कर रहे हैं।

अलग राज्य की मांग पूरी करने का वक्त आया: मलूक नागर
बिजनौर के बसपा सांसद मलूक नागर ने कहा है कि 70 साल से लंबित चल रही पश्चिम उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग को पूरा करने का वक्त आ गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलग राज्य बनने की जो उम्मीद जताई है, केंद्र सरकार को संसद से उसे पारित कर देना चाहिए। अलग राज्य को हमारा पूर्ण समर्थन है।

बसपा सांसद मलूक नागर ने बताया कि संसद में उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। वर्ष 1955 में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने उत्तर प्रदेश को तीन भागों में बांटने की पुरजोर वकालत की थी। वर्ष 1953 में दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री ब्रह्म प्रकाश ने पश्चिमी यूपी को दिल्ली में मिलने का सुझाव दिया था। चौधरी चरण सिंह और अजित सिंह भी राज्य के बंटवारे के पक्ष में थे।

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वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुख्यमंत्री रहते उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव विधानसभा में पारित कराकर केंद्र सरकार को भेजा था। प्रस्ताव अभी भी लंबित है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इसे स्वीकार करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाना चाहिए। पश्चिमी यूपी के अलग राज्य बनने से पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों को मुख्यमंत्री बनने का अवसर प्राप्त होगा।

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