अमित शाह के 2014 के चुनावी 'प्रबंधन' को दोहराने की तैयारी में भाजपा, अपना रही ये रणनीति
भाजपा का इस बार चुनाव जीतने के लिए पूरा जोर बूथ प्रबंधन है। रणनीति यह है कि यदि 51 प्रतिशत वोट साध लिए तो जीत निश्चित है। इसके लिए लगातार बूथ कमेटियों को ही मजबूत करने पर नेतृत्व जोर दे रहा है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने साल 2014 में बूथ प्रबंधन पर फोकस किया था। जिसके चलते मतदान जहां बेहतर रहा तो भाजपा को जीत भी मिली। इसी रणनीति पर चलते हुए साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई।
लेकिन इस बार बूथ प्रबंधन के साथ मतदान प्रतिशत को अपने पक्ष में बेहतर करने पर ज्यादा जोर है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि यदि कुल मतदान प्रतिशत का 51 प्रतिशत भाजपा अपने पक्ष में कर लेती है, तो उसकी जीत पक्की है।
मुकाबला आमने-सामने का गठबंधन के सामने 51 प्रतिशत वोट भाजपा की मजबूरी भी है। क्योंकि अधिकांश सीटों पर मुकाबला इस बार त्रिकोणीय नहीं बल्कि आमने-सामने का ही नजर आएगा। ऐसे में भाजपा को कुल मतदान का आधे से ज्यादा वोट जीत के लिए अपने पक्ष में करना ही होगा। इसके लिए बनाई रणनीति के तहत इस बार एक बूथ पर 10 नहीं बल्कि 20 कार्यकर्ता रखे जाएंगे। ये बूथ कार्यकर्ता बूथ के भीतर नहीं बल्कि बाहर अपना काम करेंगे।
सम्मेलन को सफल बनाने का आह्वान किया
मंगलपांडे नगर स्थित एक होटल में बुधवार को भाजपा के समर्पण दिवस कार्यक्रम में सांसद, विधायकों, महानगर के पदाधिकारियों, सभी प्रकोष्ठ के संयोजकों, मोर्चा अध्यक्ष को पार्टी फंड में चेक के माध्यम से सहयोग देना तय हुआ। 20000 से अधिक के भुगतान पर पेन नंबर देना अनिवार्य था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल ने की।
वहीं मेरठ भाजपा कार्यालय पर बुधवार को हापुड़-मेरठ लोकसभा संसदीय क्षेत्र के महिला सम्मेलन की तैयारी बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नरेश बाला, संचालन महानगर अध्यक्ष वर्षा कौशिक ने की। 24 मार्च में होने वाले महिला सम्मेलन को सफल बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। संयोजिका तथा महिला आयोग की सदस्य राखी त्यागी, डॉ. सरोजनी अग्रवाल, चरण सिंह लिसाड़ी रहे।
बूथ कार्यकर्ता घर-घर जाकर मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के साथ उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचाते हुए भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके लिए अप्रत्यक्ष रुप से मतदान केंद्र के बाहर लगे बस्तों पर डाटा भी साथ-साथ तैयार होगा।
युवा और महिलाओं को भी दी जिम्मेदारी इस बार बूथ पर प्रौढ़ कार्यकर्ताओं के साथ ही युवा और महिला कार्यकर्ताओं को भी विशेष रुप से लगाया गया है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता मतदान के दिन अपने अपने क्षेत्र में मतदान के अंतिम समय तक अपने घर से बाहर रहेगा और 51 प्रतिशत के लक्ष्य को साधने में अपना योगदान देगा।
जिन कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की ड्यूटी बूथों पर लगाई जाएगी। उनकी सूची भाजपा कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएगी। मतदान के बाद बूथवार रिपोर्ट के आधार पर इन कार्यकर्ताओें और पदाधिकारियों का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार किया जाएगा। जिस पर चुनाव बाद नेतृत्व उदासीन और लापरवाह कार्यकर्ताओं के खिलाफ निर्णय लेगा।
बूथ प्रबंधन पर फोकस, 51 प्रतिशत का लक्ष्य
बूथ प्रबंधन पर भाजपा का हमेशा ही फोकस रहा है। लेकिन इस बार बूथ कमेटियों को विस्तार देने के बाद 51 प्रतिशत वोटिंग का लक्ष्य रखा गया है। -अश्वनी त्यागी, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा